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| पिनरईसूदन और एआर रहमान अपनी अम्मी के साथ |
अपने साथ हुई घटना को याद करते हुए कवि व गीतकार पिरईसूदन ने बताया कि वे एक सरकारी कार्यक्रम में रहमान से मिले। वहाँ रहमान को उन्हें देख कर याद आया कि उन लोगों ने कैसे बीते समय में एक साथ काम किया था।
गीतकार पिरईसूदन के अनुसार, इसी कार्यक्रम में रहमान ने उन्हें पुरानी यादें और साथ को तरोताजा करने के लिए अपने घर आकर गाना लिखने को आमंत्रित किया। लेकिन जब पिरईसूदन रहमान के घर गए तो उनकी अम्मी ने उन्हें घर में विभूति और कुमकुम तिलक न लगाकर आने को कहा। इसे सुनते ही पिरईसूदन ने अपने माथे से धार्मिक चिह्नों को हटाने से मना कर दिया।
Shocking Revelation of AR Rehman— Shobhana Ganesan (@GShobna) July 28, 2020
AR Rehman's Mother asked Lyricist Writer Piraisoodan not to Apply Vibhuti & Kunkumam While Visiting their House
They Left Hindu Fold & Converted
Still Hindu in TN Loved him Irrespective of his Ideology But,This is How Hindus Humiliated & Shamed pic.twitter.com/7O9EsaX9pW
Is this what **secular** Hindus are supporting?— Purnima Nath 🇺🇲🕉 (@PurnimaNath) July 30, 2020
I'd have NEVER gone to AR Rahman's concert if I knew this is WHAT he is propagating
These people are untrustworthy, they HATE all other religion especially Hindus
Imagine what a non-Muslim goes through in a Muslim country?
For Some Secular, It's a Legitimated act to ask a Hindu not to apply Vibhuti, If he is offered work & 2 Slice of Idly with Chutney...— Shobhana Ganesan (@GShobna) July 31, 2020
Our Conscience died!!
For the dump idiats https://t.co/KOBUrWmYAK plz watch full vdo and decide,— Soosandhas (@Soosandhas7) July 29, 2020
nothing is shocking. ONLY hindus are seculars and keep glorifying unworthy ppl. this AR rehman is not worth a bit of salt in front of KVM, MSV and ilayaraja. he only produces sound. he does not produce music.— Gayathri_Kashi aur Mathura abhi baaki hai (@sgaya78) July 28, 2020
हिंदू धर्म में विभूति और कुमकुम माथे पर लगाया जाता है। खासकर दक्षिण भारत में तो हर हिंदू के माथे पर ये चिह्न देखने को मिलते हैं। ऐसे में पिरई के लिए रहमान की अम्मी के शब्द किसी धक्के से कम नहीं थे।
एआर रहमान जन्मजात मुसलमान नहीं है। उनके परिवार ने कुछ समय पहले तब इस्लाम कबूला था जब उनकी बहन और पिता बहुत बीमार पड़ गए थे और एक सूफी ने उनसे लड़की की जान बचाने के नाम पर इस्लाम कबूलने को कहा। इस घटना के बाद ही दिलीप कुमार से वे एआर रहमान बन गए और कस्तूरी शेखर बनी करीमा बेगम।
इसके बाद रहमान कई विवादों का हिस्सा बने। एक बार उन्होंने हिंदू देवताओं को अपने पिता की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था और कहा था जिसे उनके पिता पूजते थे, उन्होंने ही उसकी जान ली। वहीं रहमान की बहन खतीजा रहमान ने भी बुर्का को डिफेंड किया था और ये कह दिया था कि इससे लड़कियाँ सशक्त होती हैं।
कुछ दिन पहले बॉलीवुड में नेपोटिज्म पर अलग विवाद छिड़ने के बाद रहमान ने आरोप लगाया था कि बॉलीवुड के एक गैंग ने उनके ख़िलाफ़ काम किया ताकि उन्हें कम काम मिले। रहमान ने यह भी कहा कि उन्हें बहुत ‘डार्क’ फिल्में दी जाती हैं, अच्छी नहीं, क्योंकि अधिकांश लोग उस गैंग का हिस्सा हैं।

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