दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार कथित तौर पर अब तक का सबसे बड़ा धर्मांतरण कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। दावे किए जा रहे हैं कि इस कार्यक्रम के जरिए 10 हजार के करीब हिंदुओं को ईसाई बनाया जाएगा। दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में 25 और 26 अगस्त को हो रहे इस कार्यक्रम में खुद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया चीफ गेस्ट हैं। हो सकता है कि आपको इस पर भरोसा न हो रहा हो, लेकिन जो जानकारियां हमें मिल रही हैं वो काफी हद तक चौंकाने वाली हैं। दरअसल शनिवार और रविवार के दिन तालकटोरा स्टेडियम में ‘फेमिली ऑफ लॉर्ड जीसस चर्च’ यानी FOJL नाम की संस्था का कार्यक्रम हो रहा है। यह संस्था धर्मांतरण कराने के लिए बदनाम रही है। इसका प्रमुख पीएस रामबाबू खुद दावा करता है कि उसने 10 लाख लोगों को ईसाई बनाया है। विवाद के बाद एनडीएमसी ने संस्था के कार्यक्रम की अनुमति वापस ले ली, लेकिन आयोजकों ने आदेश पर हाई कोर्ट से स्टे ले लिया। दिल्ली के पूर्व मंत्री और विधायक कपिल मिश्रा ने दावा किया है कि यह कार्यक्रम धर्मांतरण के ही नीयत से हो रहा है। कपिल मिश्रा ने तालकटोरा स्टेडियम के बाहर धरना देने का भी एलान किया है। न्यूज़लूज पर हमने पिछले साल फरवरी में ही खुलासा किया था कि केजरीवाल सरकार आने के बाद से दिल्ली में ईसाई मिशनरियों की गतिविधियां कई गुना बढ़ गई हैं।
धर्मांतरण कार्यक्रम में सरकार का क्या काम?
यह सवाल उठ रहा है कि ईसाई धर्म के कार्यक्रम में आखिर उपमुख्यमंत्री का जाना कहां तक उचित है? दरअसल अब तक ऐसे प्रोग्रामों में खुद सीएम अरविंद केजरीवाल जाया करते थे, लेकिन विवाद के डर से इस बार उन्होंने डिप्टी सीएम को भेजा है। कपिल मिश्रा ने साफ आरोप लगाया है कि धर्मांतरण के इस खेल में सीधे तौर पर केजरीवाल सरकार शामिल है। आयोजक संस्था की वेबसाइट के हवाले से बताया है कि यह संस्था हर साल 10 लाख लोगों को ईसाई बनाती है। संस्था के प्रमुख रामबाबू का बेटा अंकित रामबाबू भी इवैंजलिस्ट का काम ही करता है। इसका पूरा परिवार हिंदू नाम रखता है, लेकिन ईसाई धर्म फैलाने में जुटा है। खास बात है कि यह संस्था लोगों को ईसाई बनाने के लिए अंधविश्वास का सहारा लेती है। ये दोनों ठग बाप-बेटे कैंसर, पोलियो, शरीर की अपंगता और दूसरी ऐसी तमाम जानलेवा बीमारियां चमत्कार से ठीक करने का दावा करते हैं। लोगों के इलाज की आड़ में उन्हें कब ईसाई बना दिया जाता है पता भी नहीं चलता। इनके कार्यक्रमों में आने वाले हर किसी को क्रॉस पहनना जरूरी कर दिया जाता है। इन गतिविधियों के ढेरों वीडियो इनकी वेबसाइट और यूट्यूब पर भी देखे जा सकते हैं।
क्या ईसाई बन चुके हैं सीएम केजरीवाल?
न्यूज़लूज़ को एक विश्वस्त जरिए से मिली जानकारी के मुताबिक इस सवाल का जवाब हां है। केजरीवाल हिंदू नाम और पहचान के साथ जरूर रहते हैं लेकिन वो कई साल पहले धर्मांतरण करके ईसाई बन चुके हैं। खुद केजरीवाल बता चुके हैं कि उन्होंने मदर टेरेसा के मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी के लिए काम किया है। इस संस्था में आम तौर पर वही लोग काम करते हैं जो ईसाई होते हैं। हाल ही में मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी में बच्चे बेचे जाने का भंडाफोड़ हुआ था। तालकटोरा स्टेडियम में हो रहे कार्यक्रम का नाम भी ‘सुपरनेचुरल’ है। नाम से ही समझा जा सकता है कि इसमें अंधविश्वास के सहारे ईसाईयत का प्रचार किया जाएगा। कार्यक्रम से जुड़े एक व्यक्ति से हमने बातचीत की तो पता चला कि उन्होंने करीब 10 हजार लोगों की एक लिस्ट तैयार की है, जो ईसाई धर्म अपनाने को तैयार हैं। इनमें से ज्यादातर झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले गरीब लोग हैं। इन लोगों की पहचान कराने का काम और धर्मांतरण के लिए जरूरी मदद केजरीवाल सरकार कर रही है। केजरीवाल सरकार पहले भी छोटे पैमाने पर यह काम करती रही है, लेकिन इस बार कार्यक्रम का स्केल बहुत ज्यादा है। हालांकि सभी 10 हजार लोग एक दिन में धर्म नहीं बदलेंगे। इन्हें धीरे-धीरे ईसाई धर्म में लाया जाएगा, ताकि किसी तरह के विवाद से बचा जा सके। फिलहाल कपिल मिश्रा ने इस अभियान के खिलाफ जंग छेड़ रखी है। नीचे देखें उनके ट्वीट्स।
पहले कार्यक्रम रद्द होने की खबर आई थी। फिर देर रात कोर्ट के स्टे की जानकारी कपिल मिश्रा ने ही दी। उन्होंने तालकोरा स्टेडियम पर धरना देने का एलान किया है।
अवलोकन करें:--
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URGENT -
just now HC given stay on ban on event
Event will happen
कल 11 बजे से मैं तालकटोरा स्टेडियम के बाहर धरना करूँगा
कल सारा देश देखेगा राजधानी में कैसा झूठ, पाखंड, अंधविश्वास बेचा जा रहा हैं @DelhiPolice - Pls video record the entire event
just now HC given stay on ban on event
Event will happen
कल 11 बजे से मैं तालकटोरा स्टेडियम के बाहर धरना करूँगा
कल सारा देश देखेगा राजधानी में कैसा झूठ, पाखंड, अंधविश्वास बेचा जा रहा हैं @DelhiPolice - Pls video record the entire event
नीचे वीडियो में रामबाबू की संस्था का पाखंड देखिए। कैसे ये भोले-भाले लोगों को मूर्ख बनाकर ईसाई बना रहा है।
अरविंद केजरीवाल पर हमेशा से यह आरोप लगता रहा है कि उनकी पहचान सही नहीं है। राजनीति में आने से पहले वो एनजीओ का धंधा करते थे, जिसमें उन्हें फोर्ड फाउंडेशन से पैसे मिला करते थे। फोर्ड फाउंडेशन के बारे में यह बात छिपी नहीं है कि उसका छिपा एजेंडा हमेशा ईसाइयत को बढ़ावा देने वाला होता है। लेकिन दिल्ली में यीशू के चमत्कारों पर कार्यक्रमों का आयोजन करके केजरीवाल ने अपनी पहचान काफी हद तक जाहिर कर दी है।(साभार: न्यूज़लूज़)

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