कर्नाटक में सत्ता की दहलीज पर अटकी भाजपा ने सरकार बनाने की कोशिशें शुरू कर दीं। 10 साल पहले ऑपरेशन लोटस चला भाजपा को सत्ता दिला चुके बीएस येद्दियुरप्पा ने फिर ‘ऑपरेशन लोटस’ छेड़ा है। सूत्रों के मुताबिक, येद्दियुरप्पा कांग्रेस के चार और जेडीएस के छह विधायकों के संपर्क में हैं। सबको मंत्री पद ऑफर दिया है। भाजपा ने विकल्प दिया है कि बहुमत परीक्षण के दौरान वह भाजपा को वोट दें या गैर-हाजिर रहें। उधर, भाजपा, जेडीएस और कांग्रेस के विधायक दल की मीटिंग होनी है। बता दें कि जेडीएस-कांग्रेस और भाजपा ने सरकार बनने का दावा पेश कर चुके हैं। इस चुनाव में भाजपा को 104, कांग्रेस को 78 और जेडीएस गठबंधन को 38 सीटें मिली हैं।
कांग्रेस विधायक ने कहा- मैंने मना कर दिया
कांग्रेस विधायक अमरेगौड़ा लिंगानागौड़ा पाटिल बाय्यापुर ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि मुझे भाजपा नेताओं का कॉल आया था। उन्होंने कहा कि हमारे साथ आ जाओ और हम आपको मंत्रालय देंगे। हम आपको मंत्री बनाएंगे। लेकिन, मैंने मना कर दिया। हमारे मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी हैं।
कांग्रेस नेता डी शिवकुमार ने कहा कि वे (भाजपा) हमारे नेताओं के संपर्क में हैं। ये हम जानते हैं। सभी पर बहुत दबाव है। लेकिन यह आसान नहीं होगा, क्योंकि दो पार्टियों के पास बहुमत का नंबर है। लोग यह सब देख रहे हैं।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा सभी कांग्रेस एमएलए हमारे साथ हैं। कोई भी बाहर नहीं है। हम सरकार बनाने जा रहे हैं।
कांग्रेस नेता डी शिवकुमार ने कहा कि वे (भाजपा) हमारे नेताओं के संपर्क में हैं। ये हम जानते हैं। सभी पर बहुत दबाव है। लेकिन यह आसान नहीं होगा, क्योंकि दो पार्टियों के पास बहुमत का नंबर है। लोग यह सब देख रहे हैं।
अवलोकन करें:---
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा सभी कांग्रेस एमएलए हमारे साथ हैं। कोई भी बाहर नहीं है। हम सरकार बनाने जा रहे हैं।
जो खबरें आ रही हैं उसके मुताबिक, राज्यपाल बुधवार को भाजपा को सरकार बनाने का न्योता दे सकते हैं। येद्दियुरप्पा ने शपथ के लिए 17 मई का मुहूर्त भी निकलवा लिया है। वह 21 को बहुमत साबित करेंगे। विधायक तोड़ने पर येद्दियुरप्पाऔर राज्यसभा सांसद राजीव चंद्रशेखर के बीच देर रात तक बैठक भी चली। वहीं, देर रात तक कांग्रेस-जेडीएस की भी बैठक चल रही थी।
मौजूदा स्थिति : भाजपा सबसे बड़ी पार्टी, बहुमत से 8 सीटें दूर
राज्य में कुल सीटें 224 हैं। बहुमत के लिए 113 जरूरी।
2 सीटों पर मतदान बाकी है। इसलिए बहुमत का आंकड़ा 112 है।
कर्नाटक में सरकार बनने के दो फॉर्मूला
1) फॉर्मूला 1 कांग्रेस+जेडीएस+अन्य यानी (78+38+1=117)
आंकड़े बहुमत से ज्यादा हैं। लेकिन यह चुनाव के बाद का गठबंधन है। ऐसे में राज्यपाल पर कोई संवैधानिक या नैतिक दबाव नहीं है कि इस गठबंधन को ही पहला मौका दें।
2) फाॅर्मूला 2 भाजपा+जुटाए विधायक यानी (104+8=112)
भाजपा को कम से कम आठ विधायकों की जरूरत है। एेसे में कांग्रेस या जेडीएस से कम से कम आठ विधायक तोड़ने होंगे। सबसे बड़े दल के नाते राज्यपाल ने भाजपा को न्योता दिया तो उसे बहुमत जुटाने के लिए मोहलत मिल जाएगी।
एक संभावना ऐसी भी हो सकती है: इन दो फॉर्मूलों के अलावा एक तीसरी स्थिति भी संभव है। न्योता मिलने के बाद भी भाजपा बहुमत साबित करने में नाकाम रही तो कांग्रेस- जेडीएस काे गैर भाजपा सरकार बनाने का मौका मिल सकता है।
राजभवन में राजनीति: कांग्रेस ने राज्यपाल को दिखाया गोवा पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
कांग्रेस और जेडीएस के नेताओं ने मंगलवार को राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की और गोवा पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला दिखाया। कहा- सबसे बड़े दल को शपथ जरूरी नहीं है। कोर्ट ने कहा था, "सबसे बड़ेदल को शपथ दिलवाना जरूरी नहीं। 2-3 दलों के पास ज्यादा संख्या है तो उन्हें शपथ दिलवा सकते हैं।' कांग्रेस ने कहा- राज्यपाल इसके खिलाफ नहीं जा सकते।
आज मोदी जी जनरल का दर्द समझ पायेगें कि ज्यादा नम्बर लाकर भी जब आप को नौकरी नही मिलती तो केसा लगता है
कर्नाटक में आरक्षण लागू, 104 ओर 78 वाले फैल हो गए, 38 वाले कि जॉब लग गई....
कांग्रेस विधायक अमरेगौड़ा लिंगानागौड़ा पाटिल बाय्यापुर ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि मुझे भाजपा नेताओं का कॉल आया था। उन्होंने कहा कि हमारे साथ आ जाओ और हम आपको मंत्रालय देंगे। हम आपको मंत्री बनाएंगे। लेकिन, मैंने मना कर दिया। हमारे मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी हैं।
कांग्रेस नेता डी शिवकुमार ने कहा कि वे (भाजपा) हमारे नेताओं के संपर्क में हैं। ये हम जानते हैं। सभी पर बहुत दबाव है। लेकिन यह आसान नहीं होगा, क्योंकि दो पार्टियों के पास बहुमत का नंबर है। लोग यह सब देख रहे हैं।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा सभी कांग्रेस एमएलए हमारे साथ हैं। कोई भी बाहर नहीं है। हम सरकार बनाने जा रहे हैं।
कांग्रेस नेता डी शिवकुमार ने कहा कि वे (भाजपा) हमारे नेताओं के संपर्क में हैं। ये हम जानते हैं। सभी पर बहुत दबाव है। लेकिन यह आसान नहीं होगा, क्योंकि दो पार्टियों के पास बहुमत का नंबर है। लोग यह सब देख रहे हैं।
अवलोकन करें:---
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा सभी कांग्रेस एमएलए हमारे साथ हैं। कोई भी बाहर नहीं है। हम सरकार बनाने जा रहे हैं।
जो खबरें आ रही हैं उसके मुताबिक, राज्यपाल बुधवार को भाजपा को सरकार बनाने का न्योता दे सकते हैं। येद्दियुरप्पा ने शपथ के लिए 17 मई का मुहूर्त भी निकलवा लिया है। वह 21 को बहुमत साबित करेंगे। विधायक तोड़ने पर येद्दियुरप्पाऔर राज्यसभा सांसद राजीव चंद्रशेखर के बीच देर रात तक बैठक भी चली। वहीं, देर रात तक कांग्रेस-जेडीएस की भी बैठक चल रही थी।
मौजूदा स्थिति : भाजपा सबसे बड़ी पार्टी, बहुमत से 8 सीटें दूर
राज्य में कुल सीटें 224 हैं। बहुमत के लिए 113 जरूरी।
2 सीटों पर मतदान बाकी है। इसलिए बहुमत का आंकड़ा 112 है।
| पार्टी | 2018 | 2013 | अंतर |
| कांग्रेस | 78 | 122 | - 44 |
| भाजपा | 104 | 40 | +64 |
| जेडीएस+ | 38 | 40 | -2 |
| अन्य | 02 | 22 | -18 |
कर्नाटक में सरकार बनने के दो फॉर्मूला
1) फॉर्मूला 1 कांग्रेस+जेडीएस+अन्य यानी (78+38+1=117)
आंकड़े बहुमत से ज्यादा हैं। लेकिन यह चुनाव के बाद का गठबंधन है। ऐसे में राज्यपाल पर कोई संवैधानिक या नैतिक दबाव नहीं है कि इस गठबंधन को ही पहला मौका दें।
2) फाॅर्मूला 2 भाजपा+जुटाए विधायक यानी (104+8=112)
भाजपा को कम से कम आठ विधायकों की जरूरत है। एेसे में कांग्रेस या जेडीएस से कम से कम आठ विधायक तोड़ने होंगे। सबसे बड़े दल के नाते राज्यपाल ने भाजपा को न्योता दिया तो उसे बहुमत जुटाने के लिए मोहलत मिल जाएगी।
एक संभावना ऐसी भी हो सकती है: इन दो फॉर्मूलों के अलावा एक तीसरी स्थिति भी संभव है। न्योता मिलने के बाद भी भाजपा बहुमत साबित करने में नाकाम रही तो कांग्रेस- जेडीएस काे गैर भाजपा सरकार बनाने का मौका मिल सकता है।
राजभवन में राजनीति: कांग्रेस ने राज्यपाल को दिखाया गोवा पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
कांग्रेस और जेडीएस के नेताओं ने मंगलवार को राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की और गोवा पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला दिखाया। कहा- सबसे बड़े दल को शपथ जरूरी नहीं है। कोर्ट ने कहा था, "सबसे बड़ेदल को शपथ दिलवाना जरूरी नहीं। 2-3 दलों के पास ज्यादा संख्या है तो उन्हें शपथ दिलवा सकते हैं।' कांग्रेस ने कहा- राज्यपाल इसके खिलाफ नहीं जा सकते।
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