कर्ज में डूबी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) में कर्मचारियों की संख्या करीब 94 प्रतिशत घटकर 3,400 रह गयी है। एक समय कंपनी में कर्मचारियों की संख्या 52,000 थी।आरकॉम ने बंबई शेयर बाजार को दी सूचना में कहा, ‘आरकॉम समूह में कर्मचारियों की कुल संख्या उच्चतम स्तर 52,000 से घटकर 3,400 पर आ गयी है। कर्मचारियों की कुल संख्या में 94 प्रतिशत की कमी आयी है।’कंपनी पर 45 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है, जिसे चुकाने के लिए वो काफी जद्दोजहद कर रही है। रिलायंस कम्युनिकेशन कंपनी का नेतृत्व रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी के भाई अनिल अंबानी कर रहे हैं।
जून 13 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में कंपनी ने जानकारी देते हुए कहा कि अब कंपनी में केवल 3400 लोग ही काम कर रहे हैं।
कंपनी 2008-10 के दौरान शिखर पर थी। आरकॉम पर फिलहाल 45,000 करोड़ रुपए का कर्ज है। कंपनी ने इस साल जनवरी में अपना मोबाइल सेवा कारोबार बंद कर दिया और ‘बिजनेस-टू-बिजनेस’ स्तर पर दूरसंचार सेवाएं दे रही है। कंपनी ने कहा कि बी 2 बी इकाई उद्योग में मौजूदा शुल्क युद्ध से बचा हुआ है। इस खबर के बाद आरकॉम के शेयर में ज्यादा गिरावट नहीं देखी गई। जून 14 को कंपनी का शेयर करीब 0.5 फीसदी गिरकर 15.90 रुपए प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा था।
आरकॉम ने कहा, ‘एयरटेल, आइडिया, वोडाफोन तथा क्षेत्र में आयी नयी कंपनी रिलायंस जियो के बीच शुल्क में कटौती की होड़ से वायरलेस क्षेत्र में वित्तीय लेखाजोखा प्रभावित हुआ है। अब जब 18 जनवरी को आरकॉम बी2सी (बिजनेस टू कंज्यूमर) सेवा से बाहर हो गयी है, ऐसे में कंपनी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
आर-कॉम ने जनवरी में अपने मोबाइल बिजनेस को बंद कर दिया था। कंपनी ने इसके बाद अपने वायरलेस बिजनेस को अपने बड़े भाई मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड को बेचने का ऐलान किया था, लेकिन यह सौदा पूरा नहीं हो पाया। कंपनी अभी केवल अपने बिजनेस टू बिजनेस वायरलेस को चला रही है।
अभी तक कंपनी अपने डीटीएच, बिजली, टॉवर बिजनेस को पहले ही बेच चुकी है। कंपनी अपने 45 हजार करोड़ रुपये के कर्ज को निपटाने के लिए भी पूरी कोशिश कर रहा है, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है।
चीन के एक बैंक ने इस शख्स के खिलाफ कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में याचिका दायर की है, जिस पर जल्द सुनवाई होगी। चाइना डेवलपमेंट बैंक ने अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्यूनिकेशन को 1.78 अरब डॉलर का कर्ज दिया था।
बैंक ने कंपनी द्वारा कर्ज भुगतान में चूक करने के बाद आरकॉम के खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के मुंबई पीठ में मामला दर्ज कराया है। बैंकिंग से जुड़े सूत्रों ने कहा कि भारतीय कर्जदाता चाइना डेवलपमेंट बैंक की याचिका पर आपत्ति जता सकते हैं क्योंकि वे पहले से ही आरकॉम के साथ कर्ज निपटान योजना पर काम कर रहे हैं।

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