| कांग्रेस विधायक ने कहा कि उनकी पत्नी को भाजपा के किसी नेता ने फोन नहीं किया था। (तस्वीर हेब्बार फेसबुक पेज) |
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक हेब्बार ने 'फर्जी ऑडियो क्लिप पेश करने वाले लोगों की निंदा की है।' बता दें कि शनिवार शाम चार बजे मुख्यमंत्री येदियुरप्पा को कर्नाटक विधानसभा में बहुमत साबित करना था लेकिन इसके पहले कई ऑडियो सामने आए और इन ऑडियो क्लिप के आधार पर कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा उसके विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस ने इन ऑडियो क्लिप का हवाला देकर दावा किया कि भाजपा उसके नवनिर्वाचित विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने कथित खरीद-फरोख्त से जुड़े एक ऑडियो क्लिप में येदियुरप्पा की आवाज होने का भी दावा किया।
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कन्नड़ भाषा में लिखे अपने पोस्ट में हेब्बार ने कहा, 'मुझे इस बारे में देर से जानकारी मिली कि न्यूज चैनल्स मेरी पत्नी और भाजपा के लोगों के बीच कथित बातचीत के बारे में बात कर रहे हैं।' विधायक ने कहा कि ऑडियो क्लिप में उनकी पत्नी की आवाज नहीं है और किसी भाजपा नेता ने उनकी पत्नी को फोन नहीं किया। हेब्बार ने कहा, 'ऑडियो टेप नकली था और मैं इसकी निंदा करता हूं।'
इस टेप को जारी करने वाले उगरप्पा ने कहा कि एक मीडिया हाउस के स्टिंग ऑपरेशन में यह ऑडियो क्लिप सामने आया। उन्होंने कहा, 'हमने यह कभी दावा नहीं किया कि टेप में महिला की आवाज कांग्रेस विधायक हेब्बार की पत्नी की है।' कांग्रेस ने दावा किया था कि इस बातचीत के दौरान भाजपा नेताओं ने विश्वास मत के दौरान हेब्बार का मत हासिल करने के लिए उनकी पत्नी को 15 करोड़ रुपए की पेशकश की।
मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने फ्लोर टेस्ट से पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया। येदियुरप्पा अपनी सरकार बनाने के लिए 111 विधायकों समर्थन जुटा नहीं पाए। भाजपा नेताओं ने कहा कि शीर्ष नेतृत्व के आदेश पर येदियुरप्पा ने अपने पद से इस्तीफा दिया क्योंकि पार्टी नहीं चाहती कि आम चुनाव से पहले उस पर खरीद-फरोख्त का किसी तरह का दाग लगे।
वहीं, हेब्बार के इस खुलासे के बाद कांग्रेस पार्टी ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। हालांकि, भाजपा के मीडिया सेल के प्रभारी अमित मालवीय ने कांग्रेस पार्टी पर जरूर सवाल उठाए। मालवीय ने कहा, 'विधायक हेब्बार के इस खुलासे से कांग्रेस के झूठ की पोल खुल गई है।'
कर्नाटक विधानसभा में फ्लोर टेस्ट से पहले कांग्रेस के दो विधायकों को लेकर संशय था क्योंकि ये शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए थे। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उसके दोनों विधायकों को भाजपा के विधायक सोमशेखर रेड्डी ने 'बंदी' बनाकर रखा है। रेड्डी को भी लापता बताया गया था।(साभार)
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