पूर्वी दिल्ली नगर निगम के सदन की बैठक को भाजपा और आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के बजाए राजनीतिक अखाड़ा बनाया। बैठक में दोनों ने फंड के मसले पर एक-दूसरे की पार्टी पर सवाल खड़े किए।
इस दौरान भाजपा पार्षदों ने दिल्ली सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया। उनके इस प्रस्ताव का आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने कड़ा विरोध किया। इसके चलते बैठक में जमकर हंगामा हुआ।
सदन की बैठक शुरू होते ही आप पार्षद दल के नेता कुलदीप कुमार ने भाजपा पर आरोप लगाने आरंभ किए, वहीं भाजपा पार्षद आप की दिल्ली सरकार फंड नहीं देने का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लग गए।
इस बीच दोनों ओर से एक-दूसरे की पार्टी के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। इस दौरान आप पार्षद रेखा त्यागी ने बैठक के एजेंडे की प्रति फाड़ दी।
इस मौके पर कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा 11 साल से नगर निगम में सत्तारूढ़ है, लेकिन उसके पार्षदों ने कोई कार्य नहीं किया। इस कारण नगर निगम की आर्थिक स्थिति दयनीय है।
उन्होंने दावा किया कि केजरीवाल सरकार ने अब तक सबसे ज्यादा फंड नगर निगम को दिया है। इसके अलावा दिल्ली सरकार ने नगर निगम से लोन की राशि भी लेनी बंद कर दी है।
उधर नेता सदन निर्मल जैन ने कहा कि कोर्ट में भी नगर निगम को दिल्ली सरकार से फंड नहीं देने की बात साबित हो चुकी है। इसके चलते हाइकोर्ट ने फंड देने का आदेश भी दिया है। इसके बावजूद दिल्ली सरकार ने नगर निगम को फंड नहीं दिया है।
पिछले दिनों पूर्वी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक में भी भाजपा पार्षदों ने फंड नहीं देने का आरोप लगाते हुए दिल्ली सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया था। इस प्रस्ताव को जुलाई 23 को सदन की बैठक में प्रस्तुत किया गया, जिसका आप पार्षदों ने कड़ा विरोध किया।
इस दौरान भाजपा पार्षदों ने दिल्ली सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया। उनके इस प्रस्ताव का आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने कड़ा विरोध किया। इसके चलते बैठक में जमकर हंगामा हुआ।
सदन की बैठक शुरू होते ही आप पार्षद दल के नेता कुलदीप कुमार ने भाजपा पर आरोप लगाने आरंभ किए, वहीं भाजपा पार्षद आप की दिल्ली सरकार फंड नहीं देने का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लग गए।
इस बीच दोनों ओर से एक-दूसरे की पार्टी के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। इस दौरान आप पार्षद रेखा त्यागी ने बैठक के एजेंडे की प्रति फाड़ दी।
इस मौके पर कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा 11 साल से नगर निगम में सत्तारूढ़ है, लेकिन उसके पार्षदों ने कोई कार्य नहीं किया। इस कारण नगर निगम की आर्थिक स्थिति दयनीय है।
उन्होंने दावा किया कि केजरीवाल सरकार ने अब तक सबसे ज्यादा फंड नगर निगम को दिया है। इसके अलावा दिल्ली सरकार ने नगर निगम से लोन की राशि भी लेनी बंद कर दी है।
उधर नेता सदन निर्मल जैन ने कहा कि कोर्ट में भी नगर निगम को दिल्ली सरकार से फंड नहीं देने की बात साबित हो चुकी है। इसके चलते हाइकोर्ट ने फंड देने का आदेश भी दिया है। इसके बावजूद दिल्ली सरकार ने नगर निगम को फंड नहीं दिया है।
पिछले दिनों पूर्वी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक में भी भाजपा पार्षदों ने फंड नहीं देने का आरोप लगाते हुए दिल्ली सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया था। इस प्रस्ताव को जुलाई 23 को सदन की बैठक में प्रस्तुत किया गया, जिसका आप पार्षदों ने कड़ा विरोध किया।
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