| जोधपुर एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे |
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की राजस्थान गौरव यात्रा के दूसरे चरण के दूसरे दिन जोधपुर में कई जगहों पर विरोध, हंगामे के बीच शुरू हुई। पीपाड़ में तो देर रात 9:45 बजे गौरव रथ पर पथराव भी कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने अशोक गहलोत जिंदाबाद के नारे भी लगाए। इससे पहले दिन में ओसियां में हनुमान बेनीवाल के समर्थकों ने काले झंडे दिखा कर जबर्दस्त हंगामा किया तो वहीं राजपूत समाज की बैठक में नहीं आने से नाराज लोगों ने हाई-वे जाम कर दिया।
पीपाड़ के मंच से तो संबोधन होने के दौरान ही गहलोत समर्थकों ने नारेबाजी करनी शुरू कर दी। भीड़ में से लोगों ने पत्थर उछाल दिए तथा गाड़ियों के कांच फोड़ दिए। माहौल गर्माने के बाद राजे ने सभा खत्म कर दी और जोधपुर एयरपोर्ट पर चार्टर मंगवा लिया। उन्हें रात्रि विश्राम खेजड़ला करना था, परंतु वह जयपुर के लिए निकल गईं। डीआईजी राघवेंद्र सुहासा ने कहा कि पीपाड़ ही नहीं ओसियां में भी सभा शांतिपूर्वक हुई। पीपाड़ में न किसी को पत्थर लगा, न ही किसी ने फेंकते हुए किसी को देखा। सिर्फ बातें आईं थी। कारकेड में शामिल किसी गाड़ी के भी कांच नहीं फूटे। ओसियां में कुछ युवकों ने मुख्यमंत्री के पहुंचने से आधा घंटे पहले हंगामे का प्रयास किया था, उन्हें खदेड़ दिया था।
पीपाड़ के मंच से तो संबोधन होने के दौरान ही गहलोत समर्थकों ने नारेबाजी करनी शुरू कर दी। भीड़ में से लोगों ने पत्थर उछाल दिए तथा गाड़ियों के कांच फोड़ दिए। माहौल गर्माने के बाद राजे ने सभा खत्म कर दी और जोधपुर एयरपोर्ट पर चार्टर मंगवा लिया। उन्हें रात्रि विश्राम खेजड़ला करना था, परंतु वह जयपुर के लिए निकल गईं। डीआईजी राघवेंद्र सुहासा ने कहा कि पीपाड़ ही नहीं ओसियां में भी सभा शांतिपूर्वक हुई। पीपाड़ में न किसी को पत्थर लगा, न ही किसी ने फेंकते हुए किसी को देखा। सिर्फ बातें आईं थी। कारकेड में शामिल किसी गाड़ी के भी कांच नहीं फूटे। ओसियां में कुछ युवकों ने मुख्यमंत्री के पहुंचने से आधा घंटे पहले हंगामे का प्रयास किया था, उन्हें खदेड़ दिया था।
नारी शक्ति किसी से डरने वाली नहीं :वसुंधरा राजे, मुख्यमंत्री
कांग्रेस के एक बड़े नेता के इशारे पर राजस्थान गौरव यात्रा पर पथराव हुआ पर हम डरने वाले नहीं हैं। बौखलाहट में इस तरह का काम वो लोग करते हैं, जिन्होंने प्रदेश के विकास में कुछ नहीं किया। वे एक महिला को डराना चाहते हैं। शायद वो भूल रहे हैं कि नारी शक्ति किसी से डरने वाली नहीं है, राजस्थान के लिए यदि मेरी जान भी चली जाए तो मैं इसे अपनी खुशकिस्मती समझूंगी।
शेरगढ़ से हुई शुरूआत
यात्रा का दूसरा दिन लाेहावट से शेरगढ़ विधानसभा के लिए शुरू हुआ और देचू में विरोध की शुरूआत हो गई। इससे पहले शुक्रवार रात ओसियां व शेरगढ़ के क्षेत्रों में जहां मुख्यमंत्री की सभाएं होनी थी, वहां लगे पोस्ट फाड़ दिए गए थे। देचू से जब मुख्यमंत्री हेलीपेड से सेखाला के लिए रवाना हो रही थी तब सोलर प्लांट के आसपास के लोगाें ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
सेखाला में विधायक प्रत्याशी बदलने की मांग
मुख्यमंत्री जब सेखाला में पंचायत समिति के भवन का लोकार्पण करने पहुंचीं, तब सड़कों पर खड़े कई लोगों ने शेरगढ़ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा का प्रत्याशी बदलने की मांगें लिखी तख्तियां लहरा कर नारेबाजी की। सभा स्थल से एक किमी दूर खड़े करीब डेढ़ सौ लोगों ने भी ऐसी ही तख्तियां दिखाकर नारेबाजी की। सभा के दौरान भी पांडाल के बाहर खड़े ये लोग नारेबाजी करते रहे।
ओसियां में बिखराव
ओसियां की सभा में भी जबर्दस्त भीड़ थी, परंतु वहां खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल के कई समर्थक काले झंडे लहराते हुए आ गए। मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सभा में घुसने लगे। पुलिस ने लाठियां बजा कर उन्हें खदेड़ा। उसी समय राजपूतों में भी मुख्यमंत्री के खिलाफ गुस्सा पनप गया। मुख्यमंत्री उनकी बैठक में नहीं पहुंची थी। राजपूतों ने नारेबाजी करते हुए स्टेट हाईवे पर टायर जला जाम कर दिया। पुलिस को उन्हें भी खदेड़ कर रास्ता खुलवाना पड़ा।
- ओसियां से जब बावड़ी में सभा करने पहुंची तो मुख्यमंत्री के काफिले के पीछे कुछ लोगों ने पत्थर फेंके। एक पत्थर चिकित्सा मंत्री कालीचरण सर्राफ की कार पर भी लगा। बावड़ी की सभा में मुख्यमंत्री ने इसका जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि काले झंडे दिखाने तथा पत्थर फेंकने वालों से घबराने की जरूरत नहीं है।
पीपाड़ में पथराव
फिर यात्रा के पीपाड़ पहुँचने पर मुख्यमंत्री मंच पर गई तो रियां में पंचायत समिति स्थानांतरण के विरोधी और गहलोत समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। भाषण रुकवाने का प्रयास किया। रथ पर तो पत्थर फेंके ही, कुछ पत्थर मंच की ओर भी उछाल दिए तो माहौल गर्मा गया। मुख्यमंत्री ने रथ से संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस व गहलोत पत्थर ही फेंक सकते हैं, इन्हें जनता सबक सिखाएगी। उसके बाद मुख्यमंत्री उखड़ गईं और खेजड़ला ठहरने की बजाय चार्टर मंगवा कर जोधपुर से जयपुर रवाना हो गई।
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