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विवाद के बाद सेंसर बोर्ड का ’72 हूरें’ को A सर्टिफिकेट, प्रोसेस में टेलर

पत्रकार अशोक पंडित की फिल्म ’72 हूरें’ के ट्रेलर को लेकर फैलाई गई खबर पर सेंसर बोर्ड का बयान आया है। ‘सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC)’ ने कहा है कि ये खबर भ्रामक है कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन ने फिल्म के ट्रेलर को सर्टिफिकेट देने से मना किया है।

CBFC ने कहा भ्रामक रिपोर्टों के उलट फिल्म को ‘A’ सर्टिफिकेट ग्रांट किया गया है। ट्रेलर भी प्रोसेस में है। आवेदक को सूचना के तहत अपेक्षित दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था और उसके प्राप्त होने पर, संशोधनों के अधीन प्रमाणन प्रदान किया गया था।”

सीबीएफसी ने बताया कि 27 जून 2023 को संशोधनों को लेकर शो कॉज नोटिस जारी किया गया जिसपर जवाब आना अभी बकाया है इसलिए तब तक कोई भी भ्रामक खबर नहीं फैलाई जानी चाहिए क्योंकि मामला अभी प्रक्रिया में है।

72 हूरों का ट्रेलर 28 जून को रिलीज हुआ था। इसके बाद खबर आई कि फिल्म को सर्टिफिकेट देने से सेंसर बोर्ड ने मना कर दिया है। अशोक पंडित ने बताया था कि एक लाश का पाँव इसमें दिखाया गया है, सेंसर बोर्ड ने जिसे हटाने के लिए कहा। साथ ही कुरान का एक रेफरेंस भी हटाने को कहा गया है।

अशोक पंडित ने ऐसे में पूछा था कि ट्रेलर में फिल्म के ही तो दृश्य हैं, फिर इससे समस्या क्यों? उन्होंने ऐलान किया कि इसके बावजूद ट्रेलर को डिजिटल रूप से रिलीज कर दिया गया है। पहले इसे PVR में रिलीज करने की योजना थी, लेकिन अब अँधेरी के एक क्लब में ये कार्यक्रम होगा। उन्होंने कहा कि वो सेंसर बोर्ड की पोल खोलेंगे, राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाली एक फिल्म के ट्रेलर को रिलीज के लिए सर्टिफिकेट न देना गंभीर मुद्दा है।

फिल्म को पहले ही सेंसर बोर्ड फिल्म को हरी झंडी दिखा चुका है। लेकिन ट्रेलर के कुछ दृश्यों पर संशोधन का काम चल रहा है। कुछ लोगों ने इस फिल्म को प्रोपेगेंडा बताया है। मगर अशोक पंडित ऐसे लोगों को जवाब देते हुए कहा कि जिन फिल्मों को देश-विदेश में करोड़ों लोगों ने स्वीकार किया, उसकी इंटेलिजेंस पर आप सवाल उठा रहे हो?


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shannomagan
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