यूनाइटेड नेशंस की एक ख़ुफ़िया एजेंसी ने अपनी जाँच के जरिये यह खुलासा किया है। संयुक्त राष्ट्र की नस्ली भेदभाव उन्मूलन समिति ने उइगर मुस्लिमों के साथ किए जा रहे इस व्यवहार पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। आपको बता दें कि उइगर मुस्लिम चीन के पश्चिमी शिनजियांग प्रांत में बहुसंख्यक हैं और चीन ने इस प्रांत को स्वायत्त घोषित कर रखा है।
समिति की उपाध्यक्ष गे मैक्डोगॉल ने कहा कि सिर्फ अपनी चीन में धार्मिक पहचान की वजह से उइगरों के साथ दुश्मनों की तरह बर्ताव किया जा रहा है और विदेशों से शिनजियांग प्रांत में लौटने वाले सैकड़ों उइगर छात्र गायब हो गए हैं। उनमें से कई हिरासत में हैं और कई हिरासत में मर भी चुके हैं। हालांकि मैक्डोगॉल ने इन सूचनाओं के स्त्रोत उजागर नहीं किए।
स्मरण हो, यदाकदा चीन इस्लाम पर पाबंदियां लगाता रहता हैं। रोजा न रखने, नमाज़ अदा न करने आदि अनेको प्रकार के प्रतिबन्ध एवं मुस्लिम प्रताड़ना के समाचार आते रहते हैं। जिसे भारतीय मीडिया पूर्णरूप से अनदेखा करता आ रहा है। कभी इस पर चर्चा तक नहीं करता। क्योंकि भारतीय मीडिया और नेताओं को भारतीय मुस्लिमों की चिन्ता के आगे कुछ नहीं सूझता। विश्व में चीन ही एकमात्र ऐसा देश है, जहाँ मुस्लिमों पर किसी न किसी प्रताड़ना का शिकार होना पड़ता है। भारत में तीन तलाक हो या हलाला प्रथा पर प्रतिबन्ध लगाने पर कितना शोर मच रहा है, लेकिन चीन पर कोई नहीं बोलता, क्यों?
Comments