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केजरीवाल ने की 2019 चुनावों की भविष्यवाणी, कहा- BJP को लगेगा झटका


आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी को लेकर ए​क भविष्यवाणी की हैै। आम आदमी पार्टी के संयोजक ने दावा किया कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को बड़ा झटका लगने वाला है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के कामकाज में दखलअंदाजी करने के कारण लोग भाजपा से नाराज हैं। 
CM Arvind kejriwal said only AAP and BJP is in fight, Congress seems to have a mere 9% voteदिल्ली के मुख्यमंत्री ने अगस्त 20 को हिंदी में ट्वीट कर कहा कि जनता भाजपा के सांसदों से खासी नाराज है और वह आम आदमी की दिल्ली सरकार से काफी खुश हैं। उन्होंने लिखा कि लोग इस बात से भी बहुत नाराज हैं कि भाजपा ने दिल्ली सरकार के कामों में रोड़े अटकाए, 2019 लोकसभा चुनावों में मोदी सरकार को बड़ा झटका लगने वाला है।
उन्होंने दावा किया है कि आगामी लोकसभा चुनाव में वो दिल्ली की सात में से चार सीटें जीतने जा रही है, जबकि बाकी तीन सीटों पर भाजपा संग उसका कड़ा मुकाबला है। पार्टी के मुताबिक उसने बूथवाइज सर्वे कराया है। सर्वे में लोगों से यह भी पूछा गया है कि आप और कांग्रेस के बीच गठबंधन की चर्चाओं को किस तरह लेते हैं? इसमें लोगों ने कहा कि वो गठबंधन के खिलाफ हैं। 
मुख्यमंत्री ने कहा 'आप' दिल्ली के हित में काम करती है 
 उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि दिल्ली के लोगों को लगता है कि केवल आम आदमी पार्टी ही दिल्ली वालों के हक के लिए लड़ती है। वहीं भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के सांसद कभी भी दिल्ली के हित के बारे में नहीं सोचते हैं। उन्होंने दिल्ली के लोगों से अपील करी कि दिल्ली के हित को ध्यान में रखते हुए आम आदमी पार्टी को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि यदि दिल्ली की सभी 07 सीटों पर आम आदमी पार्टी के सांसद होते तो न ही दिल्ली में सीलिंग होती और न ही मेट्रो का किराया बढ़ने दिया जाता
। 
सर्वे के मुताबिक चुनाव में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी को लोकसभा चुनाव में करीब 46 फीसदी वोट मिलने की उम्मीद है। भाजपा को 36 फीसदी वोट मिलते दिख रहे हैं जबकि कांग्रेस को सिर्फ 9 फीसदी वोट पर ही सिमटती हुई दिखाई दे रही है। इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को लगता है कि अगर दिल्ली के सभी सातों सांसद आप के होते तो मेट्रो का किराया नहीं बढ़ता। 
इस सन्दर्भ में अवलोकन करें:--

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July 20
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सर्वे के मुताबिक लोकसभा चुनाव में आप को यूथ और महिलाओं का ज्यादा साथ मिलेगा। हालांकि व्यापारी वर्ग अभी भी भाजपा के साथ है। खास बात यह है कि व्यापारियों ने जीएसटी, नोटबंदी और सीलिंग से जुड़ा अपने दर्द बताया तो सही मगर उनका झुकाव अभी भी भाजपा के साथ है। उन्होंने कहा,’लोग सोचते हैं, केवल आप दिल्ली वालों के हक के लिए लड़ती है। भाजपा/कांग्रेस के सांसद कभी दिल्ली वालों की नहीं सोचते। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 2019 लोकसभा चुनावों में क्या केजरीवाल की भविष्यवाणी सच होती है या नहीं। 
केजरीवाल इससे पहले भी कई बार मोदी सरकार पर हमला करते आए हैं। पिछले दिनों ही उन्होंने आरोप लगाया था कि जो लोग धर्म के आधार पर देश को बांटते हैं, वो देश के शुभचिंतक नहीं हैं। उन्होंने देश के विकास के लिए लोगों से एक-दूसरे के प्रति प्रेम और सम्मान की भावना रखने की अपील की थी। 
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार के मुख्‍य सचिव अंशु प्रकाश से सीएम आवास पर मारपीट के मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। इस पर आप नेताओं ने संयुक्त बयान जारी कहा था कि केंद्र सरकार, उसकी विभिन्न एजेंसियों, उप-राज्यपाल और कुछ नौकरशाहों की तरफ से तमाम अड़ंगों के बावजूद जनता के हित में काम कर रही दिल्ली सरकार को अपने अधिकारों का दुरुपयोग करके केंद्र की भाजपा सरकार डराने में कामयाब नहीं होगी।
दिल्ली  सरकार की मुफ्त जल योजना के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर
दिल्ली हाई कोर्ट ने अगस्त 13 को उस जनहित याचिका पर आप सरकार का रुख पूछा जिसमें राष्ट्रीय राजधानी में हर घर को 20 हजार लीटर प्रति माह मुफ्त पानी मुहैया कराने की उसकी योजना का विरोध किया गया है. मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने दिल्ली सरकार, दिल्ली जल बोर्ड को नोटिस जारी करके उनसे सुनवाई की अगली तारीख 19 नवंबर तक जवाब देने को कहा.
याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में कहा कि जल तेजी से घटता संसाधन है और इसे इतनी बड़ी मात्रा में मुफ्त में नहीं दिया जाना चाहिए, खासकर ऐसे समय जब शहर के कई इलाकों में पानी की पाइपलाइनें नहीं हैं और आपूर्ति टैंकरों पर निर्भर है.
अधिवक्ताओं ताजिंदर सिंह और अनुराग चौहान ने दिल्ली सरकार के 25 फरवरी 2015 के उस फैसले को निरस्त करने की मांग की जिसमें शहर में हर घर को 20 हजार लीटर मुफ्त पानी देने का निर्णय किया गया था.
वहीं दिल्ली पुलिस ने गत फरवरी में दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश पर कथित हमले के सिलसिले में अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया और इसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को आरोपी के रूप में नामजद किया गया है. आरोप पत्र में जिन अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है उसमें आप के 11 विधायक अमानतुल्लाह खान, प्रकाश जारवाल, नितिन त्यागी, रितुराज गोविंद, संजीव झा, अजय दत्त, राजेश ऋषि, राजेश गुप्ता, मदन लाल, प्रवीण कुमार और दिनेश मोहनिया शामिल हैं.
अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल के समक्ष अंतिम रिपोर्ट दायर की गई जिन्होंने मामले पर सुनवाई की तारीख 25 अगस्त निर्धारित की. दिल्ली पुलिस ने प्रकाश पर कथित हमले के सिलसिले में 18 मई को केजरीवाल से तीन घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी. 
प्रकाश ने आरोप लगाया था कि केजरीवाल के सरकारी आवास पर 19 फरवरी को एक बैठक के दौरान उन पर हमला किया गया. पुलिस ने कहा कि जिस समय कथित हमला हुआ उस समय मुख्यमंत्री उपस्थित थे.  पुलिस ने बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के आवास पर मौजूद आप के 11 विधायकों से भी पूछताछ की थी. इस मामले के सिलसिले में पार्टी के दो विधायकों अमानतुल्ला खान और प्रकाश जारवाल को गिरफ्तार किया गया था.
मुख्य सचिव पर कथित हमले के कारण दिल्ली सरकार और इसके नौकरशाहों के बीच टकराव पैदा हो गया था.  
भ्रष्टाचार में कोई कमी नहीं 
लोगों में चर्चा है कि दिल्ली तीनों नगर निगमों में काफी समय से भाजपा का ही कब्जा है, क्या वहाँ भ्रष्टाचार कम हुआ? कोई नहीं पूछता, क्यों? कांग्रेस और आम आदमी के नेताओं की एक-एक बात और गतिविधियों पर भाजपा की नज़र रहती है, परन्तु नगर निगम में फैले व्याप्त भ्रष्टाचार पर कोई नहीं बोलता, क्यों? क्या नगर निगम भ्रष्टाचार मुक्त है? बिना रिश्वत दिए कोई काम होता हो, तो कोई बताए?सफाई अभियान पर इतना धन व्यर्थ किया जा रहा है, जबकि सफाई कर्मचारियों की कोई कमी नहीं। इसका मतलब है, सफाई कर्मचारियों में फर्जी नाम है।   

मुद्दा चाहे सीलिंग का हो, अवैध निर्माण हो या अधिक्रमण क्या कर रहा है, नगर निगम का भवन विभाग? जहाँ बिना रिश्वत को फाइल तक नहीं हिलती। भूमि माफियों का बोलबाला है। जिस तरह भाजपा भ्रष्टाचार मुक्त दिल्ली की बात करती है, क्या किसी भी केन्द्रीय भाजपा अधिकारी ने तीनों महापौरों में से किसी से पूछा "आखिर किस अधिकारी के राज में अवैध निर्माण या अधिक्रमण हुआ?" फिर जिन दुकानों को सील किया जा रहा है, किसी अधिकारी के विरुद्ध कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गयी? यदि नहीं तो क्यों? ईमानदार व्यक्ति अपने झडझड होते मकान की मरम्मत की इजाजत के लिए चक्कर काटता रहता है, लेकिन भूमिमाफिआ नगर निगम और पुलिस को रिश्वत देकर अपनी मनमानी करता रहता है, जबकि ईमानदार व्यक्ति बिना पुलिस और नगर निगम को रिश्वत दिए बिना एक ईंट नहीं लगा सकता। कोई नहीं बोलता। सभी को कांग्रेस और आम आदमी पार्टियों में ही भ्रष्टाचार नज़र आता है। उपरोक्त इन  दोनों चित्रों को ध्यान से देखिए और नगर निगम से पूछिए "क्या डीडीए ने 3/4 दशक पूर्व इस तरह के फ्लैट्स बनाए थे? लेकिन जब कार्यवाही होगी केवल हिन्दू क्षेत्रों में, दूसरे क्षेत्रों में कार्यवाही करने का साहस नहीं। एक क्षेत्र में कार्यवाही कर और दूसरे को अनदेखा करना, क्या तुष्टिकरण प्रमाणित नहीं करता है? क्या इस तरह के कदम साम्प्रदायिकता को प्रमाणित नहीं करते? 
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सुप्रीम कोर्ट का फैसला निष्प्रभावी: राष्ट्रपति कोविंद ने एससी-एसटी संशोधन कानून को दी मंजूरी
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज अगस्त 21 को एससी-एसटी संशोधन कानून 2018 को मंजूरी दो दी है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट का फैसला अब निष्प्रभावी हो गया है। अब फिर दलितों को सताने के मामले में तत्काल गिरफ्तारी होगी और अग्रिम जमानत भी नहीं मिल पाएगी। 
सुप्रीम कोर्ट ने बीते 20 मार्च को फैसला सुनाया था कि एससी-एसटी अत्याचार निरोधक कानून में शिकायत मिलने के बाद तुरंत मामला दर्ज नहीं होगा। डीएसपी स्तर के अधिकारी मामले की पहले जांच करेंगे। अगर जांच में व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तब उसकी गिरफ्तारी होगी। बता दें कि इस संशोधन कानून में धारा-18 ए जोड़ी गई है, जो कहती है कि इस कानून का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से पहले जांच की आवश्यकता नहीं है और न ही जांच अधिकारी को आरोपी की गिरफ्तारी करने से पहले किसी से इजाजत लेने की जरूरत है। 
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फिर अनुसूचित जातियों को प्रभावित करने के लिए सरकार क्या खेल नहीं खेल रही, क्या अन्तर रहा भाजपा और अन्य पार्टियों में?  जब संविधान सबको बराबरी का अधिकार देता है, फिर आरक्षण का प्रलोभन देने का क्या औचित्य है? क्या इसी तरह होता है,"सबका साथ, सबका विकास।" दूसरों पर ऊँगली उठाने से पूर्व भाजपा को कथनी और करनी में अन्तर स्पष्ट करना होगा।  या फिर अंग्रेजी कहावत "Old wine new bottle" चरितार्थ हो रही है।   भाजपा पदाधिकारी वास्तव में योगी-मोदी-अमित के कन्धों पर बैठ, उत्सवों में जाकर व्हाट्सअप पर फोटो डाल अपना उल्लू सीधा कर रहे हैं, जन समस्याओं से मतलब नहीं। और आम आदमी पार्टी उसी का लाभ उठा रही है। मिलेगा भी लाभ। जब जनता की ऐसी भावना होगी, भाजपा को नुकसान होना स्वाभाविक है।   

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)

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