Skip to main content

Posts

Showing posts with the label Sitaram Yechury

राहुल गाँधी की दो सीटों से लड़ने की क्या मजबूरी है?

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार   पिछले कुछ चुनावों से कांग्रेस का ग्राफ जिस तेजी से निरन्तर गिर रहा है, शायद ही किसी ने कल्पना की होगी। जिस पर कांग्रेस ने कभी मन्थन नहीं किया, क्योकि कांग्रेस बुद्धिजीवी वर्ग ने भी इस ओर लेशमात्र भी चिन्तन करने का प्रयास नहीं किया। कांग्रेस केवल एक ही परिवार पर निर्भर रही और रहना भी चाहती है। कांग्रेस की इस डूबती नैया में यदि परिवार दोषी है तो बुद्धिजीवी वर्ग भी कम दोषी नहीं। प्रियंका वाड्रा को मैदान में उतार एक और गलती कर दी।   जब राहुल गाँधी को पार्टी अध्यक्ष बनाने की चर्चा चल रही थी, तब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था "जितनी जल्दी हो, राहुल गाँधी को अध्यक्ष बनाइए", जो आज चरितार्थ हो रहा है। राहुल गाँधी एक विशेष परिवार से है, कोई प्रधानमन्त्री नहीं, फिर कांग्रेस की अपनी पारम्परिक अमेठी के साथ-साथ केरल से चुनाव लड़ने के पीछे क्या रहस्य है? क्या अमेठी में कांग्रेस ने हार स्वीकार कर ली है? प्रधानमन्त्री उम्मीदवार को ही दो सीटों से चुनाव लड़ते देखा है, किसी पार्टी अध्यक्ष को नहीं। अन्य दल भाजपा को हराने के लिए...

चुनाव 2019: पश्चिम बंगाल में भाजपा अपनी जमीन बनाने में जुटी

भाजपा ने पश्चिम बंगाल लोकसभा चुनाव के लिए एजेंडा जारी किया है-‘ इबार बांग्ला’ (इस बार बंगाल)। वह इस मनोभाव में यूं ही नहीं आई। ममता के खिलाफ भाजपा और संघ लगभग वही तरीके आजमा रहे हैं, जिन तरीकों से कभी ममता ने कामरेडों की सरकार को हटाने की जमीन मजबूत की। वह यहां लगातार फैलती, मजबूत होती जा रही है। ममता ने दुर्गापूजा को अपना जनाधार बढ़ाने और कम्युनिस्टों के खिलाफ माहौल बनाने का माध्यम बनाया था। ‘नो रिफ्यूजल’ में छुपा तृणमूल कांग्रेस का मिजाज कोलकाता शहर में किराए की सभी टैक्सियों पर ‘नो रिफ्यूजल’ लिखा है। यानी, इनकार नहीं। जो कहा, करो। इसे ममता बनर्जी सरकार ने लिखवाया है। बेशक, यह यात्रियों की सुविधा के लिए है, लेकिन यह सरकार और तृणमूल कांग्रेस के पूरे मिजाज की भी उतनी ही गवाही है कि उसे इनकार या नाफरमानी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं। उसने स्थानीय निकाय चुनाव में खुलकर दिखाया भी कि कैसे लोगों से अपनी बात मनवाई जाती हैै। हालांकि, उसके एकछत्र राज में ऐसे कई सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या तृणमूल कांग्रेस और भाजपा में अंदरूनी समझौता है? तृणमूल कांग्रेस और भाजपा में अंदरूनी समझौते के पीछे के तर्क क...

AUTHOR

My photo
shannomagan
To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)