| सैनिटरी नैपकिन पर 12 फीसदी का कर लगाया जा रहा था जिसकी चौतरफा आलोचना हो रही थी. |
जैसा कि सर्वविदित है कि वर्तमान समय चुनावी बिसात बिछाने का है। कुशल राजनीतिज्ञ वही है, जो चुनाव सम्पन्न होने उपरान्त सत्तारूढ़ पार्टी पूंजीपति व्यापारियों को चुनाव में खर्च किए धन की वसूली के लिए चार वर्ष देती है, और चुनावी वर्ष में कीमतें कम कर अपने पक्ष में माहौल बनाने के वातावरण का श्रीगणेश करने का बिगुल बजाने के लिए कहा जाता है। हर चुनाव की भाँति 2019 में होने वाले चुनाव की तैयारी में सरकारी स्तर पर कीमतें कम करने की शुरुआत होनी प्रारम्भ हो चुकी है। मतदान के समय मतदाता महंगाई में चार वर्ष भूल सत्ता पक्ष को वोट देने की होड़ में सम्मिलित हो जाएगा।
जीएसटी से जुड़े फैसले लेने वाला शीर्ष निकाय जीएसटी परिषद की जुलाई 21 को हुई बैठक में कई उत्पादों की दरों में बदलाव किया गया. काउंसिल की बैठक के बाद वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने प्रेस कॉफ्रेंस में बताया कि सैनिटरी नैपकिन को जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) से मुक्त कर दिया गया है. इसकी काफी समय से मांग उठाई जा रही थी. सैनिटरी नैपकिन पर 12 फीसदी का कर लगाया जा रहा था जिसकी चौतरफा आलोचना हो रही थी. बदलाव 27 जुलाई से लागू होंगे. वित्त मंत्री गोयल ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की विशेष बैठक 4 अगस्त को दिल्ली में होगी जिसमें एमएसएमई सेक्टर पर ध्यान दिया जाएगा.
| दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की मीटिंग आयोजित की गई |
28वें जीएसटी परिषद की बैठक से 500 की जगह 1000 रुपये से कम मूल्य के जूते पर 12 से घटाकर 5 प्रतिशत व पेंट, रेफ्रिजरेटर, वैक्यूम क्लीनर, 25 इंच तक की टीवी सेट आदि एक दर्जन इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों पर 28 से घटाकर 18 प्रतिशत जीएसटी कर दिया गया है. लिथियम ऑयन बैटरी, वैक्यूम क्लीनर, फूड ग्राइंडर, मिक्सर, स्टोरेज वाटर हीटर पर अब 18 फीसदी जीएसटी लगेगाहेड ड्रायर, हैंड ड्रायर, पेंट, वार्निश, वाटर कूलर, मिल्क कूलर, आइसक्रीम कूलर पर भी जीएसटी 10 फीसदी घटा दिया गया है. इससे ये वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी. इससे अलावा, परफ्यूम, टॉयलेट स्प्रे आदि उत्पाद पर भी 10 फीसदी कम जीएसटी लगेगा.
हैंडबैग, ज्वेलरी बॉक्स, पेटिंग के लकड़ी के बॉक्स, हाथ से बने लैंप से जीएसटी घटाकर 12% कर दिया गया है. इसके अलावा, आयातित यूरिया पर 5% की कटौती की गई है. वॉशिंग मशीन पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है. इसके अलावा, आयातित यूरिया पर 5% की कटौती की गई है. वॉशिंग मशीन पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है.
इस सामानों पर नहीं लगेगा कोई जीएसटी
जीएसटी काउंसिल की नई दिल्ली में हुई बैठक में डेढ़ करोड़ से कम टर्नओवर वाले करीब 80 लाख व्यापारियों जिनकी तदाद कुल करदाताओं की 93 प्रतिशत है. उन्हें बड़ी राहत दी गई है. ऐसे करदाता अब कर का भुगतान तो मासिक करेंगे. लेकिन इन्हें त्रैमासिक रिटर्न दाखिल करने की सुविधा होगी. इन छोटे डीलरों से कुल राजस्व का 16 प्रतिशत की प्राप्ति होती है. बिहार के उपमुख्यमंत्री तथा रिटर्न सरलीकरण के लिए गठित मंत्री समूह के संयोजक सुशील कुमार मोदी की पहल पर जीएसटी काउंसिल ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है.
मूर्ति-पत्थर, संगमरमर, राखी, लकड़ी की मूर्तियां पर बड़ी राहत दी गई है. इन वस्तुओं पर कोई जीएसटी नहीं लगेगा. वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इन निर्णयों से राजस्व के संग्रहण पर बहुत कम असर पड़ेगा. 100 वस्तुएं आज के निर्णय से प्रभावित होंगी.
सभी तरह के भगवान की मूर्तियों को करमुक्त करने का निर्णय लिया है. गुवाहाटी में हुई काउंसिल की बैठक की श्रृंखला में शनिवार की बैठक में भी 500 की जगह 1000 रुपये से कम मूल्य के जूते पर 12 से घटा कर 5 प्रतिशत व पेंट, रेफ्रिजरेटर, वैक्यूम क्लीनर, 25 इंच तक की टीवी सेट आदि एक दर्जन इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों पर 28 से घटा कर 18 प्रतिशत टैक्स करने के लिए मोदी ने काउंसिल को धन्यवाद दिया है.
छोटे कारोबारियों को दी राहत
जीएसटी काउंसिल ने फैसला लिया है कि 5 करोड़ तक का टर्न ओवर वाले कारोबारियों को मासिक तौर पर जीएसटी जमा करना होगा लेकिन उन्हें तिमाही रिटर्न फाइल नहीं करना पड़ेगा. वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने यह जानकारी दी.
गोयल ने कहा कि सरलीकरण सरकार की प्राथमिकता है. जल्द ही ट्रांसपोर्टरों के लिए जीएसटीएन से RFID लिंक किया जाएगा. इससे उनकी परेशानियां कम होंगी.
देर आए, दुरुस्त आए--कांग्रेस नेता पी चिदंबरम
जीएसटी दरों में हुए बदलावों पर पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा कि कटौती का ये फैसला चुनावों के मद्देनजर लिया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि चूंकि चुनाव के दबाव में ही सरकारें जनहित के फैसले करती है, इसलिए एक साथ चुनाव नहीं होने चाहिए। जीएसटी से जुड़े फैसले लेने वाला शीर्ष निकाय जीएसटी परिषद की हुई बैठक में कई उत्पादों की दरों में बदलाव किया गया।चिदंबरम ने जुलाई 22 की सुबह ट्वीट किया, 'जब चुनाव बिल्कुल नजदीक हैं, सरकार दरों में कटौती कर रही है. मुझे लगता है कि ये एक अच्छा उदाहरण है कि अलग अलग राज्यों में समय समय पर चुनाव होने चाहिए.' उन्होंने कहा कि अभी भी जीएसटी अधूरा है और उसमें पर्याप्त सुधार होना बाकी है. उन्होंने कहा, 'सरकार को तत्काल तीन दरों को नोटिफाई करना चाहिए और आने वाले समय में उसका इरादा सिंगल रेट की दिशा में बढ़ने का होना चाहिए. ये सच्चा जीएसटी होगा.'
कुछ माह उपरान्त खाद्य पदार्थों के दाम कम होने वाले हैं। केवल खाद्य पदार्थों के ही नहीं, पेट्रोल डीजल के दामों में भी भारी गिरावट होने को है।
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