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‘गले लगाएँगे, 50 लाख रूपए देंगे… बस पुजारी को जेल भिजवाओ’: कर्नाटक में धर्मस्थल को बदनाम करने के पीछे था वामपंथी प्रकाश राज का भी हाथ?

                                               प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो साभार - chatGPT)
कर्नाटक के धर्मस्थल को बदनाम करने के मामले में साजिशकर्ता के तौर पर अब अभिनेता प्रकाश राज का नाम सामने के बाद विवाद फिर गहरा गया है। कर्नाटक हाई कोर्ट में दाखिल याचिका में मुख्य शिकायतकर्ता और पूर्व सफाईकर्मी CN चिन्नैया ने दावा किया है कि एक्टिविस्ट गिरीश मट्टन्नावर ने उसकी अभिनेता प्रकाश राज से फोन पर बात कराई थी और फोन पर ही प्रकाश राज ने उसे निर्देश दिए थे।

चिन्नैया के अनुसार, प्रकाश राज ने उससे अधिकारियों के सामने वही बातें कहने को कहा था, जो उसे पहले से समझाई गई थीं। यह दावा ऐसे समय सामने आया है, जब इसी मामले में SIT अपनी जाँच के बाद पहले ही कई शिकायतकर्ताओं और गवाहों पर झूठी जानकारी देकर जाँच को गुमराह करने का दावा कर चुकी है।

चिन्नैया ने अपनी याचिका में यह भी आरोप लगाया है कि धर्मस्थल और धर्माधिकारी (पुजारी) वीरेंद्र हेगड़े को निशाना बनाने के लिए एक बड़ी साजिश रची गई थी, जिसकी जाँच अभी जारी है।

प्रकाश राज का नाम कैसे आया?

हाई कोर्ट में दाखिल याचिका में चिन्नैया ने दावा किया कि एक्टिविस्ट गिरीश मट्टन्नावर ने उसे अभिनेता प्रकाश राज से फोन पर बात कराई थी। उसके अनुसार, प्रकाश राज ने तमिल भाषा में उससे कहा था कि वह अधिकारियों और जाँच एजेंसियों के सामने वही बयान दे, जो मट्टन्नावर ने उसे समझाया है।

चिन्नैया ने यह भी आरोप लगाया कि धर्मस्थल के खिलाफ अभियान चलाने वाले कुछ लोग लगातार उसके संपर्क में थे और उसे विशेष तरीके से बयान देने के लिए तैयार किया जा रहा था।

200 करोड़ की साजिश, 50 लाख का लालच और दबाव के आरोप

चिन्नैया ने याचिका में दावा किया कि एक्टिविस्ट महेश शेट्टी तिमरोडी ने उसे बताया था कि पूरी योजना का बजट लगभग 200 करोड़ रुपए है। उसने आरोप लगाया कि धर्मस्थल धर्माधिकारी वीरेंद्र हेगड़े को जेल भेजने में सहयोग करने पर उसे 50 लाख रुपए देने का वादा किया गया था।
याचिका में यह भी कहा गया है कि कुछ लोगों को बाहरी स्रोतों से आर्थिक मदद मिल रही थी और धर्मस्थल की छवि खराब करने के लिए सुनियोजित अभियान चलाया जा रहा था।
चिन्नैया ने आरोप लगाया कि उससे यूट्यूब चैनलों पर बयान दिलवाए गए, कोर्ट में क्या कहना है इसकी ट्रेनिंग दी गई और कई बार मानसिक तथा शारीरिक प्रताड़ना भी झेलनी पड़ी। उसने यह भी दावा किया कि जब उसने कथित झूठे आरोपों के साथ आगे बढ़ने में हिचक दिखाई तो उसे धमकियां दी गईं।

प्रकाश राज की सफाई

शिकायतकर्ता के इस दावे के बाद अभिनेता प्रकाश राज ने भी धर्मस्थल मामले से जुड़े अपने नाम को लेकर चल रही खबरों पर प्रतिक्रिया दी। सोशल मीडिया पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए, उन्होंने अफवाहों को निराधार बताया और कहा कि वे जल्द ही मीडिया से व्यक्तिगत रूप से बात करके सभी शंकाओं को दूर करेंगें।

कैसे शुरू हुआ धर्मस्थल मामला और जाँच में कैसे बदली पूरी कहानी?

पूरा मामला जून 2025 में सामने आया था, जब धर्मस्थल मंदिर के पूर्व सफाईकर्मी सीएन चिन्नैया ने दावा किया था कि उसे 1995 से 2014 के बीच महिलाओं, बच्चियों और अन्य लोगों के शव दफनाने के लिए मजबूर किया गया था।
उसने आरोप लगाया था कि धर्मस्थल के आसपास कई स्थानों पर सामूहिक कब्रें मौजूद हैं। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने जुलाई 2025 में SIT का गठन किया।
जाँच के दौरान चिन्नैया ने कई स्थानों की पहचान की, जहाँ खुदाई की गई। हालाँकि अधिकांश जगहों से उसके दावों की पुष्टि करने वाले सबूत नहीं मिले। जिस खोपड़ी और हड्डियों को उसने सबूत बताया था, उनकी जाँच में भी उसके आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी।
बाद में चिन्नैया ने अपने कई दावों से पीछे हटते हुए कहा कि वह कुछ लोगों के प्रभाव में था और उससे झूठे बयान दिलवाए गए थे। इसके बाद SIT ने करीब 3900 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर मुख्य शिकायतकर्ता समेत कई लोगों पर झूठी जानकारी देने, सबूत छिपाने और जाँच को गुमराह करने के आरोप लगाए।
SIT का दावा है कि धर्मस्थल में सामूहिक दफन की कहानी को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया या गलत तथ्यों के आधार पर प्रचारित किया गया। दिलचस्प बात यह रही कि जिन लोगों ने शुरुआत में FIR और जाँच की माँग की थी, बाद में उन्हीं में से कुछ लोग अदालत पहुँचकर FIR रद्द कराने की माँग करने लगे।

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shannomagan
To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)