मस्जिद के ढहने के बाद पांडव नगर स्थित 100 साल पुरानी दरगाह को ढहाए जाने की बात सुनकर लोगों को काफी हैरानी हो रही है। दरगाह के इमाम मौलाना अब्दुल रहीम का कहना है कि भले ही अनधिकृत जमीन पर वह दरगाह बना है, लेकिन वह धार्मिक संरचना है जो 100 साल पुरानी है। उन्होंने कहा, ‘मुझे कल डीडीए से एक फोन आया, जिसमें कहा गया कि मस्जिद ढहा दी जाएगी और हमें उसे खाली करने का आदेश दिया गया। जल्दबाजी और घबराहट में मैंने अपनी कम्युनिटी के लोगों को इस बात की सूचना दी और तभी से ही हम दरगाह की रक्षा कर रहे हैं।’ बता दें कि 1,000 वर्ग फुट पर बनी हजरत सईद भूरे शाह पीर दरगाह में एक मदरसा भी है, जिसमें करीब 200-250 बच्चे पढ़ते हैं।
लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर वर्तमान में दरगाह है वहां 100 साल पहले तक जंगल था, वहां दलदल था और किकर के पेड़ लगे हुए थे। उस वक्त भूरे शाह ने वहां दलदल को भरकर बच्चों को पीपल के पेड़ के नीचे पढ़ाना शुरू कर दिया था। 72 वर्षीय मोहम्मद इकबाल का कहना है, ‘हम जब छोटे थे तभी से ही दरगाह के इस रूप को देखते आए हैं। हमें कहा जाता था कि रात में पीपल का पेड़ चमकने लगता है, जिसके बाद ही दरगाह बनाने का फैसला किया गया, इसे ढहाया कैसे जा सकता है।’
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