पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता कि मौत के बाद उनके विश्वसनीय ओ पन्नीरसेल्वम को राज्य की कमान सौंपी थी। लेकिन कुछ दिनों के बाद सेल्वम ने शशिकला के लिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। बाद में उन्होंने पार्टी से बगावत कर ली थी। कोर्ट के फैसले द्वारा शशिकला को 4 साल सजा के बाद भी शशिकला ने रिसोर्ट में विधायकों के साथ बैठक की।
शशिकला ने यह बैठक पार्टी की आगे की रणनीति तय करने के लिए की थी। जिस दौरान शशिकला ने पन्नीरसेल्वम को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। पार्टी विधायकों की बैठक में ई. पलानीस्वामी को विधायक दल का नेता चुन लिया गया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि शशिकला को तुरंत अदालत जाकर सरेंडर करना होगा। अब उनके पास सिर्फ पुर्नविचार याचिका दायर करने का विकल्प है।
जयललिता की करीबी और अन्नाद्रमुक की महासचिव वीके शशिकला पर आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने शशिकला को 4 साल की सजा सुनाई है। अब शशिकला 6 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगी। इस फैसले के बाद ओ. पन्नीरसेल्वम के हाथ में तमिलनाडु की सत्ता आ सकती है। कहा जाए तो एक तरह से उनका रास्ता साफ हो गया है।
शशिकला के अलावा सुधाकरन और इल्वरासी को 4 साल की कैद और 10-10 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। जयललिता के दिवंगत हो जाने के चलते उनका मामला खत्म कर दिया गया है.सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि उन्हें तुरंत अदालत जाकर सरेंडर करना होगा। अब उनके पास सिर्फ पुर्नविचार याचिका दायर करने का विकल्प है लेकिन उसमें भी समय लगेगा।
अब एडीएमके को शशिकला की जगह नया महासचिव चुनना पड़ सकता है।
कर्नाटक हाईकोर्ट ने जयललिता, शशिकला और शशिकला के दो रिश्तेदारों वीएन सुधाकरण व इलावरासी को इस मामले से बरी कर दिया था। हाईकोर्ट के इसी फैसले को कर्नाटक सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद वीके शशिकला ने अपने विश्वस्त को कमान सौंपने का फैसला किया है। AIADMK ने इदापदी के. पलानीसामी को विधायक दल का नेता घोषित किया है। तमिलनाडु के सीएम ओ. पन्नीरसेल्वम से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छीन ली गई है। AIADMK के मुताबिक, ई. पलानीसामी को पार्टी के विधायक दल के नेता के रूप में समर्थन का विधायकों के हस्ताक्षर वाला एक पत्र गवर्नर को भेजा गया है। दूसरी तरफ, पन्नीरसेल्वम लगातार हमलावर बने हुए हैं। उन्होंने मंगलवार को शीर्ष अदालत के फैसले के बाद कहा, ”पूज्यनीय अम्मा द्वारा जो काम अधूरा छोड़ा गया है, मैं AIADMK विधायकों और मंत्रियों से अपना काम शुरू करने की अपील करता हूं। मैं लाखों-लाख लोगों को हमें सपोर्ट करने के लिए धन्यवाद देता हूं। किसी अन्य पार्टी के समर्थन के बिना हमारी अपनी सरकार चलती रहेगी।”
सोमवार को न्यायमूर्ति पी सी घोष और न्यायमूर्ति अमिताभ रॉय की पीठ ने यह फैसला सुनाया। शशिकला को चार साल की सजा और 10 करोड़ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। इस सजा के चलते वह 10 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगी। कानून है कि सजा पाया व्यक्ति सजा की अवधि के बाद 6 साल तक चुनाव नहीं लड़ सकता है। शशिकला के दो साथियों को भी सजा सुनाई गई है।
जयललिता के निधन के बाद पन्नीरसेल्वम को तमिलनाडु का सीएम बनाया गया था। लेकिन पिछले दिनों शशिकला के ‘दबाव’ के चलते उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से AIADMK दो धड़ों में बंट गई थी। एक पक्ष शशिकला की तरफ था तो दूसरा पन्नीरसेल्वम के। दोनों ओर से एक-दूसरे पर आरोप भी लगाए जा रहे थे।
विरोधी डीएमके ने भी शशिकला पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया दी है। डीएमके नेता एमके स्टालिन ने कहा, ”21 साल बाद न्याय हुआ है। यह राजनेताओं के लिए एक उदाहरण होगा कि वह भ्रष्टाचार-मुक्त रहें। मैं गवर्नर से अनुरोध करता हूं कि राज्य में स्थायी प्रबंधन के लिए कदम उठाएं।”
सुप्रीम कोर्ट द्वारा शशिकला को दोषी करार दिए जाने के बाद तमिलनाडु में जगह-जगह ओ. पन्नीरसेल्वम के समर्थक जश्न मना रहे हैं। पन्नीरसेल्वम समर्थकों ने पटाखे फोड़ और आतिशबाजी के जरिए शशिकला को सजा होने पर खुशी मनाई।
17 दिसंबर 2014 को निचली अदालत ने जयललिता सहित शशिकला को चार साल की सजा सुनाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले का बरकरार रखते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया। शशिकला पर 66 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का मामला था। यह मामला 20साल से भी पुराना है। इस मामले में भी जयललिता भी आरोपी थीं। हालांकि उच्चतम न्यायालय ने जे जयललिता के पांच दिसंबर को हुए निधन को ध्यान में रखते हुए उनके खिलाफ दायर अपीलों पर कार्यवाही खत्म की। ट्रायल कोर्ट के आदेश के बाद शशिकला 27 दिन तक जेल में रही थीं।
शशिकला को दोषी करार दिए जाने के बाद अब ओपी पन्नीरसेल्वम का रास्ता साफ हो गया है। गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से तमिलनाडु में सीएम पद की दावेदारी के चलते राजनीतिक संकट गहराया हुआ है। शशिकला मुख्यमंत्री पद की दावेदारी कर रही थीं। इस संबंध में उन्होंने पन्नीरसेल्वम से इस्तीफा भी ले लिया था। हालांकि बाद में पन्नीरसेल्वम ने कहा था कि उन पर इस्तीफा देने का दबाव डाला गया। शशिकला तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री और दिवंगत नेता के जयललिता करीबी थीं। वह जया के साथ ही उनके बंगले में रहती थीं।



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