काली कमाई से खरीदे फ्लैट ने दिलाई नवाज को 10 साल की सजा, 72 करोड़ रु जुर्माना; बेटी को भी 7 साल की कैद
फिलहाल दोनों लंदन में हैं। इसी महीने में 25 जुलाई को पाकिस्तान में चुनाव होने हैं और इस चुनाव में मरियम शरीफ नवाज शरीफ पाकिस्तान मुस्लीम लीग (नवाज) से चुनाव लड़ रही हैं। उन्होंने नामांकन भी भर दिया है। इस फैसले के बाद उनके चुनाव लड़ने पर ब्रेक भी लग सकता है।
एक साल पहले पिता की कुर्सी, अब बेटी का चुनावी करियर गया:जुलाई 2017 में पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने पनामा पेपर लीक मामले में नवाज शरीफ को भ्रष्टाचार का दोषी माना था। उनके चुनाव लड़ने पर आजीवन रोक लगा दी थी। इसके बाद उन्हें प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। अब बेटी मरियम के चुनाव लड़ने पर चुनाव आयोग ने पाबंदी लगा दी है। जियो न्यूज के मुताबिक, आयोग ने कहा कि मरियम का नाम बैलट पेपर से भी हटा दिया जाएगा। उनके पति सफदर भी चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। पाकिस्तान में नेशनल असेंबली की 342 में से 272 सीटों पर 25 जुलाई को चुनाव हैं।
सीधा सियासी फायदा किसे :44 साल की मरियम नवाज ने 2012 में राजनीति में कदम रखा। 2013 के आम चुनाव में पिता नवाज की सीट पर चुनाव कैंपेन की जिम्मेदारी निभाई। उनकी कुल घोषित संपत्ति 90 करोड़ रुपए है। माना जा रहा है कि उनके चुनावी मैदान से हटने का इसका सीधा फायदा इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ को मिलेगा। बीते एक साल में इमरान की लोकप्रियता 8% बढ़ी है। गैलप सर्वे में नवाज शरीफ की पीएमएल-एन को 26% और इमरान की पीटीआई को 25% वोट मिलने के आसार हैं।
किसे, किस मामले में सजा सुनाई गई
नवाज शरीफ:अदालत ने अवेनफील्ड मामले में नवाज को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का दोषी करार दिया। इसमें नवाज को 10 साल की सजा सुनाई गई। उधर, एनएबी को सहयोग ना करने के लिए 1 साल की सजा सुनाई। साथ-साथ सजा चलेंगी, यानी नवाज को 10 साल जेल की सजा काटनी होगी।
मरियम नवाज : उन्हें लंदन में आलीशान संपत्ति खरीदने के लिए पिता को उकसाने का दोषी माना गया। इसमें उन्हें 7 साल जेल और जांच में सहयोग ना करने के लिए 1 साल की सजा सुनाई गई। दोनों सजाएं साथ साथ चलेंगी।
कैप्टन सफदर : जांच में सहयोग ना करने के लिए एक साल जेल की सजा सुनाई गई।
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