आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार
महिला और बाल विकास मंत्रालय ने मदर टेरेसा संस्थान द्वार संचाऌलित बाल देखभाल घरों की जांच के आदेश दिए हैं। इतना ही नहीं मंत्रालय ने अब गोद लेने वाली संस्थाओं का भी पंजीकृत होना जरूरी कर दिया है। इसके लिए एक माह के भीतर राज्यों को इसकी पालना सुनिश्चित करानी होगी। महिला एवं बाल विकास मंत्री ने सभी राज्यों को चिट्टी भी लिखी है। जिसमें सभी चाइल्ड केयर संस्थानों को केंद्रीय गोद संसाधन निदेशालय से (सीएआरए ) कारा से भी जुडना अनिवार्य कर दिया गया है।
इतना ही नहीं पिछले दिनों महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने सभी राज्यों से मदर टेरेसा द्वारा संचालित बाल देखभाल घरों जिनका संचालन मिशनरी ऑफ चैरिटी कर रही है केरिकार्ड जांच के आदेश दिए हैं। झारखंड में चैरिटी मिशनरी ऑफ चाइल्डकेयर होम्स में अवैध रूप से बच्चे गोद देने और रांची के आश्रय घर से तीन बच्चों को बेचने की शिकायत सामने आई थी। जिसके बाद मंत्रालय ने कड़े कदम उठाते हुए यह आदेश जारी किया है। इसके अलावा मंत्रालय ने राज्यों को कहा है कि वह इन नियमों को बाल घरों पर लागू करवाये।
अवलोकन करें:--
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से जारी आकड़े के मुताबिक ज्यूविनाइल जस्टिस (बाल संरक्षण और देखभाल) एक्ट 2015 के मुताबिक सभी बाल देखभाल संस्थाओं का रजिस्ट्रेशन जरूरी है। लेकिन मंत्रालय को शिकायत मिली थी की कि कुछ पालना गृह लगातार इसकी अवहेलना कर रहे हैं। पिछले साल दिसंबर से अब तक लगभग 2,300 सीसीआई को सीएआरए से जोड़ा गया है,जबकि लगभग 4,000 और अभी लाइन में हैं। मंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि 23 सौ संस्थान अभी भी बिना अधिकारिक संस्थाओं से नहीं जुड़े, यह एक चिंता का विषय है और इस पर अभी गंभीरता से काम किया जाना बाकि है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने राज्यों की बाल विकास मंत्रियों के साथ सम्मेलन कर विभाग के कामकाज का ब्यौरा दिया और राज्यों पर चल रहे कामों की समीक्षा की। इस मौकेपर मंत्री मेनका संजय गांधी ने बताया कि मंत्रालय गोद लेने के नियमों से लेकर बाल अधिकारों तक केलिए तत्परता से काम कर रहा है। उन्होंने राज्यों से बाल संरक्षण और महिला अपराधोंके प्रति सजगत से कार्य करने का आह्वान किया। इस सम्मेलन में पंजाब, बिहार, दिल्ली, हिमाचल हरियाणा, तमिलनाडु, मेघालय मणिपुर आदि राज्यों की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री ने शिरकत की।
मिशनरीज ऑफ चैरिटी की नन ने कैमरे पर कबूली बच्चे बेचने की बात, खोले कई राज
मदर टेरेसा की मिशनरी ऑफ चैरिटीज की गिरफ्तार सिस्टर कंसोलिया ने स्वीकार किया है कि, उसने चैरिटीज के बालाश्रय से तीन बच्चों को पैसे लेकर बेचा तथा एक बच्चे को बिना पैसे लिए ही किसी को दे दिया । रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनीश गुप्ता ने बताया कि इस मामले में गिरफ्तार सिस्टर कंसोलिया ने पुलिस के समक्ष अपना अपराध कबूला है और स्पष्ट कहा है कि उसने पैसे लेकर तीन बच्चों को विभिन्न खरीददारों को बेचा था जिनकी पुलिस बरामदगी कर चुकी है । पुलिस चौथे बच्चे का पता लगाने में जुटी है जिसका अब तक पता नहीं चल सका है । इस बीच पुलिस की पूछताछ का एक वीडियो भी मीडिया के सामने सोशल मीडिया के माध्यम से आया है जिसमें सिस्टर अपना अपराध कबूल कर रही है । जबकि इसके विपरीत मिशनरी के बिशप इस मामले में सिस्टर का हाथ होने से इनकार कर रहे थे । इस वीडियो को समाचार एजेंसी एएनआई ने भी जारी किया है ।
इससे पूर्व रांची के नगर पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने बताया कि मिशनरी से बेचे गये चौथे बच्चे का अब तक पता नहीं चल सका है लिहाजा उसका पता लगाने और इस पूरे कांड में शामिल रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस ने सिस्टर कंसोलिया और इंदवार को १३ जुलाई को शाम रिमांड पर लिया । इन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करने का आवेदन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्वयंभू की न्यायालय में दिया गया था जो उन्होंने स्वीकार कर लिया । कुमार ने बताया कि, दोनों को पुलिस ने वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर कल शाम रिमांड पर लिया था । पुलिस इस मामले में बेचे गये तीन बच्चों को पहले ही बरामद कर चुकी है ।
इससे पूर्व जुलाई 12 को इंडियन बिशप्स कांफ्रेंस के महासचिव बिशप थियोडोर मैस्करेनहास ने यहां दावा किया था कि मदर टेरेसा की ‘मिशनरीज आफ चैरिटी’ बच्चों की खरीद-फरोख्त से जुड़े हाल में उजागर हुए रैकेट में बिल्कुल भी शामिल नहीं है और यदि कोई एक सिस्टर इस मामले में दोषी भी है तो उसकी गलती के लिए पूरी मिशनरी को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए । बिशप मैस्करेनहास ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा था, ‘‘मिशनरीज आफ चैरिटीज बच्चों के बेचने के मामले में बिलकुल भी शामिल नहीं है । वैसे तो इस मामले में गिरफ्तार सिस्टर कंसीलिया ने भी अपने वकील को बताया था कि वह बच्चों को बेचने में कहीं से भी शामिल नहीं है । उससे पुलिस ने दबाव में यह बयान लिया है कि उसने बच्चों को बेचा था ।’’
बिशप के दावों का खंडन करते हुए रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनीश गुप्ता ने पहले ही कहा था, ‘‘इंडियन बिशप्स कांफ्रेंस के महासचिव बिशप थियोडोर मैस्करेनहास द्वारा दिया गया बयान पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद है । पुलिस ने बच्चों को बेचे जाने के मामले में मिशनरी आफ चैरिटीज की सिस्टर कंसीलिया को गिरफ्तार करने के बाद उसके बयान और उससे मिली सूचनाओं के आधार पर ही चार बच्चों में से तीन को विभिन्न स्थानों से छापे मारकर हासिल किया है और बचाया है । ऐसे में यह बात कैसे सही हो सकती है कि सिस्टर से पुलिस दबाव में बयान लिया गया है?’’
मजे की बात यह है ईसाई समुदाय से जुड़े इतने गम्भीर अपराध पर #mob lynching gang, #not in my name, गंगा-यमुना तहजीब की दुहाई देने वाले समस्त छद्दम धर्म-निरपेक्ष पता नहीं अब तक किस मातम में डूबे हुए हैं, किसी की आवाज़ तक सुनाई नहीं दे रही? काश, यही काम किसी हिन्दू साधु/संत ने किया होता, ये समस्त छद्दम धरती, आकाश और पाताल तक को सिर पर उठा लेते, सड़क से संसद क्या चीज है ! इन्हे बस हिन्दुओं को बदनाम करने का कोई बहाना चाहिए, जिस पर बैठ अपनी तिजोरियाँ भर सके, यूँ तो कोई इन्हे भीख के नाम पर एक कंकरी भी नहीं देने वाला। अरे, बेशर्मों क्या इसी का नाम समाजवाद और धर्म-निरपेक्षता है? अब इसे समाजवाद और धर्म-निरपेक्षता के नाम पाखंड न कहा जाये तो क्या कहा जाये, जनता स्वयं निर्णय करें।
महिला और बाल विकास मंत्रालय ने मदर टेरेसा संस्थान द्वार संचाऌलित बाल देखभाल घरों की जांच के आदेश दिए हैं। इतना ही नहीं मंत्रालय ने अब गोद लेने वाली संस्थाओं का भी पंजीकृत होना जरूरी कर दिया है। इसके लिए एक माह के भीतर राज्यों को इसकी पालना सुनिश्चित करानी होगी। महिला एवं बाल विकास मंत्री ने सभी राज्यों को चिट्टी भी लिखी है। जिसमें सभी चाइल्ड केयर संस्थानों को केंद्रीय गोद संसाधन निदेशालय से (सीएआरए ) कारा से भी जुडना अनिवार्य कर दिया गया है।
इतना ही नहीं पिछले दिनों महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने सभी राज्यों से मदर टेरेसा द्वारा संचालित बाल देखभाल घरों जिनका संचालन मिशनरी ऑफ चैरिटी कर रही है केरिकार्ड जांच के आदेश दिए हैं। झारखंड में चैरिटी मिशनरी ऑफ चाइल्डकेयर होम्स में अवैध रूप से बच्चे गोद देने और रांची के आश्रय घर से तीन बच्चों को बेचने की शिकायत सामने आई थी। जिसके बाद मंत्रालय ने कड़े कदम उठाते हुए यह आदेश जारी किया है। इसके अलावा मंत्रालय ने राज्यों को कहा है कि वह इन नियमों को बाल घरों पर लागू करवाये।
अवलोकन करें:--
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने राज्यों की बाल विकास मंत्रियों के साथ सम्मेलन कर विभाग के कामकाज का ब्यौरा दिया और राज्यों पर चल रहे कामों की समीक्षा की। इस मौकेपर मंत्री मेनका संजय गांधी ने बताया कि मंत्रालय गोद लेने के नियमों से लेकर बाल अधिकारों तक केलिए तत्परता से काम कर रहा है। उन्होंने राज्यों से बाल संरक्षण और महिला अपराधोंके प्रति सजगत से कार्य करने का आह्वान किया। इस सम्मेलन में पंजाब, बिहार, दिल्ली, हिमाचल हरियाणा, तमिलनाडु, मेघालय मणिपुर आदि राज्यों की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री ने शिरकत की।
मिशनरीज ऑफ चैरिटी की नन ने कैमरे पर कबूली बच्चे बेचने की बात, खोले कई राजमदर टेरेसा की मिशनरी ऑफ चैरिटीज की गिरफ्तार सिस्टर कंसोलिया ने स्वीकार किया है कि, उसने चैरिटीज के बालाश्रय से तीन बच्चों को पैसे लेकर बेचा तथा एक बच्चे को बिना पैसे लिए ही किसी को दे दिया । रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनीश गुप्ता ने बताया कि इस मामले में गिरफ्तार सिस्टर कंसोलिया ने पुलिस के समक्ष अपना अपराध कबूला है और स्पष्ट कहा है कि उसने पैसे लेकर तीन बच्चों को विभिन्न खरीददारों को बेचा था जिनकी पुलिस बरामदगी कर चुकी है । पुलिस चौथे बच्चे का पता लगाने में जुटी है जिसका अब तक पता नहीं चल सका है । इस बीच पुलिस की पूछताछ का एक वीडियो भी मीडिया के सामने सोशल मीडिया के माध्यम से आया है जिसमें सिस्टर अपना अपराध कबूल कर रही है । जबकि इसके विपरीत मिशनरी के बिशप इस मामले में सिस्टर का हाथ होने से इनकार कर रहे थे । इस वीडियो को समाचार एजेंसी एएनआई ने भी जारी किया है ।
इससे पूर्व रांची के नगर पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने बताया कि मिशनरी से बेचे गये चौथे बच्चे का अब तक पता नहीं चल सका है लिहाजा उसका पता लगाने और इस पूरे कांड में शामिल रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस ने सिस्टर कंसोलिया और इंदवार को १३ जुलाई को शाम रिमांड पर लिया । इन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करने का आवेदन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्वयंभू की न्यायालय में दिया गया था जो उन्होंने स्वीकार कर लिया । कुमार ने बताया कि, दोनों को पुलिस ने वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर कल शाम रिमांड पर लिया था । पुलिस इस मामले में बेचे गये तीन बच्चों को पहले ही बरामद कर चुकी है ।
#WATCH: A nun of Missionaries of Charity says," I have sold two more babies. I don't know where they are now." She is one of the two nuns who was arrested by Ranchi police on charges of child trafficking on July 9. Police say '3 out of 4 children have been recovered.' #Jharkhand
बिशप के दावों का खंडन करते हुए रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनीश गुप्ता ने पहले ही कहा था, ‘‘इंडियन बिशप्स कांफ्रेंस के महासचिव बिशप थियोडोर मैस्करेनहास द्वारा दिया गया बयान पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद है । पुलिस ने बच्चों को बेचे जाने के मामले में मिशनरी आफ चैरिटीज की सिस्टर कंसीलिया को गिरफ्तार करने के बाद उसके बयान और उससे मिली सूचनाओं के आधार पर ही चार बच्चों में से तीन को विभिन्न स्थानों से छापे मारकर हासिल किया है और बचाया है । ऐसे में यह बात कैसे सही हो सकती है कि सिस्टर से पुलिस दबाव में बयान लिया गया है?’’
मजे की बात यह है ईसाई समुदाय से जुड़े इतने गम्भीर अपराध पर #mob lynching gang, #not in my name, गंगा-यमुना तहजीब की दुहाई देने वाले समस्त छद्दम धर्म-निरपेक्ष पता नहीं अब तक किस मातम में डूबे हुए हैं, किसी की आवाज़ तक सुनाई नहीं दे रही? काश, यही काम किसी हिन्दू साधु/संत ने किया होता, ये समस्त छद्दम धरती, आकाश और पाताल तक को सिर पर उठा लेते, सड़क से संसद क्या चीज है ! इन्हे बस हिन्दुओं को बदनाम करने का कोई बहाना चाहिए, जिस पर बैठ अपनी तिजोरियाँ भर सके, यूँ तो कोई इन्हे भीख के नाम पर एक कंकरी भी नहीं देने वाला। अरे, बेशर्मों क्या इसी का नाम समाजवाद और धर्म-निरपेक्षता है? अब इसे समाजवाद और धर्म-निरपेक्षता के नाम पाखंड न कहा जाये तो क्या कहा जाये, जनता स्वयं निर्णय करें।

Comments