अप्रैल के दूसरे सप्ताह में ऑटो यूनियन से संबंधित लोग मुख्यमंत्री केजरीवाल से मिले थे। उन्होंने किराया बढ़ाने की मांग रखी थी। केजरीवाल के निर्देश पर परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर किराया बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की थी।
इसके लिए कमेटी गठित की गई है। इसमें ऑटो यूनियन के लोगों को भी शामिल किया गया है। कुछ दिन पहले ऑटो यूनियन के नेता उपेंद्र सिंह और संतोष पांडेय मुख्यमंत्री केजरीवाल से मिले। मुख्यमंत्री ने सोमवार को अपने निवास पर ऑटो वालों की बैठक का आयोजन किया है। इस बैठक में ऑटो वालों के सुझाव लिए जाएंगे। उपेंद्र सिंह का कहना है कि दिल्ली में 2013 से ऑटो का किराया नहीं बढ़ा है।
मीटर ऑन होने पर दो किमी तक 25 रुपये निर्धारित है। इसके आगे जाने पर 8 रुपये प्रति किमी के हिसाब से किराया बढ़ता जाता है। वर्तमान में यदि एक स्थान पर 15 मिनट ऑटो खड़ा रहता है तो 30 रुपये प्रति घंटा के हिसाब से वेटिंग चार्ज लगता है।
दो सुझाव पर हो रहा है विचार
किराया बढ़ाए जाने के लिए दो तरीके सामने आए हैं, जिसमें एक प्रस्ताव है कि ऑटो का किराया 8 रुपये प्रति किलोमीटर से बढ़ा दिया जाए या फिर वेटिंग चार्ज का नया स्लैब तैयार कर इसे 60 रुपये से अधिक प्रति घंटा कर दिया जाए। यानी जाम आदि में फंस जाने पर कम से कम प्रति घंटा 60 रुपये के हिसाब से चार्ज लिया जाए। बहरहाल इस बारे में अंतिम फैसला कमेटी को लेना है।
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