आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार
कुछ महीने पहले कांग्रेस छोड़ने वाले गुजरात के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमन्त्री रहे शंकर सिंह वाघेला ने कहा है कि राज्य में जारी चुनाव में भाजपा की ही जीत होगी। वाघेला ने कहा कि कांग्रेस ने तो हारने की सुपारी ले ली है। उन्होंने ये भी कहा कि कांग्रेस के पास गुजरात में असेंबली इलेक्शन जीतने का यह अच्छा मौका था।
न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में 77 साल के वाघेला ने कहा नतीजों को लेकर शंका नहीं है। गुजरात विधानसभा में बीजेपी को बहुमत मिल जाएगा।
वाघेला ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया. कहा- उसकी सेंट्रल लीडरशिप ने तो चुनाव हारने के लिए भाजपा से सुपारी ले ली है। इसलिए मैं कह रहा हूं कि भाजपा को बहुमत भी आसानी से हासिल हो जाएगा।
पाटीदार नेता हार्दिक पटेल बारे में पूछे गए एक सवाल पर वाघेला ने कहा इस चुनाव के बाद हार्दिक पटेल इतिहास की बात हो जाएँगे। लोगों ने उन्हें अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया. आप देखना, जैसे ही इलेक्शन खत्म होगा. हार्दिक पटेल भी इतिहास की बात हो जाएँगे।
इसमें दो राय नहीं, गुजरात के इस चुनाव के बाद सिर्फ हार्दिक पटेल ही नहीं और दूसरे नौसिखिए भी इतिहास बनने के कगार पर हैं। इस बात पर शंका व्यक्त की जा रही है, कांग्रेस की साख में और भी गिरावट आने के स्पष्ट संकेत दे रहे हैं। दरअसल,गुजरात चुनाव हो अथवा कहीं और मोदी को देखते ही कांग्रेस और दूसरे विपक्षी कुछ का कुछ बोलने लगते हैं।
कांग्रेस के कुछ नेता नहीं चाहते कि पार्टी जीते
वाघेला 1996 से 1997 तक यानी करीब एक साल गुजरात के सीएम रह चुके है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा मैंने एक बार राहुल गांधी से कहा था कि कांग्रेस राज्य में 90 तक सीटें जीतकर सरकार बना सकती है।
मैंने उनसे ये भी कहा था कि मैं चीफ मिनिस्टर नहीं बनना चाहता. उन्होंने भी मुझसे वादा किया था कि वो दिल्ली में मेरे दोस्त बने रहेंगे और गुजरात में पार्टी चलाने में मेरी मदद करेंगे। लेकिन, पार्टी हाईकमान में कुछ लोग ऐसे हैं जो नहीं चाहते कि पार्टी चुनाव जीते।
कांग्रेस को चाहिए था कि गुजरात में अपने आपको बनाए रखने के लिए वाघेला किसी कीमत पर पार्टी में ही रखना था। फिर अहमद पटेल को मुख्यमन्त्री बनाने की चर्चा ने पार्टी को उसी तरह पीछे धकेल दिया,जिस तरह दिल्ली में किरण बेदी को मुख्यमन्त्री बनाने की घोषणा ने। सोने पर सुहागा मणिशंकर अय्यर ने मोदी के लिए अपशब्द बोल कर दिया। गुजरात अभी पिछले चुनाव में सोनिया गाँधी द्वारा मोदी को "मौत का सौदागर" कहे जाने का दर्द भूल भी नहीं पाया था कि एक से बढ़कर एक मोदी यानि एक गुजराती को कुंठित करने से नहीं चूक रहे थे और चुनाव के चलते अय्यर द्वारा अपशब्द ने तो कांग्रेस की अचानक चाद्दर ही खींचली।
भाजपा को समर्थन देने पर वाघेला ने कहा भाजपा ने मेरे बेटे के लिए टिकट ऑफर किया था। लेकिन, मैंने इससे इनकार कर दिया। इसलिए, भाजपा को सपोर्ट करने का सवाल ही नहीं है। वाघेला ने कहा कि वो सियासत में बने रहेंगे।
गुजरात चुनाव में पाकिस्तानी हाथ?
प्रचार के दौरान रविवार (10 दिसंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात चुनाव में पाकिस्तान का ‘हाथ’ होने का आरोप लगाया। सूत्रों के अनुसार, उस बैठक में पूर्व भारतीय सेना प्रमुख, पूर्व विदेश सचिव और पाकिस्तान में स्थित भारतीय उच्चायोग में काम कर चुके राजनयिक मौजूद थे। डिनर के साथ यह बैठक 6 दिसंबर को कांग्रेस नेता मणि शंकर अय्यर के दिल्ली आवास पर हुई। उस समय पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद भारत आए हुए थे। सूत्रों के मुताबिक, अय्यर द्वारा दिए गए डिनर में शामिल हुए लोगों में पूर्व सेना प्रमुख दीपक कपूर, पूर्व विदेश मंत्री के. नटवर सिंह शामिल हुए। इसके अलावा पूर्व राजनयिकों में सलमान हैदर, टीसीए राघवन, शरत सभरवाल, के. शंकर बाजपेई और चिन्मय घरेखान भी डिनर में मौजूद रहे। बाजपेई, राघवन और सभरवाल ने पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग में सेवाएं दी हैं। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी भी डिनर में मौजूद रहे। जनरल कपूर ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से बातचीत में इस तथ्य की पुष्टि की।अवलोकन करें :--
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने डिनर में मौजूद लोगों में से मेजबान अय्यर के अलावा चार अन्य से संपर्क किया। अय्यर ने कहा कि यह ”कसूरी जानने वालों या पाकिस्तान में डिप्लोमेट्स रहे लोगों का गेट-टुगेटर था” और इसका ”देश की राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।” सिर्फ जनरल कपूर ने ऑन रिकॉर्ड बात की, अन्य ने कहा कि वे चुनाव के दौरान किसी राजनैतिक बहस में नहीं घसीटे जाना चाहते। अय्यर ने टिप्पणी से इनकार कर दिया।
गुजरात के पालनपुर में चुनावी रैली को संबोधित करते समय, मोदी ने आरोप लगाया था विधानसभा चुनाव में पाकिस्तान ‘हस्तक्षेप’ कर रहा है। मोदी ने अपनी बात के प्रमाण में कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने अय्यर के आवास पर पाकिस्तान के नेताओं से मुलाकात की थी। मोदी ने कहा, ”अगले दिन, मणि शंकर अय्यर ने कहा कि मोदी ‘नीच’ है। यह गंभीर मामला है… और उस बैठक के बाद, गुजरात के लोग, पिछड़ी जातियां, गरीब लोग और मोदी का अपमान हुआ। आपको नहीं लगता कि ऐसी घटनाओं से शक होता है?”
हालांकि डिनर में शामिल हुए लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि यह एक निजी कार्यक्रम था, इस दौरान भारत-पाकिस्तान संबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। एक शख्स ने कहा, ”वहां करीब 20 लोग थे और हमने आतंकवाद, हाफिज सईद और कश्मीर वगैरह पर बात की।” सूत्रों के अनुसार मनमोहन सिंह को डिनर से पहले चर्चा के आमंत्रित किया गया था, मगर उन्होंने सिर्फ डिनर के लिए हामी भरी।
1977 में आपातकाल के बाद हुए चुनावों में कांग्रेस को बहुत पीछे धकेल दिया। तब से आज तक कांग्रेस बिना बैसाखी के चलने में पूर्णरूप से असमर्थ है। अपने दम पर चलना शायद भूल ही गयी है। तब से लेकर 2014 तक केन्द्र में जितनी बार सरकार बनायीं, --मात्र 1985 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद हुए चुनाव को छोड़-- सभी बैसाखियों के दम पर।
दूसरे, देश में साम्प्रदायिक दंगे, तुष्टिकरण और पाकिस्तान के सहयोग से आतंकवादी गतिविधियों से अपने घोटालों पर पर्दा डाल राज करती रही।
तीसरे, 2012 गुजरात चुनाव दौरान भी केन्द्र में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने पाकिस्तान के एक मन्त्री को भारत को बुलाया था। उस पर अपनी चुनावी सभा में तत्कालीन मुख्यमंत्री, वर्तमान भारत के प्रधानमन्त्री, इसी नरेन्द्र मोदी ने सख्त शब्दों में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के विरुद्ध एक शेर की भाँति ललकारा था। वही भाषण था, जिसे सुन मेरी दिली इच्छा थी कि भारत का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हो या नरेन्द्र मोदी जैसा हो। और अब पाकिस्तान द्वारा अहमद पटेल का गुजरात मुख्यमंत्री बनने की इच्छा ने स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस और पाकिस्तान का चोली दामन का साथ है और इसी कारण देश में आतंकवाद फलता-फूलता रहा और जिस आतंकवादी को पाकिस्तान मरवाना चाहता था, उसे भारत के सैनिकों या फांसी देकर मरवा देता था, ताकि किसी को कांग्रेस और पाकिस्तान के बीच साठगांठ पर शंका न होने पाए। अब समय आ गया है, कांग्रेस को पाकिस्तान के साथ अपने रिश्ते को स्पष्ट करना होगा।
अहमद पटेल को क्यों CM बनाना चाहते हैं पाक आर्मी के पूर्व चीफ?--मोदी
कांग्रेस नेताओं के एक समूह ने मणिशंकर अय्यर के आवास पर पाकिस्तान के उच्चायुक्त के साथ बैठक की, जिसके बाद ही अय्यर ने उन्हें (मोदी) ‘नीच’ कहा। साणंद में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि अय्यर के आवास पर हुई बैठक में पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी शामिल हुए थे। कांग्रेस पर निशाना जारी रखते हुए मोदी ने कहा, “अय्यर के आवास पर एक बैठक हुई थी, जिसमें पाकिस्तान के उच्चायुक्त, पाकिस्तान के विदेश मंत्री, अंसारी और मनमोहन सिंह मौजूद रहे थे। बैठक करीब तीन घंटे तक चली थी।” प्रधानमंत्री ने कहा, “बैठक के अगले दिन मणिशंकर ने मुझे ‘नीच’ कहा।” मोदी ने अपने अंदाज में जनता से पूछा, “मैं आपसे पूछता हूं, भाइयों-बहनों, उन्होंने पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ बैठक क्यों की। पाकिस्तान हमारा दुश्मन है। आपने उनसे मुलाकात की और अगले दिन मुझे ‘नीच’ कहा।”
पीएम मोदी ने पूछा, “क्या यह चिंता करने वाली बात नहीं है? क्या यह संदेह नहीं बढ़ाता? यहां कुछ संदेहास्पद लग रहा है? आपको बैठक में सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित करनी चाहिए थी। आप हमारे दुश्मन पड़ोसी के साथ गुप्त तरीके से बैठक क्यों कर रहे हैं? मोदी ने कहा, “क्या मुझे ‘नीच’ कहना गुजरात का अपमान नहीं है? क्या यह देश का अपमान नहीं है? जिन लोगों ने हमें वोट देकर सत्ता सौंपी है, क्या यह उन लोगों का अपमान नहीं है?”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि पाकिस्तान के पूर्व जनरल अरशद रफीक ने घोषणा की है कि वह कांग्रेस सांसद अहमद पटेल को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा, “क्यों? आप पाकिस्तान में हैं। आप क्यों हमारे देश के मामलों में रुचि ले रहे हैं?” मोदी ने कहा, “भाइयों और बहनों, क्या यह खतरे का संकेत नहीं है? यह सब और अय्यर के आवास पर बैठक। क्या है यह सब? मेरे दोस्तों, आपको मुझसे वादा करना होगा कि आप अहमदाबाद के सभी बूथों पर कांग्रेस को जड़ से उखाड़ फेकेंगे और भाजपा को भारी अंतर से जीत दिलाएंगे।” साणंद में 14 दिसंबर को मतदान है, नतीजे 18 दिसंबर को आएंगे।

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