बीजेपी ने पीडीपी से समर्थन वापस लेने के बाद भाजपा अध्यक्ष पहली बार जम्मू पहुंचे हैं। जम्मू में अमित शाह ने पीडीपी पर करारा हमला किया है और कश्मीर की जनता का दिल जीतने के लिए बड़ी बात कह दी।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह जून 23 को पहली बार गठबंधन तोड़ने के बाद जम्मू पहुंचे हैं। यहां पर उन्होनें पीडीपी पर जमकर हमला बोला और कहा कि, केंद्र सरकार ने कश्मीर के विकास के लिए काफी पैसा दिया। लेकिन सरकार ने राज्य के लिए कुछ नही किया।
अमित शाह ने कहा कि, उनकी सरकार ने पशमीना के लिए 40 करोड़ रूपय दिए। साथ ही पंपोर के लिए 45 करोड़ लेकिन हुआ क्या कहीं भी कोई परिवर्तन देखने को नही मिला। मानो विकास लापता हो गया है। शाह ने आगे बोला कि, पिछले तीन पीढ़ियों से नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी यहां राज कर रही हैं लेकिन राज्य की जनता के लिए उन्होने कुछ नही किया।
तीन पीढ़ियों से राज करने के बाद भी प्रदेश की जनता को कोई खास सुविधा नही मिली। पशमीना और पंपोर के लिए इन सरकारों ने कुछ नही किया।
बीजेपी का पीडीपी से समर्थन वापस लेने के बाद कुछ लोग जहां बीजेपी की तारीफ कर रहे थे। तो वहीं कुछ लोग पार्टी की आलोचना भी कर रहे थे। अब भाजपा कश्मीर की जनता का दिल जीतने के लिए वहां पर विकास का मुद्दा उठा रही है। और जहाँ तक जम्मू-कश्मीर सरकार को पैसा देने की बात है, वह धन केन्द्र ने सरकार को दिया था, ना की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती को, जबकि उपमुख्यमंत्री तो भाजपा का था, क्या उपमुख्यमंत्री में मुख्यमंत्री से उस धन को उचित जगह प्रयोग न किये जाने का साहस नहीं था? अमित शाह अपने उपमुख्यमंत्री से भी पूछे "आखिर किस दबाव में केन्द्र द्वारा विकास के लिए दिए धन का सदुपयोग न होने पर चुप क्यों रहे?
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने जून 23 को जम्मू में एक रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, गुलाम नबी आजाद के बयान का समर्थन लश्कर करता है। राहुल इसका जवाब दें।
पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के मौके पर अमित शाह जम्मू पहुंचे हैं। अमित शाह ने कहा,पहले जम्मू कश्मीर आने के लिए परमिट की जरूरत पड़ती थी। उस वक्त जम्मू कश्मीर में तिरंगा नहीं फहरा सकते थे। यहां अलग प्रधानमंत्री बैठता था।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने जब तिरंगा फहराने का प्रयास किया तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और जम्मू की जेल में उनकी हत्या कर दी गई।
उनके बलिदान को कोई नहीं भूल सकता है। शाह ने कहा, जम्मू-कश्मीर से हमारा दिल और खून का रिश्ता है। क्योंकि हमारे पूर्वजों ने इसे खून से सींचा है।
बीजेपी का पीडीपी से समर्थन वापस लेने के बाद कुछ लोग जहां बीजेपी की तारीफ कर रहे थे। तो वहीं कुछ लोग पार्टी की आलोचना भी कर रहे थे। अब भाजपा कश्मीर की जनता का दिल जीतने के लिए वहां पर विकास का मुद्दा उठा रही है। और जहाँ तक जम्मू-कश्मीर सरकार को पैसा देने की बात है, वह धन केन्द्र ने सरकार को दिया था, ना की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती को, जबकि उपमुख्यमंत्री तो भाजपा का था, क्या उपमुख्यमंत्री में मुख्यमंत्री से उस धन को उचित जगह प्रयोग न किये जाने का साहस नहीं था? अमित शाह अपने उपमुख्यमंत्री से भी पूछे "आखिर किस दबाव में केन्द्र द्वारा विकास के लिए दिए धन का सदुपयोग न होने पर चुप क्यों रहे?
अमित शाह ने 'आजाद' और 'लश्कर' के बयान पर राहुल गांधी से मांगा जवाब
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने जून 23 को जम्मू में एक रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, गुलाम नबी आजाद के बयान का समर्थन लश्कर करता है। राहुल इसका जवाब दें। पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के मौके पर अमित शाह जम्मू पहुंचे हैं। अमित शाह ने कहा,पहले जम्मू कश्मीर आने के लिए परमिट की जरूरत पड़ती थी। उस वक्त जम्मू कश्मीर में तिरंगा नहीं फहरा सकते थे। यहां अलग प्रधानमंत्री बैठता था।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने जब तिरंगा फहराने का प्रयास किया तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और जम्मू की जेल में उनकी हत्या कर दी गई।
उनके बलिदान को कोई नहीं भूल सकता है। शाह ने कहा, जम्मू-कश्मीर से हमारा दिल और खून का रिश्ता है। क्योंकि हमारे पूर्वजों ने इसे खून से सींचा है।
लश्कर ने कांग्रेस नेता आजाद के बायन का समर्थन किया
इस सरकार के गिरने के बाद भाजपा के कार्यकर्ता भारत माता की जय के नारे लगाते हैं। वहीं, कांग्रेस के नेता भी अपना स्तर दिखा रहे हैं। गुलाम नबी आजाद के बयान का लश्कर भी समर्थन करता है। इस मामले पर राहुल को बोलना चाहिए या नहीं।
अमित शाह बोले, इसके दूसरे ही दिन सैफुद्दीन सोज का बयान आता है। भाजपा जम्मू-कश्मीर को कभी भारत से टूटने नहीं देगी। कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसे अपने खून से सींचा है। इन बयानों पर कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए लेकिन वो माफी नहीं मांगेंगे।
अमित शाह गुलाम नबी आजाद के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था, घाटी में चल रहे सेना के ऑपरेशन में आतंकी कम नागरिक ज्यादा मारे जा रहे हैं। आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने भी आजाद के इस बयान के समर्थन में प्रेस रिलीज जारी की थी।
सत्ता में रहने से अच्छा हम विपक्ष में रहें: शाह
शाह ने कहा, जम्मू और लद्दाख में बराबर विकास नहीं हुआ। नरेंद्र मोदी सरकार ने पैसा भेजा लेकिन उसका इस्तेमाल नहीं किया गया। जम्मू-लद्दाख में समान विकास न होने की वजह से हमने सत्ता छोड़ी।
भारत में लोकतंत्र है, किसी भी अखबार का एडिटर कुछ भी लिख सकता है। लेकिन लिखने की वजह से एक अखबार के एडिटर की हत्या हो जाती है। हमने सोचा सत्ता में रहने से अच्छा है हम विपक्ष में रहें।
जम्मू कश्मीर में दो परिवारों ने बारी-बारी से सरकार बनाई
उन्होंने कहा, हम चाहते थे कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का विकास साथ हो। लेकिन ऐसा नहीं हुआ था। यहां दो परिवारों ने कांग्रेस के साथ मिलकर बारी बारी से सरकार बनाई है। अगर इनकी संपत्ति मिला दी जाए तो जम्मू के लोगों की संपत्ति के बराबर हो गया
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