वैसे तो डॉक्टर को भगवान का रूप कहा जाता है, लेकिन डॉक्टरों की छोटी सी गलती कितनी भारी पड़ सकती है, ये तो आप कई बार देख और सुन चुके होंगे।
क्या आप यकीन कर पाएंगे कि कोई लड़का भी प्रेग्नेंट हो सकता है। जाहिर तौर पर आपका जवाब नहीं होगा। लेकिन ये कारनामा कर दिखाया है उत्तर प्रदेश के डॉक्टरों ने जिन्होंने एक 22 साल के लड़को को प्रेग्नेंट घोषित कर दिया। डॉक्टरों की इस बेतुकी रिपोर्ट के बाद लड़का सदमे में है।
घटना यूपी के अलीगढ़ जिले की है जहां एक लड़का प्राइवेट हॉस्पिटल में पेट दर्द का इलाज कराने पहुंचा। डॉक्टरों ने युवक का अल्ट्रासाउंड किया और रिपोर्ट में उसे प्रेग्नेंट बता दिया। बदनामी के डर से लड़के का रो-रोकर बुरा हाल है। इस रिपोर्ट को लापरवाही बताते हुए लड़के ने इसे चुनौती दी है और जिले के डीएम, सीएमओ से लेकर मुख्यमंत्री तक से इसकी लिखित शिकायत की है।
एटा जिले के अलीगंज निवासी ये युवक पिछले 4 साल से एक सीमेंट फैक्ट्री में कार्यरत हैं। पिछले कुछ दिन से उन्हें पेट में दर्द की शिकायत थी, जिसके बाद एक दोस्त की सलाह पर वह गुरुवार को इलाज कराने सनराइज हॉस्पिटल पहुंचे। अब लड़के का कहना है हॉस्पिटल में उनके दो टेस्ट हुए जिसमें से एक अल्ट्रासाउंड भी था। जांच के बाद उन्हें रिपोर्ट देकर कह दिया गया कि किसी अच्छे डॉक्टर से इलाज करा लें। पढ़ा-लिखा नहीं होने पर संतोष ने यह रिपोर्ट फैक्ट्री पहुंचकर अपने सुपरवाइजर को दिखाई।
रिपोर्ट देखकर सुपरवाइजर के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने रिपोर्ट पढ़कर बताया कि तुम प्रेगनेंट हो। अपने प्रेगनेंट होने की बात सुन कर युवक के पैरों तले जमीन खिसक गई। एक अन्य डॉक्टर ने भी इसकी पुष्टि की। बात पूरी फैक्ट्री और जानने वालों में फैलने के कारण बदनामी के डर से पीड़ित तनाव में है। मरीजों से खिलवाड़ करने वाले ऐसे हॉस्पिटल को सबक सिखाने के लिए इस युवक ने जिले डीएम के नाम की गई शिकायत में संचालक डॉ. आलोक गुप्ता और अल्ट्रासाउंड करने वाले स्टाफ पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित ने शिकायत की कॉपी सीएमओ, अपर निदेशक, प्रमुख सचिव और मुख्यमंत्री को भी भेजी है। शिकायत के साथ अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट भी संलग्न की गई है।
रिपोर्ट पर है डॉक्टर का साइन : अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट सनराइज हॉस्पिटल के डॉ. आलोक गुप्ता के हस्ताक्षर से गुरुवार को जारी की गई है। रिपोर्ट में 22 वर्षीय युवक की जांच का निष्कर्ष यह है कि उनके बच्चादानी की नली (फलोपियन ट्यूब) में गर्भ ठहर गया है। इसी रिपोर्ट में गुर्दे की नली में सूजन भी बताई गई है। रिपोर्ट से जाहिर है कि अल्ट्रासाउंड गुर्दे का ही किया गया, लेकिन इसी जांच में युवक को प्रेगनेंट भी घोषित कर दिया गया। वहीं, अपर नगर मैजिस्ट्रेट द्वितीय अनिल कुमार त्रिपाठी का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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