पाकिस्तान के एनएसए नासिर जनुंजा ने पिछले हफ्ते अजीत डोभाल से दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के बारे में बात की थी।
सैनिकों पर हमला कर सकता है पाकिस्तान
भारत सरकार के टॉप लेवल पर यह आशंका है कि पाकिस्तान भारतीय सेना द्वारा पीओके में की गई सर्जिकल स्ट्राइक का बदला जरूर लेगा।
ऐसी आशंका जताई जा रही है किसी भी में पाकिस्तान भारत में कोई बड़ा आतंकी हमला कर सकता है। या पाकिस्तान भी सर्जिकल स्ट्राइक कर सैनिकों पर हमला कर सकता है।समय है भारतीय जनता को सतर्क एवं तत्पर रहने की। जरुरत है भारतीय तीनो सेनाओं और सरकार के साथ कन्धा मिलाकर चलने की। न कि भारत में सर्जिकल स्ट्राइक पर भारतीय फौज और सरकार के विरुद्ध आवाज़ बुलंद करने वालों के विरुद्ध कोई कार्यवाही करने की, उसे सरकार पर छोड़ जनता में किसी भय एवं उपद्रव की शंका को दूर करने का प्रयास करें। किसी भी तरह की अफवाह फ़ैलाने पर नज़र रखें। यदि किसी भी स्थान पर कोई संधिक दिखे निकटतम पुलिस को सूचित करें। यह कार्य भारत सरकार और फौज का मनोबल ऊँचा करेगा।
राहील के कार्यकाल पर भारत की नजर
भारत की नजर फिलहाल दो बातों पर है। पहली, यह देखना कि पाकिस्तान उड़ी जैसा ही कोई बड़ा हमला करता है या लगातार छोटे-छोटे हमले जारी रखता है।
जैसा कि पिछले कुछ दिनों में बारामूला, हंदवाड़ा और शोपियां में हुआ है। दूसरा, भारत पाकिस्तान के आर्मी चीफ राहील शरीफ नवंबर के बाद रिटायर होते हैं या पद पर बने रहते हैं। अगर राहील शरीफ का कार्यकाल बढ़ाया जाता है तो शायद इसका मतलब यह होगा कि पाकिस्तान के साथ लंबी लड़ाई की तैयारी में है।
एलओसी क्रॉस करना भारत के लिए बड़ी बात नहीं
इंडियन आर्मी द्वारा पीओके में 29 सितंबर की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद एक बात तो साफ है कि एलओसी क्रॉस करना भारत के लिए कोई बड़ी बात नहीं है। सर्जिकल स्ट्राइक करके पीओके में आतंकियों के लॉन्च पैड्स नष्ट करने का तत्कालिक मकसद था पाकिस्तानी सेना के कंफर्ट को तोड़ना।
भारत तैयार
अब अगर पाकिस्तान की ओर से सीजफायर का उल्लंघन किया जाता है या आतंकियों द्वारा किसी भी तरह का हमला होता है तो भारत भी उसका मुंहतोड़ देने के लिए तैयार है। तीसरी बात यह कि अगर अब भारत पर हमला होता है तो वह एलओसी की परवाह नहीं करेगा।
उड़ी हमले के बाद पाकिस्तान को भारत की ओर जवाबी कार्रवाई की आशंका तो थी। इसीलिए उसने अपनी चौकियों पर सुरक्षा बढ़ा दी थी लेकिन भारत ने उसके अनुमान से आगे जाकर पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दे दिया।
पिछले कुछ साल से बेबस था भारत
पिछले कुछ साल से पाकिस्तान हर चीज पर कंट्रोल कर रहा था। फिर चाहे वे छोटे-छोटे हमले कराना हो या मुंबई में बड़े आतंकी हमले कराना। इनके जवाब में भारत अपनी नाराजगी तो जाहिर करता था लेकिन कभी कूटनीतिक कार्रवाई से आगे नहीं जाता था।
भारत और पाकिस्तान दोनों को इस चलन की आदत पड़ गई थी और भारत की बेबसी बढ़ती जा रही थी। पाकिस्तान की ओर से आतंकी हमले तो होते ही थे, घुसपैठ की न जाने कितनी कोशिशें भी होती थीं।
पाकिस्तान में सिविलियन स्टैबलिशमेंट और मिलिटरी-आईएसआई में मतभेद बढ़ रहे हैं। अब भारत ने भी कूटनीतिक वार्ता से आगे जाकर मिलिटरी कार्रवाई के जरिए पाकिस्तान को कड़ा संदेश दे दिया है। इसलिए आने वाले वक्त में दोनों देशों के बीच चीजें काफी बदलने वाली हैं। फिलहाल भारत सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के मंसूबों को भांपकर चौकन्ना है। बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और सेना को अलर्ट मोड में रखा गया है।
Comments