गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पाकिस्तान के नागरिक आए दिन भारत सरकार से गुहार लगाते दिखते हैं, लेकिन, पाकिस्तान सरकार को एक भारतीय पर रहम नहीं आया। इंस्ताबुल (तुर्की) से दिल्ली आ रहे तुर्की एयरलाइंस की फ्लाइट में भिवाड़ी (राजस्थान) निवासी युवक विपिन (33) की तबीयत खराब होने पर पायलट ने लाहौर में आपात लैंडिंग कराई।विमान अधिकारी पाकिस्तानी अधिकारियों से युवक को अस्पताल में दाखिल कराने की अपील करते रहे, लेकिन पाक अधिकारियों को युवक पर रहम नहीं आया। लगभग पांच घंटे की देरी से फ्लाइट दिल्ली पहुंची और युवक को गुरुग्राम स्थित मेदांता मेडिसिटी अस्पताल में दाखिल कराया गया। विपिन की हालत गंभीर बनी हुई है।
उनके दोस्तों और परिजनों का आरोप है कि पाकिस्तान के अड़ियल रवैये के कारण ही विपिन को इलाज नहीं मिला। विदेश में इलाज नहीं मिलने के कारण अब दस हजार यूएस डॉलर का यात्रा बीमा लेने में दिक्कत आ रही है। परिजनों ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज व प्रधानमंत्री कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज कराई है।
मूलरूप से भिवाड़ी निवासी विपिन एक निजी बीमा कंपनी के बतौर मैनेजिग पार्टनर कार्यरत हैं। वह डीएलएफ स्थित एक सोसायटी में रह रहे थे। दस अगस्त को कंपनी की तरफ से अन्य कर्मचारियों के साथ तुर्की यात्रा पर गए थे। 12 अगस्त की रात 8ः30 पर वे इंस्ताबुल एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुए। रात करीब एक बजे उन्हें सीजर स्ट्रोक लगा और बेहोश हो गए थे।
विपिन के दोस्त अविनाश कुमार सिंह ने कहा कि विमान की आपातकालीन लैंडिंग लाहौर एयरपोर्ट पर कराई गई। लैंडिग से पहले पायलट ने मेडिकल इमरजेंसी के बारे लाहौर एयरपोर्ट अथॉरिटी को जानकारी दी थी। बावजूद इसके,लैंडिग के बाद वहां से अस्पताल ले जाने के लिए मना कर दिया गया। हालांकि विमान में सवार एक डॉक्टर ने उन्हें देखा, लेकिन स्थिति नियंत्रित नहीं हुई।
फ्लाइट पांच घंटे लेट दिल्ली पहुंची। यहां से तुरंत विपिन को मेदांता अस्पताल लाया गया। उनका इलाज न्यूरो सर्जन डा. आत्माराम बंसल की देखरेख में चल रहा है। विपिन के सहकर्मी श्रीकांत शर्मा का कहना है कि यदि पाकिस्तान ने इलाज नहीं करना था तो लैंडिंग की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी। इससे सीधे दिल्ली पहुंचकर इलाज शुरू होता और विपिन की हालत नहीं बिगड़ती।
नहीं मिल पा रहा बीमा का लाभ
विदेश टूर से पहले विपिन ने एक निजी कंपनी से दस हजार यूएस डॉलर का बीमा लिया था। जो इलाज या किसी अन्य इमरजेंसी में कंपनी द्वारा देय होता है, लेकिन अब बीमा कंपनी ने विपिन के परिवार वालों को विदेशी धरती पर इलाज नहीं होने की बात कहकर क्लेम देने से मना कर दिया है। तर्क दिया गया कि यह बीमा विदेशी टूर के दौरान दिया जाता है।
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