लंबी बीमारी के बाद सोमवार देर रात तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता का निधन हो गया। इस मौके पर कोई उन्हें अपने-अपने तरीके से याद कर रहा है। जयललिता ने सोमवार की रात दम तोड़ दिया। उन्होंने रात 11:30 बजे अंतिम सांस ली और उसके बाद उनका लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटा लिया गया। वह गत 22 सितंबर से अपोलो अस्पताल में भर्ती थीं।
जयललिता का जन्म 24 फरवरी, 1948 को कर्नाटक राज्य के मैसूर में हुआ था। उन्होंने बेंगलुरु के बिशप कॉटन गर्ल्स से हाई स्कूल की शिक्षा प्राप्त की। बाद में जब उनकी मां ने तमिलनाडु की फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेत्री के तौर पर करियर शुरू किया तो उन्होंने चेन्नई के प्रजेंटेशन कॉन्वेंट में दाखिला लिया।
सूत्रों के अनुसार मुलाकात में मोदी ने जयललिता को बताया कि ‘तमिलनाडु के कई कारोबारी गुजरात में निवेश के लिए पूछताछ कर रहे हैं। क्योंकि आपकी सहयोगी शशिकला नटराजन और उनका परिवार कारोबारियों से अवैध वसूली कर रहा है। जब यह बात जयललिता को पता चली तो उनके हैरानी का ठिकाना नहीं रहा। उन्हें एक बार को यकीन ही नहीं हुआ कि उनके साथ दोस्त बनकर रहने वाली महिला उनसे इतना बड़ा धोखा कर रही है। न्यूज मैगजीन ‘तहलका’ ने तब जयललिता के एक करीबी AIADMK नेता के हवाले से यह खुलासा किया था।
बताया जाता है कि मुलाकात के दौरान मोदी ने जयललिता से उनकी गिरती सेहत के बारे में भी बात की थी। मोदी ने नोटिस किया कि उनका चेहरा नीला पड़ता जा रहा है। इस पर उन्होंने सलाह दी कि ‘हो सके तो अपने खान-पान पर नज़र रखिए। आपकी सेहत को लेकर मुझे चिंता हो रही है।’ मोदी से मुलाकात के बाद जयललिता बहुत सतर्क हो गईं। उन्होंने सरकारी ठेकों की फाइलों से लेकर अपने खाने तक पर पहरा बिठा दिया। तब उन्होंने एक डॉक्टर से संपर्क करके अपनी सेहत की जांच करवाई, जिसमें जहर दिए जाने की पुष्टि हुई।
जांच में पता चला कि जयललिता के खाने में वहां नियुक्त नर्स एक धीमा जहर मिला रही थी। ये एक तरह का सेडेटिव केमिकल था। जिसके शरीर में जाने से सुस्ती और नींद आती है। लगातार कई दिनों तक इसे खाने से मौत हो सकती है। यह जहर भी बहुत सोच-समझकर चुना गया था। क्योंकि अगर इससे उनकी मौत हो जाती तो सभी लोग यही समझते कि वो कोई दवा ले रही थीं। आरोपी नर्स को जयललिता की दोस्त शशिकला ने ही नौकरी पर रखा था। पूछताछ में नर्स ने कबूला कि खाने में जहर मिलाने के लिए शशिकला ने ही कहा था।
तमिलनाडु सरकार ने मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के मद्देनजर मंगलवार से सात दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। मुख्य सचिव पी राम मोहन राव ने एक अधिसूचना में कहा कि इस अवधि में सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। इस दौरान कोई आधिकारिक मनोरंजन भी नहीं होगा। इसमें कहा गया है, “तमिलनाडु सरकार बड़े दुख के साथ तमिलनाडु की मुख्यमंत्री सेल्वी जयललिता के सोमवार, पांच दिसंबर 2016 को रात साढ़े ग्यारह बजे निधन होने की घोषणा करती है। छह दिसंबर से सात दिनों का राजकीय शोक होगा, इस अवधि में सभी सरकारी भवनों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। इस अवधि में आधिकारिक मनोरंजन भी नहीं होगा।
ज्ञात हो कि यह दावा भी किया जाता है कि शशिकला अपने पति नटराजन को मुख्यमंत्री बनवाने के लिए जयललिता को मारना चाहती थी। खुलासे के बाद जयललिता ने दिसंबर 2011 में शशिकला और उसके पूरे परिवार को अपने घर और पार्टी से निकाल दिया। हालांकि उन्होंने अपनी इस बेहद करीबी दोस्त के खिलाफ कोई एफआईआर तक नहीं दर्ज कराई। घर से निकालने के सिर्फ सौ दिन के अंदर ही शशिकला की पोएस गार्डन में वापसी भी हो गई। बताते हैं कि शशिकला ने मिलकर माफी मांग ली और जयललिता ने उन्हें माफ भी कर दिया। इसके बाद शशिकला का वो सियासी रुतबा तो नहीं रहा, लेकिन वो अब भी जय ललिता की करीबी बनी रहीं। आखिरी वक्त में अस्पताल में भी में शशिकला के अलावा कुछ गिने-चुने लोग ही उनके साथ थे।
वैसे नरेंद्र मोदी या खुद जयललिता ने इस वाकये के बारे में कभी कोई बयान नहीं दिया। जो कुछ भी जानकारी सामने आई वो AIADMK पार्टी के अंदरूनी लोगों के हवाले से मीडिया में छपी खबरें थीं। हालांकि इसका असर यह हुआ कि मोदी और जयललिता के संबंध राजनीति से बढ़कर हो गए। 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद जब मोदी प्रधानमंत्री बने तो जयललिता ने अपने सांसदों से कह दिया था कि वो संसद में ऐसा कुछ न करें जिससे नरेंद्र मोदी सरकार के लिए दिक्कत पैदा होती हो। तमिलनाडु और देश से जुड़े तमाम मुद्दों पर दोनों नेता हमेशा सीधे संपर्क में रहा करते थे। जिसका नतीजा हुआ कि केंद्र और तमिलनाडु सरकार के बीच कभी टकराव की स्थिति पैदा नहीं हुई।
जयललिता को शिक्षा और रोजगार में 69 प्रतिशत आरक्षण, लुभावने तोहफे बांटने और जल, सीमेंट और रियायती दरों पर कैंटीन जैसे ब्रांड अम्मा पहल सहित कई नयी योजनाएं, कार्यक्रम शुरू करने का श्रेय जाता है. जयललिता की लंबे समय तक सबसे विश्वस्त सहयोगी रहीं शशिकला नटराजन उनके साथ पोएस गार्डन में रहती थीं. पड़ोस के केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी ने भी जयललिता के सम्मान में मंगलवार को सभी सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में एक दिन की छुट्टी की घोषणा की है।
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