Skip to main content

‘पोल खुलने के डर से कुछ लोग छटपटा रहे हैं… रिया चक्रवर्ती की औकात नहीं है…’ – बिहार DGP गुप्तेश्वर पांडेय

गुप्तेश्वर पांडेय, सुप्रीम कोर्ट, सुशांतबिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने सुशांत सिंह राजपूत मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीबीआई जाँच का आदेश दिए जाने के बाद ख़ुशी जताते हुए कहा कि बिहार पुलिस सही निकली। बिहार पुलिस की FIR पर ही सीबीआई ने मामला दर्ज किया। डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय इस पर काफ़ी मुखर रहे थे। उन्होंने इसे अन्याय पर न्याय की जीत बताया और कहा कि ये 130 करोड़ देशवासियों की जीत है, सत्य की विजय है।
भाव-विह्वल नज़र आ रहे बिहार पुलिस के मुखिया ने कहा कि माननीय सु्प्रीम कोर्ट का फैसला सर्वमान्य होगा। उन्होंने कहा, “आज तक मैंने सुना था कि न्यायाधीश भगवान का रूप होते हैं, आज मैंने देख भी लिया। मैं न्यायाधीश को सैल्यूट नहीं बल्कि इस फैसले के लिए साष्टांग प्रणाम करता हूँ।” साथ ही उन्होंने याद दिलाया कि कैसे गलत तरीके से मुंबई में बिहार पुलिस के विजय तिवारी को क्वारंटाइन कर दिया गया था।
डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि देशवासियों के मन में इस फैसले से सर्वोच्च न्यायालय ने लोकतंत्र के प्रति आस्था मजबूत की है। शिवसेना के संजय राउत द्वारा दिए गए तरह-तरह के बयानों पर डीजीपी ने कहा कि किसी भी राजनीतिक व्यक्ति के बयान पर वो प्रतिक्रिया नहीं दे सकते लेकिन इतना स्पष्ट है कि बिहार पुलिस का स्टैंड सही था, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भी यही प्रमाणित होता है।






वो ये कहने से नहीं चूके कि कुछ लोगों को बेचैनी थी और छटपटाहट रही होगी कि कहीं उनकी पोल न खुल जाए। वहीं रिया चक्रवर्ती के बयानों पर डीजीपी ने कहा कि अभिनेत्री की अभी इतनी हैसियत नहीं है कि वो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर टिप्पणी करे, पूरे देश में लोग रिया को शक की नजर से देख रहे। उन्होंने कहा कि नीतीश के समर्थन से ही सुशांत के परिवार वालों में न्याय की उम्मीद जगी है। उन्होंने इस मामले में आगे कहा:
“नतीजा आएगा, निश्चित आएगा क्योंकि ये केवल एक आदमी की लड़ाई नहीं है, एक परिवार की लड़ाई नहीं है, गुप्तेश्वर पांडेय की कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, ये हिंदुस्तान की 130 करोड़ जनता, जो न्याय चाहती है उसकी लड़ाई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से लोगों के मन में एक उम्मीद जगी है कि सुशांत सिंह के मामले में न्याय होगा। ये पूरे देश के लिए बहुत बड़ी बात है। पूरा देश सुप्रीम कोर्ट की तरफ टकटकी लगाए देख रहा था। हमारे ऊपर भी यह आरोप लग रहे थे कि हमने क़ानून और संविधान के हिसाब से ठीक काम नहीं किया। कोर्ट के फैसले से सब कुछ साफ हो गया है।”
गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि सुशांत मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सभी लोग ख़ुश हैं। उन्होंने कहा कि हमारी जाँच के दौरान मुंबई पुलिस ने क्या किया, ये किसी से छिपा नहीं है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई पुलिस से कहा है कि वो सीबीआई का सहयोग करे और जाँच एजेंसी को इस मामले में कहीं भी दर्ज हुए एफआईआर के आधार पर नया केस दर्ज करने की छूट दी है, जिससे रिया चक्रवर्ती को झटका लगा है।
यह भी सच है कि गंभीरता से जाँच होने पर पता नहीं बॉलीवुड में दबे पड़े कितने अनसुलझे मामले भी प्रकाश में आने की संभावनाएं भी व्यक्त की जा रही हैं। जैसे दिव्या भारती, स्मिता पाटिल,और गुमनामी की मौत मरी नायिकाएं।  फिल्म जगत में हो रहे अत्याचारों से पर्दा उठने का क्या समय आ गया है? 

Comments

AUTHOR

My photo
shannomagan
To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)

Popular posts from this blog

बिस्तर पर इंदिरा किसी मर्द से कम न थी:--M.O MATHAI

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  जब हम पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी की बात करते हैं, तो कई कांग्रेसी कहते हैं कि वह भारत की आयरन लेडी हैं; उसने पाकिस्तान को दो भागों में विभाजित किया और कई और अधिक लेकिन क्या वे उनके अंधेरे रहस्यों के बारे में बात करेंगे? देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जीवन से जुड़े कुछ रहस्‍यों का खुलासा एक नई किताब में किया गया है। वरिष्‍ठ टीवी पत्रकार सागरिका घोष की लिखी किताब Indira: India’s Most Powerful Prime Minister में इंदिरा और फीरोज गांधी के रिश्‍तों पर नई रोशनी डाली गई है। किताब के अनुसार, ‘फीरोज ने 1955 में जब जीवन बीमा का राष्‍ट्रीयकरण किया, प्रेस का संसदीय कार्यवाही की रिपोर्ट‍िंग की आजादी दिलाई, हालांकि बाद में इस कानून को इंदिरा ने ही इमरजेंसी के दौरान कुचल दिया। सागरिका की किताब के अनुसार, दिल्‍ली में फीरोज को नेहरू की मौजूदगी से घुटन होती थी और तीन मूर्ति भवन में रहना उनके लिए असहनीय हो गया था। फीरोज की आशिक-मिजाजी के किस्‍से दिल्‍ली के गलियारों में सुनाई देने लगे थे। वह अक्‍सर तारकेश्‍वरी सिन्‍हा, महमूना सुल्‍तान और सुभद...

भोजपुरी एक्ट्रेस त्रिशा कर मधु का MMS…सोशल मीडिया पर हुआ लीक

सोशल मीडिया पर भोजपुरी एक्ट्रेस और सिंगर त्रिशा कर मधु का MMS लीक हो गया है, जिससे वो बहुत आहत हैं, एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां किया है, त्रिशा मधु ने इस बात को कबूल किया है कि वीडियो उन्होंने ही बनाया है लेकिन इस बात पर यकीन नहीं था कि उन्हें धोखा मिलेगा। गौरतलब है कि हाल ही में त्रिशा का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था जिसमें वह एक शख्स के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रही थीं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद अभिनेत्री ने इसे डिलीट करने की गुहार लगाई साथ ही भोजपुरी इंडस्ट्री के लोगों पर उन्हें बदनाम करने की साजिश का आरोप लगाया। त्रिशा मधु कर ने अपने फेसबुक पेज पर एक वीडियो के साथ पोस्ट लिखा है जिसमें कहा, आप लोग बोल रहे हैं कि खुद वीडियो बनाई है। हां, हम दोनों ने वीडियो बनाया थ। पर मुझे ये नहीं मालूम था कि कल को मेरे साथ धोखा होने वाला है। कोई किसी को गिराने के लिए इतना नीचे तक गिर जाएगा, यह नहीं पता था। इससे पहले त्रिशा ने वायरल हो रहे वीडियो पर अपना गुस्सा जाहिर किया था और कहा था कि उनको बदनाम करने को साजिश की जा रही है। त्रिशा मधु कर ने सोशल मीडिया पर ए...

कायस्थ कौन हैं ?

सर्वप्रथम तो ये जान लें आप सब कि ना तो मै जातिवादी हुँ और ना ही मुझे जातिवादी बनने का शौक है और ना ही कायस्थ समाज को जागृत करने मे मेरा कोई स्वार्थ छिपा है। मै कल भी एक कट्टर सनातनी था आज भी एक कट्टर सनातनी हुँ और विश्वास दिलाता हुँ सनातन धर्म के प्रति मेरी ये कट्टरता भविष्य मे भी बनी रहेगी। इन शब्दों के बावजूद भी हमे कोई जातिवादी कहे तो मै बस इतना ही कहुँगा कि कुत्तो के भौकने से हाथी रास्ता नही बदला करते। मै ‘कायस्थ समाज’ से संबंध रखता हूँ । जो मेरे मित्र इस से सर्वथा अपरिचित हैं, उनकी जानकारी के लिए बता दुँ कि उत्तर भारत के बहुलांश क्षेत्रों मे कायस्थों की जबर उपस्थिति मौजूद है, हालांकि यह समाज देश के अन्य हिस्सों मे भी विद्यमान है । इनकी जनसंख्या काफी सीमित है परंतु इस वर्ग से संबन्धित सम्मानित महापुरुषों , विद्वानो, राजनेताओ , समाज सेवियों की एक लंबी फेहरिस्त मिलेगी जिन्होंने अपनी विद्वता, कर्मठता और प्रतिभा का लोहा पूरे विश्व मे मनवाया है । सम्राट अकबर के नवरत्न बीरबल से लेकर आधुनिक समय मे स्वामी विवेकानंद , राजा राम मोहन रॉय , महर्षि अरविंद ,श्रीमंत शंकर देव ,महर्षि महेश...