अभिनेता आमिर खान अपनी अगली फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ की शूटिंग के लिए तुर्की पहुँच गए हैं। तुर्की के ‘कल्चर एंड टूरिज्म मिनिस्ट्री’ ने इसकी सूचना दी है। आमिर की अगली फिल्म टॉम हैंक अभिनीत अंग्रेजी की 1994 की फिल्म ‘फारेस्ट गंप’ की रीमेक है। इसकी आधी शूटिंग हो चुकी है, बाकी बची आधी फिल्म को तुर्की में ही फिल्माया जाएगा। बता दें कि फ़िलहाल भारत विरोधी रुख को लेकर तुर्की चर्चा में है।
कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से भारत में शूटिंग करना संभव नहीं हो पा रहा है, इसीलिए आमिर खान तुर्की गए हैं। तुर्की की मीडिया का कहना है कि आमिर खान वहाँ की तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर, सिनेमा के लिए एडवांस फ़ैसिलिटी और वर्कफोर्स कैपेसिटी से खुश हैं। इससे पहले उन्होंने वहाँ के दौरों मे इन चीजों को देखा था। तुर्की का पर्यटन मंत्रालय उनकी सहायता कर रहा है।
सोशल मीडिया पर आमिर खान की तुर्की की तस्वीरें वायरल हैं, जिसमें वो मास्क लगाए दिख रहे हैं। उजले बालों में दिख रहे आमिर खान के साथ कुछ अन्य लोग भी दिख रहे हैं। इससे पहले कोलकाता और चंडीगढ़ में इस फिल्म की शूटिंग हुई थी। ‘लाल सिंह चड्ढा’ का निर्देशन अद्वैत चंदन ने किया है। इस फिल्म में करीना कपूर बतौर मुख्य अभिनेत्री काम कर रही हैं। ये आमिर खान की महत्वाकांक्षी फिल्म है।
ट्विटर पर लोगों की प्रक्रियाएं
अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर तुर्की ने पाकिस्तान की बातों का समर्थन किया था। इसके बाद वह भारत विरोधी गतिविधियों का गढ़ बन चुका है। तुर्की में पनप रहे इस नए तरह के आतंकवाद को कोई और नहीं बल्कि वहाँ की एर्दोगन सरकार खुद बढ़ावा दे रही है। तुर्की की तरफ से भारत के मुसलमानों को कट्टर बनाने की भरपूर कोशिश जारी है। इतना ही नहीं तुर्की भारत के कट्टर मुसलमानों को और कट्टर बना कर उन्हें भारत विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल करना चाहता है।
अक्टूबर 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना तुर्की दौरा रद्द कर दिया था। तुर्की द्वारा जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को समर्थन दिए जाने के बाद भारत ने अपनी विदेश नीति में बड़ा बदलाव करते हुए तुर्की की आलोचना की थी। तुर्की लगातार कुर्दिश और सीरिया के लोगों की हत्या कर रहा है, जिसकी भारत ने आलोचना की थी। भारत ने कुर्द की स्वतंत्रता का समर्थन किया था। साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी ने साइप्रस के राष्ट्रपति से मुलाक़ात कर उसकी सम्प्रभुता को समर्थन दिया था।
जब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भारत आए थे तब तीनों खान ने उनका बहिष्कार किया था। कई बॉलीवुड हस्तियों को उनसे मिलने के लिए आमंत्रण दिया गया था, लेकिन आमिर खान सहित तीनों खान नहीं पहुँचे। कई मुसलमानों ने तब ‘असली हीरो’ कह कर उनकी तारीफ की थी।
तुर्की पर एक नज़र
कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से भारत में शूटिंग करना संभव नहीं हो पा रहा है, इसीलिए आमिर खान तुर्की गए हैं। तुर्की की मीडिया का कहना है कि आमिर खान वहाँ की तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर, सिनेमा के लिए एडवांस फ़ैसिलिटी और वर्कफोर्स कैपेसिटी से खुश हैं। इससे पहले उन्होंने वहाँ के दौरों मे इन चीजों को देखा था। तुर्की का पर्यटन मंत्रालय उनकी सहायता कर रहा है।
सोशल मीडिया पर आमिर खान की तुर्की की तस्वीरें वायरल हैं, जिसमें वो मास्क लगाए दिख रहे हैं। उजले बालों में दिख रहे आमिर खान के साथ कुछ अन्य लोग भी दिख रहे हैं। इससे पहले कोलकाता और चंडीगढ़ में इस फिल्म की शूटिंग हुई थी। ‘लाल सिंह चड्ढा’ का निर्देशन अद्वैत चंदन ने किया है। इस फिल्म में करीना कपूर बतौर मुख्य अभिनेत्री काम कर रही हैं। ये आमिर खान की महत्वाकांक्षी फिल्म है।
NEW PIC@aamir_khan resumes #LaalSinghChaddha shoot in Turkey pic.twitter.com/vjheNtCqde— Aamir Khan Official FC Kolkata (@AamirFanKolkata) August 8, 2020
ट्विटर पर लोगों की प्रक्रियाएं
पाकिस्तान के यार से याराना निभाने गये है— Gagan Chaturvedi (@GaganCh72369401) August 9, 2020
The film will be a super flop. Don't waste time.— nitesh singh rajput (@niteshs25100701) August 9, 2020
I think.. Film ki lal peeli hone wali hai india me... But yes Turkey & Pakistan can surely enjoy— Nirupam Naudiyal (@NaudiyalNirupam) August 9, 2020
Allah kamyabide Aamin— Sheikh Salim Sahara (@SheikhSalimSah1) August 9, 2020
Show the film to people of turkey coz it will not work here. And one more suggestion don't come back stay there it's a safe place for you— Sonal Singh (@sonalsi57735847) August 9, 2020
तुर्की जो भारत का हमेशा विरोध करता है उस देश में देशद्रोही आमिर खान जाके शूटिंग कर रहा है boycott movie— AVNEESH PANDEY (@avpandey11) August 9, 2020
अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर तुर्की ने पाकिस्तान की बातों का समर्थन किया था। इसके बाद वह भारत विरोधी गतिविधियों का गढ़ बन चुका है। तुर्की में पनप रहे इस नए तरह के आतंकवाद को कोई और नहीं बल्कि वहाँ की एर्दोगन सरकार खुद बढ़ावा दे रही है। तुर्की की तरफ से भारत के मुसलमानों को कट्टर बनाने की भरपूर कोशिश जारी है। इतना ही नहीं तुर्की भारत के कट्टर मुसलमानों को और कट्टर बना कर उन्हें भारत विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल करना चाहता है।
अक्टूबर 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना तुर्की दौरा रद्द कर दिया था। तुर्की द्वारा जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को समर्थन दिए जाने के बाद भारत ने अपनी विदेश नीति में बड़ा बदलाव करते हुए तुर्की की आलोचना की थी। तुर्की लगातार कुर्दिश और सीरिया के लोगों की हत्या कर रहा है, जिसकी भारत ने आलोचना की थी। भारत ने कुर्द की स्वतंत्रता का समर्थन किया था। साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी ने साइप्रस के राष्ट्रपति से मुलाक़ात कर उसकी सम्प्रभुता को समर्थन दिया था।
जब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भारत आए थे तब तीनों खान ने उनका बहिष्कार किया था। कई बॉलीवुड हस्तियों को उनसे मिलने के लिए आमंत्रण दिया गया था, लेकिन आमिर खान सहित तीनों खान नहीं पहुँचे। कई मुसलमानों ने तब ‘असली हीरो’ कह कर उनकी तारीफ की थी।
तुर्की पर एक नज़र
तुर्की के खलीफा को अंग्रेज अपदस्थ करेगा तो भारत के जिहादी उसके लिए खिलाफत आंदोलन करेगा।
इजरायल फिलिस्तीन और अरब के मुस्लिम देश को हराएगा तो भारत का जिहादी आशा करेगा कि भारत का हिन्दू और सरकार इजरायल का विरोध करे।
लेकिन उसी तुर्की में एक चर्च को मस्जिद बना दिया जाएगा तो भारत को उसी के जैसे परिणाम का भय राम मंदिर पर भी दिखाया जा रहा है
जिहादी जन्मजात कट्टर है। किसी के सगे नही है यह। भारत में यह अल्पसंख्यक है फिर भी इतने अनुनय विनय के बाद बाबर का मस्जिद के लिए दावा नही छोड़ा। जबकि अच्छी तरह जानते थे कि बाबरी राममंदिर को तोड़ कर बनी थी, लेकिन आम मुसलमानों को भी पागल बनाते रहे। इसी से इनकी कट्टरता नाप सकते हैं। जैसे ही यह बहुसंख्यक होंगे सभी धर्म का दमन कर देंगे। और इनका समर्थन करने मुसलमान इस ग़लतफ़हमी में न रहे कि हमारी बल्ले-बल्ले होगी, नहीं, विपरीत इसके असुरक्षित होने का भय हर वक़्त बना रहेगा।
तुर्की में बहुसंख्यक है तो इतने संख्या वाले आर्थिक रूप से दुनिया पर राज करने वाले ईसाई के चर्च को मस्जिद बना दिये।सोचो दुनिया मे मुट्ठी भर जो हिन्दू हैं जिनका कोई आर्थिक बर्चस्व भी नही है उसका ये क्या करेंगे।
इसलिए सावधान।
मंदिर के लिए लिए लड़ो। धर्म के लिए लड़ो।धर्म से ही तुम्हारा अस्तित्व है।तुम्हारे धर्म के अस्तित्व को मिटाकर तुम्हारा अस्तित्व भी मिटा दिया जाएगा। इस छल में मत फसो की दुनिया अस्पताल के लिए लड़ रही और हिन्दू मंदिर के लिए। यह तुम्हे ठगने के लिए है।
#मंदिर_में_ग़ैरहिन्दू_प्रवेश_निषेध
मंदिर के लिए लिए लड़ो। धर्म के लिए लड़ो।धर्म से ही तुम्हारा अस्तित्व है।तुम्हारे धर्म के अस्तित्व को मिटाकर तुम्हारा अस्तित्व भी मिटा दिया जाएगा। इस छल में मत फसो की दुनिया अस्पताल के लिए लड़ रही और हिन्दू मंदिर के लिए। यह तुम्हे ठगने के लिए है।
#मंदिर_में_ग़ैरहिन्दू_प्रवेश_निषेध
राम मंदिर के विरुद्ध जो लड़े वो क्या अस्पताल के लिए 500 सालों से लड़ रहे थे???
ईसाई देश भी तुर्की में चर्च को मस्जिद बनाने के विरोध कर रहे।उन्हें कोई नही समझा रहा कि अस्पताल के लिए लड़ो।

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