प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को देश के 72वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर देशवाशियों को आजादी की शुभकामनाएं दीं। पीएम ने अपने भाषण में बदलते भारत की तस्वीर पेश करने के साथ उन कमजोरियों का उल्लेख किया जिसके चलते देश अपेक्षित तरक्की नहीं कर सका। पीएम ने कहा कि भारत के प्रति दुनिया का नजरिया आज बदल चुका है और देश एक वैश्विक ताकत के रूप में उभर चुका है। प्रधानमंत्री ने देश के विकास से जुड़े कई मुद्दों पर अपने विचार रखे। देश को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम (Ayushman Bharat Scheme) को 25 सितंबर 2018 को लॉन्च किया जाएगा। नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस स्कीम के तहत 10 करोड़ परिवारों यानी करीब 50 करोड़ लोगों आएंगे। हर परिवार को 5 लाख रुपए सालाना का इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा।
आज से शुरू होगी टेस्टिंग
नरेंद्र मोदी ने कहा कि आयुष्मान स्कीम को शुरू करने के लिए जो टेक्नोलॉजी डेवलप की गई है उसकी टेस्टिंग 15 अगस्त से शुरू हो रही है। इस टेस्टिंग आगामी 5 से 6 हफ्ते तक चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों को स्कीम का फायदा आसानी से मिल सके, इसके लिए टेक्नोलॉजी की अहम भूमिका है।
11 करोड़ फैमिली कार्ड प्रिंट कराएगी सरकार
आयुष्मान भारत हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम के तहत सरकार लगभग 11 करोड़ फैमिली कार्ड प्रिन्ट कराएगी। लाभार्थियों को इन कार्ड्स की हैंड डिलीवरी की जाएगी यानी उन्हें ये कार्ड हाथ में सौंपे जाएंगे। इसके लिए गांवों में आयुष्मान पखवाड़ा प्रोग्राम चलाया जाएगा। इसकी जानकारी आयुष्मान भारत- नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन (AB-NHPM) द्वारा जारी बिड डॉक्युमेंट से मिली। money.bhaskar.com के पास इस डॉक्युमेंट की कॉपी मौजूद है।
फैमिली कार्ड्स में स्कीम का लाभ पाने वालों के नाम मौजूद होंगे, साथ ही इसके साथ एक लेटर भी होगा जिसमें आयुष्मान स्कीम के सभी फीचर्स की जानकारी मौजूद होगी। फैमिली कार्ड लाभार्थियों की पहचान प्रक्रिया को आसान बनाने का एक जरिया भी होंगे। हालांकि इसके लिए अन्य डॉक्युमेंट्स की भी जरूरत होगी।
क्या है आयुष्मान स्कीम
आयुष्मान भारत स्कीम की घोषणा बजट 2019 के दौरान की गई थी। इस स्कीम के तहत देश के 10 करोड़ परिवारों को 5 लाख रुपए तक के फ्री हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा दी जाएगी। इसमें लगभग सभी गंभीर बीमारियों का इलाज कवर होगा। कोई भी व्यक्ति (विशेष रूप से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग) इलाज से वंचित न रह जाए, इसके लिए स्कीम में फैमिली साइज और उम्र पर कोई सीमा नहीं लगाई गई है।
इस स्कीम में हॉस्पिटलाइजेशन से पहले और बाद के खर्च को भी शामिल किया गया है। हर बार हॉस्पिटलाइजेशन के लिए ट्रांसपोर्टेशन अलाउंस का भी उल्लेख किया गया है, जिसका भुगतान लाभार्थी को किया जाएगा। इलाज देश के किसी भी सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में कैशलेस इलाज कराया जा सकेगा। इस स्कीम से लगभग 50 करोड़ लोगों को फायदा पहुंचेगा।
उम्र की कोई सीमा नहीं
आयुष्मान भारत स्कीम में कोई भी (विशेष रूप से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग) इलाज से वंचित न रहे, इसके लिए फैमिली साइज और उम्र पर कोई सीमा नहीं लगाई गई है. इस स्कीम में अस्पताल में भर्ती होने और उसके बाद के खर्च को शामिल किया गया है. हर बार हॉस्पिटलाइजेशन के लिए ट्रांसपोर्टेशन अलाउंस का भी उल्लेख किया गया है. इलाज देश के किसी भी सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में कैशलेस इलाज कराया जा सकेगा. इस योजना के तहत स्वास्थ्य मित्र बनाए जाने की भी खबर है.
आयुष्मान भारत योजना का क्या होगा मॉडल
सूत्रों के मुताबिक, देश के तमाम राज्यों में इस स्कीम को हाइब्रिड मॉडल पर लागू किया जा सकता है. इसके तहत 1 लाख रुपए तक के इलाज का खर्च बीमा कंपनी वहन करेगी. वहीं, इलाज का बिल 1 लाख रुपए से अधिक होने पर बिल का भुगतान ट्रस्ट करेगा. देश में इस स्कीम को लागू करने के लिए 23 राज्य सहमत हो गए हैं. लेकिन कई राज्य ऐसे हैं जो अपने यहां इस स्कीम को इन्श्योरेंस मॉडल के बजाए ट्रस्ट मॉडल पर लागू करना चाहते हैं. हाइब्रिड मॉडल पर ज्यादातर राज्य सहमत हो सकते हैं. इससे बीमा कंपनियों पर भी कम खर्च आएगा और केंद्र सरकार को भी इस स्क्ीम के तहत प्रति परिवार कम प्रीमियम देना होना.
आज से शुरू होगी टेस्टिंग
नरेंद्र मोदी ने कहा कि आयुष्मान स्कीम को शुरू करने के लिए जो टेक्नोलॉजी डेवलप की गई है उसकी टेस्टिंग 15 अगस्त से शुरू हो रही है। इस टेस्टिंग आगामी 5 से 6 हफ्ते तक चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों को स्कीम का फायदा आसानी से मिल सके, इसके लिए टेक्नोलॉजी की अहम भूमिका है।
11 करोड़ फैमिली कार्ड प्रिंट कराएगी सरकार
आयुष्मान भारत हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम के तहत सरकार लगभग 11 करोड़ फैमिली कार्ड प्रिन्ट कराएगी। लाभार्थियों को इन कार्ड्स की हैंड डिलीवरी की जाएगी यानी उन्हें ये कार्ड हाथ में सौंपे जाएंगे। इसके लिए गांवों में आयुष्मान पखवाड़ा प्रोग्राम चलाया जाएगा। इसकी जानकारी आयुष्मान भारत- नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन (AB-NHPM) द्वारा जारी बिड डॉक्युमेंट से मिली। money.bhaskar.com के पास इस डॉक्युमेंट की कॉपी मौजूद है।
फैमिली कार्ड्स में स्कीम का लाभ पाने वालों के नाम मौजूद होंगे, साथ ही इसके साथ एक लेटर भी होगा जिसमें आयुष्मान स्कीम के सभी फीचर्स की जानकारी मौजूद होगी। फैमिली कार्ड लाभार्थियों की पहचान प्रक्रिया को आसान बनाने का एक जरिया भी होंगे। हालांकि इसके लिए अन्य डॉक्युमेंट्स की भी जरूरत होगी।
क्या है आयुष्मान स्कीम
आयुष्मान भारत स्कीम की घोषणा बजट 2019 के दौरान की गई थी। इस स्कीम के तहत देश के 10 करोड़ परिवारों को 5 लाख रुपए तक के फ्री हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा दी जाएगी। इसमें लगभग सभी गंभीर बीमारियों का इलाज कवर होगा। कोई भी व्यक्ति (विशेष रूप से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग) इलाज से वंचित न रह जाए, इसके लिए स्कीम में फैमिली साइज और उम्र पर कोई सीमा नहीं लगाई गई है।
इस स्कीम में हॉस्पिटलाइजेशन से पहले और बाद के खर्च को भी शामिल किया गया है। हर बार हॉस्पिटलाइजेशन के लिए ट्रांसपोर्टेशन अलाउंस का भी उल्लेख किया गया है, जिसका भुगतान लाभार्थी को किया जाएगा। इलाज देश के किसी भी सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में कैशलेस इलाज कराया जा सकेगा। इस स्कीम से लगभग 50 करोड़ लोगों को फायदा पहुंचेगा।
उम्र की कोई सीमा नहीं
आयुष्मान भारत स्कीम में कोई भी (विशेष रूप से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग) इलाज से वंचित न रहे, इसके लिए फैमिली साइज और उम्र पर कोई सीमा नहीं लगाई गई है. इस स्कीम में अस्पताल में भर्ती होने और उसके बाद के खर्च को शामिल किया गया है. हर बार हॉस्पिटलाइजेशन के लिए ट्रांसपोर्टेशन अलाउंस का भी उल्लेख किया गया है. इलाज देश के किसी भी सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में कैशलेस इलाज कराया जा सकेगा. इस योजना के तहत स्वास्थ्य मित्र बनाए जाने की भी खबर है.
आयुष्मान भारत योजना का क्या होगा मॉडल
सूत्रों के मुताबिक, देश के तमाम राज्यों में इस स्कीम को हाइब्रिड मॉडल पर लागू किया जा सकता है. इसके तहत 1 लाख रुपए तक के इलाज का खर्च बीमा कंपनी वहन करेगी. वहीं, इलाज का बिल 1 लाख रुपए से अधिक होने पर बिल का भुगतान ट्रस्ट करेगा. देश में इस स्कीम को लागू करने के लिए 23 राज्य सहमत हो गए हैं. लेकिन कई राज्य ऐसे हैं जो अपने यहां इस स्कीम को इन्श्योरेंस मॉडल के बजाए ट्रस्ट मॉडल पर लागू करना चाहते हैं. हाइब्रिड मॉडल पर ज्यादातर राज्य सहमत हो सकते हैं. इससे बीमा कंपनियों पर भी कम खर्च आएगा और केंद्र सरकार को भी इस स्क्ीम के तहत प्रति परिवार कम प्रीमियम देना होना.
- सेना में महिला अधिकारियों को मिलेगा स्थायी कमीशन
प्रधानमंत्री ने लाल किले से सेना के महिला अधिकारियों के लिए बड़ी घोषणा की। पीएम ने कहा कि शॉर्ट सर्विस कमीशन से नियुक्त महिला अधिकारियों को अब पुरुष अधिकारियों की तरह स्थायी कमीशन मिलेगा। अभी तक महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन नहीं मिलता है। महिला अधिकारी लंबे समय से स्थायी कमीशन देने की मांग कर रही थीं। सेना के तीनों अंगों थल, वायु और नौसेना में महिला अधिकारियों की नियुक्ति शॉर्ट सर्विस कमीशन के जरिए होती है।
- 2022 से पहले मानवयुक्त सेटेलाइट अंतरिक्ष में भेजेगा भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से एक बड़ी घोषणा की। पीएम ने कहा कि भारत 2022 से पहले अंतरिक्ष में मानवयुक्त यान भेजेगा। उन्होंने कहा कि भारत का कोई बेटी या बेटा अंतरिक्ष में तिरंगा लेकर जाएगा। भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिक इसे सच करके दिखाएंगे। पीएम ने कहा कि अंतरिक्ष की दुनिया में भारत एक बड़ी ताकत बन चुका है। भारत अब एक साथ 100 सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजने लगा है।
- हम मक्खन पर नहीं, पत्थर पर लकीर खींचने वाले लोग हैं
प्रधानमंत्री ने देश हित में फैसले नहीं कर पाने के लिए पूर्व की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बड़े फैसले करने के लिए साहस की जरूरत होती है। देश हित में हमने यह हिम्मत दिखाई। प्रधानमंत्री ने कहा कि 'हम मक्खन पर नहीं, पत्थर पर लकीर खींचने वाले लोग हैं।' पीएम ने कहा कि सरकार के कड़े फैसले का असर आज दिख रहा है। देश तेजी के साथ बदल रहा है। पीएम ने कहा कि जनता ने सरकार के फैसलों का समर्थन किया है।
- भारतीय पासपोर्ट की ताकत बढ़ गई है
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के समय में भारत के पासपोर्ट की ताकत बढ़ गई है। विदेशों में रहने वाले भारतीय अपने पासपोर्ट की ताकत आज महसूस करते हैं। उनमें आज सरकार के प्रति भरोसा बढ़ा है। पीएम ने कहा, 'कोई भारतीय यदि कहीं बाहर मुश्किल में फंस जाता है तो उसे यकीन है कि देश उसे अकेला नहीं छोड़ेगा, देश उसके पीछा खड़ा है। उसे उम्मीद है कि देश उसे बाहर निकाल लेगा। पहले भारतीय नागरिकों को यह भरोसा नहीं था।'
- 'मुस्लिम बहनों और महिलाओं को तीन तलाक से मुक्ति दिलाएंगे'
- प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन तलाक की कूरीति ने हमारी मुस्लिम महिलाओं एवं बेटियों की जिंदगी को तबाह कर दिया है। इस कुरीति पर रोक लगाने के लिए हमने विधेयक लाने का प्रयास किया लेकिन कुछ लोग इसे पारित नहीं होने देना चाहते। पीएम ने कहा, 'मैं मुस्लिम बेटियों को विश्वास दिलाता हूं कि मैं उनकी आशा-आकांक्षा को पूरा करके रहूंगा।'
- AFSPA कुछ राज्यों में सिमटा
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों एवं सुरक्षाबलों के प्रयासों के कारण सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम (अफस्पा) कुछ राज्यों में सिमटकर रह गया हैा। अफस्पा तीन चार दशक से पूर्वोत्तर के राज्यों में लगा हुआ था। केंद्र-राज्य की योजनाओं और सुरक्षाबलों के प्रयासों के कारण कई वर्षों के बाद त्रिपुरा और मेघालय अफस्पा से मुक्त हो गए हैं। अरुणाचल के कुछ जिलों में अफस्पा लग हुआ है। सुरक्षाबलों के प्रयासों और विकास की योजनाओं के कारण वाम उग्रवाद 126 जिलों से सिमटकर अब 90 जिलों तक रह गया है।
- 'कश्मीर पर हम अटल बिहारी वाजपेयी के रास्ते पर चलना चाहते हैं'
प्रधानमंत्री ने कहा कि कश्मीर पर हम अटल बिहारी वाजपेयी के रास्ते पर चलना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'वह वाजपेयी की इंसनियत, कश्मीरियत और जम्हूरियत के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहते हैं।' प्रधानमंत्री ने कहा कि वह इसी रास्ते पर चलते हुए जम्मू-कश्मीर का विकास करना चाहते हैं। पीएम ने कहा, 'हम जन-जन को गले लगाकर आगे बढ़ना चाहते हैं। जम्मू-कश्मीर में अगले कुछ महीने में वहां पंचायत और स्थानीय चुनाव हों उस दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। हम 'सबका साथ, सबका विकास' के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हम गोली और गाली के रास्ते पर नहीं कश्मीर के लोगों को गले लगाकर आगे बढ़ना चाहते हैं।
- पीएम ने कहा-झुकना हमारे स्वभाव में नहीं है
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश अब तो न रुकेगा और न झुकेगा। पीएम ने कहा कि झुकना तो हमारे स्वभाव में नहीं है। पहले दुनिया भारत को सोया हुआ हाथी कहती थी लेकिन आज भारत आगे बढ़ रहा है। भारत दुनिया की नई आर्थिक ताकत बन गया है। देश की बढ़ती ताकत को आज दुनिया स्वीकार कर रही है।
- प्रधानमंत्री ने नए भारत को समर्पित कविता पढ़ी
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण का समापन एक कविता से की जो काफी प्रेरक है।
पीएम ने 82 मिनट तक अपनी बात रखी। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के इस अंतिम भाषण पर पूरे देश की नजर थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हर भारतीय के पास अपना घर हो, हर भारतीय के घर में बिजली कनेक्शन हो, धुआं से मुक्ति के लिए भारतीय के गैस कनेक्शन हो, हर भारतीय की जरूरत पूरा करने के लिए उनके पास पर्याप्त जल हो। साथ ही उन्होंने हर भारतीय तक इंटरनेट पहुंचाने की बात कही, वहीं हर भारतीय को बीमा का सुरक्षा कवच मिले।अपने मन में एक लक्ष्य लिए
मंजिल अपनी प्रत्यक्ष लिए
हम तोड़ रहे हैं जंजीरें
हम बदल रहे हैं तस्वीरें
ये नवयुग है, नव भारत है
खुद लिखेंगे अपनी तकदीरें
हम निकल पड़े हैं प्रण करके
अपना तन-मन अर्पण करके
जिद है एक सूर्य उगाना है
अम्बर से ऊंचा जाना है
एक भारत नया बनाना है
एक भारत नया बनाना है
विपक्ष पर वार
पिछले चार साल में बहुत काम हुए हैं। वर्ष 2013 की रफ्तार से चलते तो गांवों तक बिजली पहुंचाने में एक-दो दशक और लग जाते, उसी रफ्तार से काम करते तो गरीबों को एलपीजी चूल्हा उपलब्ध कराने में 100 साल भी कम पड़ जाते। हमने भाई-भतीजा वाद को खत्म किया, यह तकनीकी के माध्यम से व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के कारण संभव हुआ। छह करोड़ फर्जी लोगों के नाम पर विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाया जा रहा था, इसे रोका गया। इससे देश को 90,000 करोड़ रुपये की बचत हुई।
विपक्ष पर हमला
कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि 2014 से पहले भी वही सबकुछ था जो अब है। जमीन वही है आसमान वही है लेकिन अब देश बदल रहा है। पहले फाइलें लटकती थीं, लेकिन हमने फैसला लिया कि किसानों को एमएसपी का लाभ मिलना चाहिए। अब लोग गर्व महसूस कर रहे हैं। देश तेजी से आगे बढ़ रहा है।
अर्थ व्यवस्था
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत दुनिया की छठी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। हम चाहते हैं कि दुनिया में भारत की न केवल अपनी साख हो बल्कि उसकी धमक भी हो
देश हित
नयी ऊर्जा और परिश्रम की पराकाष्ठा के साथ देश नयी ऊंचाईयां हासिल कर रहा है। संसद का मानसून सत्र पूरी तरह से सामाजिक न्याय को समर्पित था, जहां दलित, शोषित, पीड़ित वंचित वर्ग के हितों पर संवेदनशीलता का परिचय दिया गया और ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने संबंधी विधेयक पारित हुआ। भारी वर्षा के कारण जिन लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ा, उनके साथ पूरा देश खडा़ है।
गरीबी पर क्या बोले पीएम मोदी
गरीबों को न्याय मिले, जन जन को आगे बढ़ने का मौका मिले, मध्यम वर्ग को आगे बढ़ने में कोई समस्या न आये, यह हमारा प्रयास है। वर्ष 2014 से अब तक मैं अनुभव कर रहा हूं कि सवा सौ करोड़ देशवासी सिर्फ सरकार बनाकर रुके नहीं, बल्कि वे देश बनाने में जुटे हैं।
करदाताओं का योगदान
हमारी सरकार गरीबों के लिए काम कर रही है। पहले 25 का गेहूं 2 रुपये में, 30 का चावल 3 रुपये में दिया जाता था। लेकिन गरीबों को मिलने वाला यह हक पहले छीन लिया जाता था। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में ईमानदारी से टैक्स चुकाने वाले करदाताओं ने विकास में अहम योगदान दिया। जब एक कर दाता टैक्स जमा करता है तो तीन परिवार खाना खाते हैं। जीएसटी आने के बाद 70 लाख करदाताओं का आंकड़ा एक करोड़ पर पहुंच गया। सभी सरकारी योजनाओं का श्रेय इन्हीं करदाताओं को जाता है।
10 करोड़ परिवारों को लाभ
पीएम मोदी ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पिछले दो वर्ष में पांच करोड़ गरीब गरीबी की रेखा से बाहर आए। हमने अपने चार सालों में देश के गरीबों को सशक्त बनाने पर बल दिया है। प्रधानमंत्री जन आरोगय अभियान के तहत देश के 10 करोड़ परिवारों को बेहतर इलाज मिलेगा। हमारी सरकार की योजना है कि हर परिवार को हर साल पांच लाख तक का हेल्थ इंश्योरेंस दिया जाए।

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