संसद के मॉनसून सत्र में एनडीए सरकार के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर जुलाई 20 को होने वाली चर्चा को लेकर पक्ष और विपक्ष में बयानबाजी तेज हो गई है. विपक्ष पिछले सत्र में भी अविश्वास प्रस्ताव लाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन सदन में हंगामे की वजह से प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल सकी. जुलाई 18 सोनिया गांधी ने विपक्ष के पास संख्याबल होने का संकेत दिया तो जुलाई 19 संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने सोनिया पर पलटवार किया.
अविश्वास प्रस्ताव पर सोनिया गांधी के बयान पर संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि 'सोनिया गांधी का गणित कमजोर है. वह आंकड़ोंं का पता नहीं लगा पाती हैं. 1996 में भी ऐसी आंकड़ा लगाया था.. बाद में क्या हो गया. वह दुनिया के सामने है. इस बार भी गणित कमजोर होने के कारण फिर से आंकड़ा सही नहीं निकाल पा रही है'. अनंत कुमार का कहना है कि मोदी सरकार बहुमत में है. सरकार को भारी समर्थन सदन के बाहर भी है और संसद के अंदर भी भारी समर्थन है.
अवलोकन करें:--
सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा, 'अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार हैं. अब दूध का दूध और पानी का पानी होगा.' संख्या बल के लिहाज से लोकसभा में सरकार के पास पर्याप्त बहुत है. इसलिए सरकार पर फिलहाल कोई संकट नहीं है, लेकिन अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों को अपनी बात करने का मौका मिलेगा. जनता दोनों की बात सुनकर ये तय कर सकेगी कि कौन सही है और कौन गलत. विपक्ष मोदी सरकार को पूरी तरह असफल बताता है जबकि सरकार का कहना है कि उसकी उपलब्धियां अभूतपूर्व हैं.
मॉनसून सत्र में लोकसभा में बीजेपी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को स्पीकर की मंजूरी मिलने के बाद विपक्ष के हौसले बुलंद हैं. संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सदन में अपने सांसदों की संख्या पर कहा था कि 'कौन कहता है कि हमारे पास संख्याबल नहीं है.' जुलाई 20 को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पूरे विपक्ष की ताकत दिखेगी'.
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने भी बुधवार को कहा था कि ऐसे अविश्वास प्रस्ताव का कोई उद्देश्य नहीं है. हम 20 जुलाई को अपना बहुमत फिर साबित कर देंगे. हम अविश्वास प्रस्ताव आसानी से जीत लेंगे और विपक्ष को हमारी ताकत का अंदाजा लग जाएगा. एसपी नेता आरजी यादव ने कहा कि विपक्ष के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है, लेकिन वे नेता हैं जो जनता को बताएंगे कि कैसे सरकार उनके साथ धोखा कर रही है. रामगोपाल यादव ने कहा कि सरकार गिराने लायक जब नंबर नहीं है तो मकसद क्यों सरकार गिराने का है? विश्वास ये है कि जनता के मन में अविश्वास पैदा कर दें.
सदन में हंगामा
सदन में कांग्रेस के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया सिंधिया ने कहा, 'सरकार ने किसानों को आत्महत्या करने के लिए छोड़ दिया, हर दिन महिलाओं के साथ रेप हो रहे हैं... हम आपके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला रहे हैं.' इससे पहले लोकसभा की कार्रवाई हंगाने के साथ शुरू हुई और सपा और टीडीपी के सांसद सदन में आकर हंगामा करने लगे.
प्रश्न काल की शुरुआत होते ही विपक्ष दल नारेबाजी करने लगे. लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा कि वो जो मुद्दे उठाना चाह रहे हैं, उन पर प्रश्नकाल के बाद चर्चा कर सकते हैं, लेकिन हंगामा नहीं थमा. इस बीच टीडीपी के सदस्य तख्तियों के साथ गैलरी में आ गए और नारेबाजी करने लगे.
सरकार पर संकट नहीं
अविश्वास प्रस्ताव से फिलहाल सरकार पर कोई संकट नहीं है. लेकिन अब सरकार के सहयोगी दल उसके साथ कुछ मोलतोल कर सकते हैं, क्योंकि सरकार चाहेगी कि उसके पास अधिक से अधिक संख्या बल हो. इसके साथ ही बीजू जनता दल का रुख भी स्पष्ट हो जाएगा कि वो एनडीए का साथ देगा या फिर अलग राह अपनाएगा
कांग्रेस की कोशिश है कि अविश्वास प्रस्ताव पर पूरे विपक्ष को एकजुट करे. इसके साथ ही जिन मुद्दों पर वो सरकार को घेरती आई है, उन्हें सदन में उठाने का एक अच्छा अवसर मिलेगा. ऐसे में लोकसभा चुनावों से कुछ महीने पहले आने वाले इस अविश्वास प्रस्ताव का परिणाम तय होने बावजूद इसका असर बहुत गहरा होगा.
अविश्वास प्रस्ताव पर सोनिया गांधी के बयान पर संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि 'सोनिया गांधी का गणित कमजोर है. वह आंकड़ोंं का पता नहीं लगा पाती हैं. 1996 में भी ऐसी आंकड़ा लगाया था.. बाद में क्या हो गया. वह दुनिया के सामने है. इस बार भी गणित कमजोर होने के कारण फिर से आंकड़ा सही नहीं निकाल पा रही है'. अनंत कुमार का कहना है कि मोदी सरकार बहुमत में है. सरकार को भारी समर्थन सदन के बाहर भी है और संसद के अंदर भी भारी समर्थन है.
अवलोकन करें:--
सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा, 'अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार हैं. अब दूध का दूध और पानी का पानी होगा.' संख्या बल के लिहाज से लोकसभा में सरकार के पास पर्याप्त बहुत है. इसलिए सरकार पर फिलहाल कोई संकट नहीं है, लेकिन अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों को अपनी बात करने का मौका मिलेगा. जनता दोनों की बात सुनकर ये तय कर सकेगी कि कौन सही है और कौन गलत. विपक्ष मोदी सरकार को पूरी तरह असफल बताता है जबकि सरकार का कहना है कि उसकी उपलब्धियां अभूतपूर्व हैं.
Sonia ji's maths is weak. They had calculated similarly in 1996. We know what happened then. Their calculation is wrong yet again. Modi govt has majority both inside & outside Parliament. NDA will vote against #NoConfidenceMotion. NDA+ will also support us: Union Min Ananth Kumar
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने भी बुधवार को कहा था कि ऐसे अविश्वास प्रस्ताव का कोई उद्देश्य नहीं है. हम 20 जुलाई को अपना बहुमत फिर साबित कर देंगे. हम अविश्वास प्रस्ताव आसानी से जीत लेंगे और विपक्ष को हमारी ताकत का अंदाजा लग जाएगा. एसपी नेता आरजी यादव ने कहा कि विपक्ष के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है, लेकिन वे नेता हैं जो जनता को बताएंगे कि कैसे सरकार उनके साथ धोखा कर रही है. रामगोपाल यादव ने कहा कि सरकार गिराने लायक जब नंबर नहीं है तो मकसद क्यों सरकार गिराने का है? विश्वास ये है कि जनता के मन में अविश्वास पैदा कर दें.
सदन में हंगामा
सदन में कांग्रेस के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया सिंधिया ने कहा, 'सरकार ने किसानों को आत्महत्या करने के लिए छोड़ दिया, हर दिन महिलाओं के साथ रेप हो रहे हैं... हम आपके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला रहे हैं.' इससे पहले लोकसभा की कार्रवाई हंगाने के साथ शुरू हुई और सपा और टीडीपी के सांसद सदन में आकर हंगामा करने लगे.
प्रश्न काल की शुरुआत होते ही विपक्ष दल नारेबाजी करने लगे. लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा कि वो जो मुद्दे उठाना चाह रहे हैं, उन पर प्रश्नकाल के बाद चर्चा कर सकते हैं, लेकिन हंगामा नहीं थमा. इस बीच टीडीपी के सदस्य तख्तियों के साथ गैलरी में आ गए और नारेबाजी करने लगे.
सरकार पर संकट नहीं
अविश्वास प्रस्ताव से फिलहाल सरकार पर कोई संकट नहीं है. लेकिन अब सरकार के सहयोगी दल उसके साथ कुछ मोलतोल कर सकते हैं, क्योंकि सरकार चाहेगी कि उसके पास अधिक से अधिक संख्या बल हो. इसके साथ ही बीजू जनता दल का रुख भी स्पष्ट हो जाएगा कि वो एनडीए का साथ देगा या फिर अलग राह अपनाएगा
कांग्रेस की कोशिश है कि अविश्वास प्रस्ताव पर पूरे विपक्ष को एकजुट करे. इसके साथ ही जिन मुद्दों पर वो सरकार को घेरती आई है, उन्हें सदन में उठाने का एक अच्छा अवसर मिलेगा. ऐसे में लोकसभा चुनावों से कुछ महीने पहले आने वाले इस अविश्वास प्रस्ताव का परिणाम तय होने बावजूद इसका असर बहुत गहरा होगा.
मोदी सरकार के पक्ष में उतरे शत्रुघ्न सिन्हा, इस बड़े मसले पर संसद में देंगे 'सरकार का साथ'
BJP MP Shatrughan Sinha will vote against the #NoConfidenceMotion (file pic)
मोदी सरकार की खिलाफत करते रहे बीजेपी के पटना साहिब से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा पहली बार सरकार के पक्ष में उतर आए हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई की मानें तो भाजपा सांसद ने फैसला किया है कि वह संसद के मॉनसून सत्र में विपक्ष द्वारा एनडीए सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ वोट करेंगे. यानि इस बार वह सरकार के पक्ष में हैं.
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