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संजय गांधी की करीबी थीं सैफ अली खान की सास रुखसाना

आर.बी.एल.निगम 
पटौदी खानदान से ताल्लुक रखने वाले सैफ अली खान ही नहीं उनकी पूर्व पत्नी अमृता सिंह का रिश्ता भी बड़े खानदान से है। अमृता सिंह की मां रुखसाना सुल्ताना ने मशहूर लेखक खुशवंत सिंह के भतीजे शविंदर सिंह से शादी की थी, हालांकि ये शादी ज्यादा दिनों तक चली नहीं और जल्दी ही दोनों का तलाक हो गया। रुखसाना और शविंदर की बेटी हैं एक्ट्रेस अमृता सिंह। कुछ दिनों से रुखसाना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। तो चलिए आपको बताते हैं कि क्यों सैफ अली खान की सास रहीं रुखसाना इन दिनों चर्चा में हैं।
25 जून 1975 को देश में इंदिरा गांधी सरकार ने आपातकाल की घोषणा की। उस दौरान उनके बेटे संजय गांधी की करीबी रहीं रुखसाना की ताकत भी बढ़ गई थी। इसका जिक्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रशीद किदवई ने इपनी किताब ’24 अकबर रोड’ में किया है। किताब के अनुसार रुखसाना संजय गांधी के साथ मिलकर काम कर रही थीं और समाजसेविका के तौर पर पहचानी जाती थीं। हालांकि रुखसाना को संजय गांधी की पत्नी मेनका गांधी, इंदिरा गांधी और यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष अंबिका समेत दूसरे लोग बिल्कुल भी पसंद नहीं करते थे।
तलाक के बाद रुखसाना ने दिल्ली के कनाट प्लेस इलाके में एक ज्वैलरी बुटीक खोली। एक दिन संजय गांधी उनके बुटीक में पहुंचे। ये देखकर एक पल के लिए रुखसाना भी हैरान रह गईं। कहा जाता है यहीं दोनों की पहली मुलाकात हुई। जब दूसरी बार रुखसाना, संजय गांधी से मिलीं तो उन्होंने बताया कि वो उनके भाषणों और लीडरशिप क्वालिटी से काफी प्रेरित हैं। 
संजय गांधी ने रुखसाना को आपातकाल के दौरान पुरानी दिल्ली के मुसलमानों को नसबंदी करवाने का काम सौंपा था। उस दौरान नसबंदी से लोग इतना डर गए कि रुखसाना का एक खौफ सा हो गया। दरअसल संजय गांधी का मानना था कि नसबंदी से जनसंख्या को रोका जा सकता है और देश के विकास में यह सहायक होगा।
आपातकाल के दौरान युवाओं से लेकर बुजर्गों को जबरन पकड़कर उनकी नसबंदी कर दी जाती थी। दिल्ली जामा मस्जिद क्षेत्र में इनके सौंदर्य के दीवाने तक काँपने लगे। भिखारियों, झल्ली वालों और रिक्शा वालों को पकड़ उनकी नसबंदी किये जाने से दिनभर क्षेत्र में इन लोगों का कहीं कोई पता नहीं होता था, डर के मारे दूसरे क्षेत्र से इस क्षेत्र में कोई तैयार नहीं होता था। रिक्शा तो शाम से सुबह तक फिर दिखाई पड़ जाती थी, लेकिन कोई भिखारी और झल्ली वाला नहीं। सब डरते थे कि पकड़ कर नसबंदी न हो जाये, इस वजह से रुखसाना को देखते ही लोग डर जाते थे। आपातकाल के बाद जब जनता पार्टी की सरकार आई तो जाहिर है रुखसाना की ताकत भी खत्म हो गई और वो खबरों से भी दूर हो गईं।
दिल्ली के जामा मस्जिद क्षेत्र में जब रुखसाना जाती थीं तो वो परफ्यूम से लैस, गुलाबी रंग का चश्मा, सिल्क साड़ी और लो-कट चोली पहनकर जाती थीं। जो पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए ध्यान आकर्षित करने वाला था लेकिन रुखसाना को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता था। इनका सौंदर्य ऐसा था कि युवा और वृद्ध इनके आने का इंतज़ार करते थे। एक बार उन्होंने कहा था कि ‘ज्वैलरी मेरे व्यक्तित्व का अहम हिस्सा है। मुझे अपने वास्तविक व्यक्तित्व को क्यों त्यागना चाहिए?’ रुखसाना को सामाजिक कार्य का कोई अनुभव था या वे डॉक्टर थीं। इससे पहले वे दिल्ली में अपना एक बुटीक चलाती थीं। 
उनकी मां जरीना बीकानेर रियासत के मुख्य न्यायाधीश मियां अहसान उल हक की बेटी और चर्चित अभिनेत्री बेगम पारा की बहन थीं। रुखसाना ने एक सैन्य अधिकारी शिविंदर सिंह से शादी की थी जो दिग्गज पत्रकार और लेखक खुशवंत सिंह के भतीजे थे। उनकी बेटी का नाम अमृता सिंह है जो हिंदी फिल्मों की चर्चित अभिनेत्री रह चुकीं हैं। बॉलीवुड एक्ट्रेस अमृता सिंह रुखसाना और शविंदर की बेटी हैं.

ये हैं अमृता सिंह की मां, संजय गांधी की नसबंदी योजना में था अहम रोलकहा तो यह भी जाता है कि रुखसाना एक सख्त मां थीं। बॉलीवुड में एंट्री के बाद जब अमृता सिंह का नाम विनोद खन्ना से जुड़ा तो रुखसाना ने ही दोनों को अलग होने का फरमान सुनाया। यही नहीं इसके लिए उन्होंने अपनी ताकत का भी इस्तेमाल किया। बाद में अमृता सिंह और विनोद खन्ना ने अलग होने का फैसला कर लिया। विनोद खन्ना से अलग होने पर अमृता सिंह का दिल बुरी तरह टूट गया. इसके बाद उनकी मुलाकात खुद से 12 साल छोटे सैफ अली खान से हुई और वो उन्हें दिल दे बैठीं1991 में अमृता सिंह ने सैफ अली खान से निकाह कर लिया। हालांकि साल 2004 में दोनों का तलाक हो गया।

इमरजेंसी की चीफ ग्लैमर गर्ल रुखसाना 

किसी ने उसे कॉलगर्ल कहा तो किसी ने स्मगलर तो किसी ने इमरजेंसी की चीफ ग्लैमर गर्ल. किसी को नहीं पता कि वो संजय गांघी के इतने करीब कैसे पहुंचीं. उनकी यादें तब ताजा हो गईं, जब मधुर भंडारकर की फिल्म इंदु सरकार में वो दिखीं, संजय गांधी के साथ हर फ्रेम में उन्हें दिखाया गया. फिल्म में उनका नाम था फरजाना, लेकिन असल जिंदगी में उनका नाम था रुखसाना सुल्ताना.

एक दौर में दिल्ली की बड़ी सोशलाइट, संजय गांधी के बेहद करीब, संजय से बात करने के लिए उन्हें किसी और की जरूरत नहीं थी. उस दौर में उनका रुतबा इतना जबरदस्त था कि कांग्रेस के नेताओं को संजय तक बात पहुंचाने के लिए उनकी मदद लेनी पड़ती थी. आज रुखसाना की बेटी को लोग उनसे ज्यादा जानते हैं.
रुखसाना की बेटी हैं अमृता सिंह, वो मशहूर एक्ट्रेस जो कभी मर्द में अमिताभ के और चमेली की शादी में अनिल कपूर के अपोजिट काम करके चर्चा में आई थीं. उसके बाद अपने से कम उम्र के युवा सैफ अली खान से शादी करके सबको चौंका दिया था. अमृता की मां का भी जलवा कम नहीं था, सरदार शिवेन्द्र सिंह विर्क से शादी टूटने के बाद रुखसाना एक ज्वैलरी बुटीक चलाने लगीं थीं. 
एक चर्चित मैगजीन को इंटरव्यू में रुखसाना ने खुद बताया था कि संजय से उन्हें किसी ने नहीं मिलवाया, वो डायरेक्ट संजय गांघी से मिलीं और संजय ने उन्हें जामा मस्जिद, चांदनी चौक के इलाके की रिपोर्ट्स लाने के लिए कहा, वो डेली संजय को रिपोर्ट देने लगीं. मुस्लिम होने के नाते उनको वहां वैसी कोई दिक्कत नहीं आई.
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इमरजेंसी में बंद होने वाले सम्पादक केवल रतन मलकानी आर.बी.एल.निगम आजादी के महज 28 साल बाद ही देश को तत्कालिन प्रधानमं.....
31 साल की रुखसाना संजय के इतने करीब आ गईं कि कई चीफ मिनिस्टर संजय से उसके जरिए बात करने लगे थे. मधुर की फिल्म में दिखाया भी गया है कि कैसे संजय ने उनको पुरानी दिल्ली के इलाकों में नसबंदी का कैम्पेन चलाने को भी कहते हैं. आपको यकीन नहीं होगा लेकिन एक रिपोर्ट के मुताबिक रुखसाना सुल्ताना के क्रेडिट में पूरे 13 हजार नसबंदियां हैं. इतना ही नहीं तुर्कमान गेट समेत पुरानी दिल्ली के कई इलाकों में डिमोलीशन में भी रुखसाना की प्रमुख भूमिका थी. लोग आरोप लगाते हैं कि रुखसाना के गुंडे नसंबदी से बचने के लिए पैसे मांगते, ना देने पर घर तुड़वाते, नसंबदी करवा देते थे.
टाइटलर, कमलनाथ, सज्जन के अलावा संजय के गैंग फोर की अकेली लेडी थीं रुखसाना, आलम ये था कि नेता को नेता बिजनेसमेन्स को भी लाइसेंस लेने के लिए रुखसाना की जरूरत होती थी. उस वक्त मीडिया ने रुखसाना को इमरजेंसी की चीफ ग्लैमर गर्ल जैसे खिताब दिए.
इंदिरा सरकार गिरी तो कई ज्वैलर्स ने उन पर पैसों के गबन के आरोप लगाए. कहा जाता है कि अमृता सिंह को अमिताभ बच्चन जैसे बड़े सितारों के साथ काम मिलना हो या नवाब पटौदी के घर में एंट्री, उनकी मां रुखसाना का अहम रोल रहा था. हालांकि रुखसाना ने हर इंटरव्यू में खुद को ही नहीं संजय गांधी तक को निर्दोष ही बताया, कहा कि संजय गांधी के इरादे तो अच्छे थे, लोग संजय को ढ़ंग से समझ नहीं पाए.

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