विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने दस विश्वविद्यालयों में कई विभागों में गड़बड़ियों की शिकायत को ध्यान में रखते हुए इसी साल 25 अप्रैल को ऑडिट कमेटी बनाई थी. जिसे विश्वविद्यालय के प्रशासन, शैक्षणिक स्तर और शोध के स्तर की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपनी थी. इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के नाम से धार्मिक शब्दों को हटाए जाने की सिफारिश भी की है. बताते चलें कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय उन दस विश्वविद्यालयों में शामिल नहीं था, जिनकी जांच का जिम्मा इस कमेटी को सौंपा गया था. सिफारिश सौंपने के कुछ ही घंटों के अंतराल में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावडेकर और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने सफाई देते हुए इन्हें बहुत पुराने संस्थान बताया और 'सरकार की नाम बदलने की कोई मंशा नहीं है' इससे भी अवगत कराया. पर इसी के साथ एक बार फिर इन शब्दों के हटाए जाने को लेकर बहस छिड़ गई है. ये कोई पहला सुझाव नहीं है. आजादी के बाद से ही इस पर बहस जारी है. सबसे पहले मौलाना आजाद ने की थी मांग भारत के पहले शिक्षामंत...