इससे पहले आज संसद में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाक को यह कह कर चेतावनी दी कि अगर पूर्व भारतीय नौसैनिक को फांसी की सज़ा दी जाती है तो उसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। इस मामले पर मोदी सरकार का पक्ष रखते हुए उन्होंने कहा कि ‘भूषण के खिलाफ़ कुछ भी ग़लत करने के सबूत नहीं हैं, दुनिया में आतंक की प्रयोगशाला के तौर पर पहचान रख रहा देश उन्हें साज़िशन इस मामले में भारत को बदनाम करने के लिए फंसा रहा है।
क्या है कुलभूषण जाधव का मामला ?
पाकिस्तान की सैन्य कोर्ट ने कुलभूषण को देश में जासूसी करने के आरोप में फांसी की सज़ा सुनाई थी। जबकि, भारत का दावा है कि कुलभूषण को ईरान से अगवा किया गया है।
क्या है रक्षा विशेषज्ञों की राय ?
रक्षा जानकारों की राय में कुलभूषण पर चला मुकदमा ग़लत है। यह आर्मी की फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल के ज़रिये चलाया गया, जिसका मतलब यह है कि सैन्य जूरी कानूनी तौर पर प्रशिक्षित नहीं थी। वह स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं थी। वह पूरी तरह पाकिस्तानी सेना के कमांड और कंट्रोल में काम करती है। यह अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन ऑफ सिविल एंड पॉलिटिकल राइट्स के आर्टिकल 14 के विरुद्ध है।
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