स्कूलों में योगा करवाने, गायत्री मन्त्र, वन्दे मातरम बोलने या राष्ट्रगान गाने पर किसी मौलाना के विरोध करने से पहले छद्दम समाजवादी और धर्म-निरपेक्ष गैंग इतना विधवा विलाप करने लगते है, कि पूछो मत। मेरी आयु के अधिकतर लोग शायद नगर निगम एवं सरकारी स्कूलों में ही शिक्षा ग्रहण करने गए होंगे। क्या उस समय स्कूलों में PTका पीरियड नहीं होता था, जिसे बदलते परिवेश में योगा का नाम दे दिया गया है; फिर पहले अखाड़े होते थे, जिनकी जगह जिम ने ले ली। वास्तव में कल के अखाड़े आज के जिम कहीं अधिक लाभकारी थे, इस अंतर को शान्त भाव से समझना होगा और जनता को समझाना होगा, न कि अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंकने बैठ जाएँ।
अपने विद्यार्थी जीवन से कुछ वर्ष पूर्व तक किसी स्कूल के नाम के आगे अल्पसंख्यक नहीं लिखा देखा, लेकिन वोट के भूखे इन दोगले नेताओं ने शिक्षा मंदिरों पर घिनौनी राजनीती खेल समस्त वातावरण दूषित कर दिया। हर जगह साम्प्रदायिकता, जरा भी शर्म नहीं आती या आयी शिक्षा क्षेत्र को भी गन्दा करने में।
मेवात के जिस स्कूल में जबरदस्ती नमाज पढ़वाने की घटना हुई है, उस अध्यापक के साथ-साथ इन छद्दम धर्म-निरपेक्ष नेताओं को दण्डित करने की जरुरत है, इन्ही लोगों ने राजनीति को समाज सेवा कम और व्यापार बना दिया है। देश को साम्प्रदायिकता के बारूद पर रख दिया है। सियासत करने आते है गरीब बनकर और चंद ही वर्षों में धन्ना सेठ बन दादागिरी करने लगते हैं।
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हरियाणा के मेवात में दो हिंदू बच्चों को जबरन नमाज पढ़वाने का आरोप है। यह आरोप वहां के एक स्कूल के तीन टीचरों पर लगा है। जिसके बाद दो टीचरों को सस्पेंड कर दिया गया है और एक का ट्रांसफर हो गया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, वहां मेवात विकास एजेंसी (एमडीए) कुछ सरकारी स्कूल चलाती है। उनमें से ही एक स्कूल में ऐसा हुआ। जिस स्कूल में ऐसा होने की बात कही जा रही है उसमें 207 बच्चे पढ़ते हैं। 22 जुलाई को हिंदू परिवार ने डिप्टी कमिश्नर मणि राम शर्मा के पास जाकर शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद उन तीन टीचरों पर स्कूल को एक्शन लेना पड़ा।
टीचर इंचार्ज नवीन शक्ति के मुताबिक, स्कूल के दूसरे बच्चों ने भी बताया कि टीचर दोनों हिंदू बच्चों को इस्लाम के तौर-तरीकों से रहने और नमाज पढ़ने का दबाव बनाते थे। स्कूल के बाकी बच्चों के मुताबिक, उन तीन टीचरों ने दोनों हिंदू बच्चों से धर्म परिवर्तन करने के लिए भी कहा था। जिन दो बच्चों द्वारा यह आरोप लगाया गया है उनमें से एक आठवीं और दूसरा नौंवी क्लास में है।
मामले की जांच के लिए फिलहाल एक कमेटी बना दी गई है। कमेटी में जिला शिक्षा अधिकारी समेत कुल तीन लोग हैं। मेवात विकास एजेंसी के प्रोजेक्ट ऑफिसर ने कहा कि परिवार की शिकायत मिलते ही एक्शन लिया गया और टीचरों को निकाल दिया गया। जल्द ही सारी सच्चाई सबके सामने होगी। दो को हटाने और एक के ट्रांसफर के बाद स्कूल में फिलहाल पांच टीचर बचे हैं।
टीवी डिबेट में एंकर से बोले मौलाना, हिंदुओं के घर में भी पढ़ेंगे नमाज
सुरेश चव्हाणके के इस ट्वीट पर कई यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाएं भी दी हैं। कई यूजर्स ने चैनल के चीफ पर भी पर निशाना साधा है। एक यूजर अनुपम लिखते हैं, ‘गुरु जी आप ने तो मुस्लिमों का बायकॉट कर रखा है। फिर भी इन्हें लाइव टीवी डिबेट में बुलाते हो और जब ये कुछ बोले तो आप परेशान हो जाते हो।’ भूषण लिखते हैं, ‘ऐसा सिर्फ वहीं हो सकता है जहां हिंदू बहुसंख्यक हो। क्या कोई हिंदू पाकिस्तान में बोल सकता है कि वो मुस्लिमों के घर में पूजा करेगा।’ स्वामी लिखते हैं, ‘मौलाना भूल रहे है कि अब भारतीय लोकतंत्र इस्लामिक गुलामी से साल 2014 में आजाद हो गया है। अब कानून सब पर बराबर लागू होगा।’ एक यूजर लिखते हैं, ‘मुस्लिमों को थोड़ी ढील दोगे तो यही होने वाला है। यही उनकी सच्चाई है जो सामने आ गई।’ अशोक उपाध्याय लिखते हैं, ‘मुस्लिम सिर्फ धमकियों का सहारे जिंदा हैं।’ भोपाली लिखते हैं, ‘वाह क्या बात है। लोग घर में घुसकर मारने की धमकी देते हैं और ये साहब घर में घुसकर नमाज पढ़ने की धमकी दे रहे हैं।’ एके शुक्ला मौलाना के इस बयान को शर्मनाक करार देते हुए लिखते हैं, ‘ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।’
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