
जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लगने के बाद सेना और पुलिस ने आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में तेजी लाने के संकेत दिए हैं। राज्य के डीजीपी एसपी वैद ने कहा है कि राज्यपाल शासन लगने से आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाना काफी आसान हो जाएगा। आतंकियों के खिलाफ हम बेहतर तरीके से हमारी रणनीति को लागू कर पाएंगे। इसका असर आने वाले वक्त में घाटी की सुरक्षा पर दिखेगा। वहीं, आर्मी चीफ बिपिन रावत ने जून 20 को कहा कि सेना आतंकियों के खिलाफ पहले जैसी ही कार्रवाई करेगी, राजनीतिक घटना का हमारे अभियानों पर प्रभाव नहीं पड़ेगा।
एसपी वैद ने बताया, "कश्मीर में रमजान के दौरान आतंकियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन पर रोक लगाई गई थी। आतंकियों को इससे काफी फायदा मिला है, उन्होंने बताया कि रमजान सीजफायर के दौरान कैंप पर होने वाले हमलों का जवाब देने की इजाजत थी । इस वजह से आतंकी घटनाओं में इजाफा हुआ, लेकिन अब यह रोक हट गई है।
राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी की हत्या के मामले पर वैद ने कहा, "हमने एसआईटी का गठन किया है। पुलिस इस मामले को जल्द ही सुलझा लेगी।" इसी तरह आर्मी के शहीद जवान औरंगजेब के बारे में उन्होंने कहा, "आतंकियों की पहचान कर ली गई है, उनकी खोज की जा रही है। जल्द ही हम उन तक पहुंच जाएंगे।"जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन लगने को लेकर जनरल रावत ने दिया बड़ा बयान
सेना प्रमुख ने कहा है कि, 'हमने अपने सारे आपरेशन को महज रमजान के दौरान ही रोक रखे थे, जो जम्मू कश्मीर में चल रहे हैं, हालांकि हमें यह अच्छी तरह देख लिया कि आखिर इसका परिणाम क्या हुआ। वहीं मौजूदा समय में जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन लगा हुआ है, जिसका हमपर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा।'
सेना प्रमुख का जम्मू कश्मीर को लेकर दिया गया बयान इस लिहाज से भी मायने रखता है कि क्योंकि हालिया समय में केन्द्र सरकार वाली बीजेपी ने जम्मू कश्मीर की पीडीपी पार्टी से गठबंधन तोड़ लिए थे। इसके कारण वहां सरकार अल्पमत में चली गयी और मजबूरन महबूबा मुफ्ती को मुख्यमंत्री पद से हटना पड़ा।
रमजान के दौरान आतंकी घटनाओं में 17 जवान शहीद:रमजान में सर्च ऑपरेशन पर रोक थी, लेकिन जवाबी कार्रवाई पर रोक नहीं थी। सीजफायर के दौरान आतंकी घटनाओं में बढ़ोत्तरी देखी गई। इस दौरान जम्मू-कश्मीर में 22 आतंकी मारे गए। सेना, बीएसएफ और पुलिस के 17 जवान शहीद हुए।
| रमजान | आतंकी घटनाएं | मौतें | पत्थरबाजी | कितने आतंकी ढेर | कितने शहीद |
| 2017 | 9* | 42 | 200 | 22 | 9 |
| 2018 | 66 | 41 | 60 | 27 | 17 |
आतंकियों के खिलाफ तेज होगा ऑपरेशन ऑल आउट:राज्यपाल के जरिए कमान केंद्र के हाथ में होगी। सूत्रों के मुताबिक, सरकार अब आक्रामकता दिखाएगी। अमरनाथ यात्रा पर हमले का इनपुट है। इसे ध्यान में रखकर घाटी में ऑपरेशन तेज होंगे। रमजान में 300 ऐसे कट्टरपंथियों की लिस्ट बनाई गई है, जो युवाओं को आतंकवाद की ओर धकेल रहे हैं। एक सूत्र ने बताया कि सितंबर-अक्टूबर में पीडीपी के फैसले के बाद ऑपरेशन ऑल आउट तेज करते तो बर्फबारी की वजह से दिक्कतें आतीं।
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