
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को चिट्ठी लिखी है। इन चिट्ठियों में उन्होंने दोनों से मिलने का समय भी मांगा है। इन दोनों पत्रों को आप व अरविंद केजरीवाल के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर भी शेयर किया गया है। सामने आई चिट्ठियों में अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में व्यापारियों की दुकानों पर हो रही सीलिंग की कार्रवाई का मुद्दा उठाया है। उन्होंने इस कार्रवाई को जल्द से जल्द बंद करने और इससे संबंधित बिल बनाने व उसे पास करने की मांग की है।
केजरीवाल के हाथ सीलिंग का ऐसा मुद्दा है, जिसे यदि भुनाना चाहें तो दोनों हाथों से भुना सकते हैं। उन्हें चाहिए प्रधानमन्त्री मोदी और नगर निगम के महापौरों से पूछे कि "यदि यह अवैध दुकानें थीं, तो सर्वप्रथम तत्कालीन महापौर, लाइसेंसिंग अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही हो। क्यों उन्होंने अवैध दुकानों को स्थापित होने दिया? इन दुकानों के स्थापन से आज तक लगभग एक पीढ़ी का अंत हो गया है या होने को है, आज दुकानों को सील कर क्यों दुकानदारों के परिवारों को भुखमरी के कगार पर लाया जा रहा है? फिर जामा मस्जिद और दूसरे अन्य मुस्लिम क्षेत्रों में किस तरह सरकारी जमीन का अधिक्रमण कर दुकानें बनाई गयीं हैं, क्या वह अवैध नहीं? क्यों नहीं वहाँ भी कार्यवाही होती? क्या इसी को "सबका साथ, सबका विकास" कहते हैं? जब भी कानून का हंटर चलता है तो हिन्दुओं पर, क्यों?
पीएम को लिखी चिट्ठी में सीएम केजरीवाल ने कही ये बात
09 मार्च को पीएम मोदी को भेजे गए पत्र में सीएम केजरीवाल ने मिलने का समय मांगते हुए लिखा, 'दिल्ली में आजकल व्यापारियों की की दुकानें सील की जा रही हैं. ये वो व्यापारी हैं जो ईमानदारी के साथ 24 घंटे मेहनत करके अपना व्यापार चलाते हैं और सरकार को टैक्स देते हैं. ये बेईमान नहीं हैं. ये वो लोग हैं जो देश के विकास में अपना सहयोग दे रहे हैं'.
सीएम केजरीवाल ने सीलिंग के लिए कानून की विसंगतियों और केंद्र द्वारा कमियों को दूर करने के लिए कदम नहीं उठाए जाने को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार इन कमियों को दूर करे, क्योंकि इसका खामियाजा व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है. पत्र में केजरीवाल ने लिखा, 'केंद्र सरकार ने समय रहते विसंगतियों को दूर नहीं किया. अब इसका खामियाजा इन व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है'.
सीएम ने की बिल लाए जाने की मांग
सीएम ने सीलिंग से जुड़े कानून की विसंगतियों को दूर करने के लिए बिल लाए जाने का सुझाव दिया. साथ ही इस बात पर जोर दिया कि इस बिल को जल्द से जल्द लाकर संसद में पास किया जाए. उन्होंने कहा कि सीलिंग के कारण कई व्यापारी भूखमरी की कगार पर आ गए हैं. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि इस कार्रवाई से बड़ी संख्या में व्यापारी बेरोजगार हो जाएंगे, इससे राज्य की कानून व्यवस्था पर भी बुरा प्रभाव पड़ेगा. सीएम ने सीलिंग की कार्रवाई रोकने व बंद की गई दुकानों को दोबारा खोलने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री से मिलने का समय भी मांगा.
राहुल गांधी से भी मांगा मिलने का समय
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सीलिंग के मुद्दे को संसद में जोर-शोर से उठाने की मांग की ताकि केंद्र सरकार को इस पर बिल लाने व उसे पारित करने के लिए बाध्य किया जा सके. उन्होंने लिखा कि वे इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष से मिलना भी चाहते हैं.
भूख हड़ताल पर जाएंगे केजरीवाल
सीलिंग के मुद्दे का यदि 31 मार्च तक कोई समाधान नहीं होता है तो अरविंद केजरीवाल भूख हड़ताल पर जाएंगे. इस बात की घोषणा उन्होंने व्यापारियों को संबोधित करने के दौरान की थी. इसका वीडियो आप के ट्विटर हैंडल पर भी पोस्ट किया गया है. जिसमें लिखा गया है कि यदि सीलिंग की समस्या का समाधान नहीं होता है तो सीएम भूख हड़ताल पर जाएंगे ताकि केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जा सके.


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