कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर योगी सरकार पूरे एक्शन में नजर आ रही है। हर बार की तरह इस बार भी कुंभ मेला खास होगा।
इलाहाबाद का कुंभ मेला 4 फरवरी 2019 से 4 मार्च तक 2019 तक चलेगा। कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर योगी सरकार पूरे एक्शन में नजर आ रही है। हर बार की तरह इस बार भी कुंभ मेला खास होगा। केंद्र और राज्य सरकार कुंभ की भव्यता पूरी दुनिया को दिखाने की पुरजोर कोशिश में लगी है।
योगी सरकार बहुत जल्द मशहूर शहर इलाहाबाद, जिसे संगम नगरी के नाम से भी जाना जाता है, उसका नाम बदल कर प्रयागराज करने जा रही है. नाम बदलने की प्रक्रिया 2019 कुंभ मेले से पहले पूरी कर ली जाएगी. सरकार की तरफ से शासनादेश जारी होने के बाद आधिकारिक तौर पर इलाहाबाद को फिर से प्रयागराज के नाम से जाना जाएगा. इलाहाबाद का कुंभ मेला 4 फरवरी 2019 से 4 मार्च तक 2019 तक चलेगा। कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर योगी सरकार पूरे एक्शन में नजर आ रही है। हर बार की तरह इस बार भी कुंभ मेला खास होगा। केंद्र और राज्य सरकार कुंभ की भव्यता पूरी दुनिया को दिखाने की पुरजोर कोशिश में लगी है। हिंदुओं के लिए इलाहाबाद बहुत ही पावन स्थल है. तीन पवित्र नदियां गंगा, यमुना और सरस्वती का यहां मिलन होता है, जिसकी वजह से इसे त्रिवेणी के नाम से भी जाना जाता है. इलाहाबाद में हर 12 साल के अंतराल पर कुंभ मेले का आयोजन किया जाता है.
अगले वर्ष आयोजित होने वाले कुंभ मेले से पहले यह काम किया जा सकता है। इस संबंध में संतों और अखाड़ा परिषदों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया था और खुद मुख्यमंत्री ने इलाहाबाद की अपनी यात्रा के दौरान इस संबंध में संकेत दिए थे।सरकार कुंभ की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रैंडिंग कर रही है और इस संबंध में अगर आप इलाहाबाद में लगे विभिन्न होर्डिगों पर भी देखेंगे तो उनमें प्रयाग कुंभ का जिक्र किया गया है।
इलाहाबाद को वैसे भी तीर्थराज प्रयाग के नाम से जाना जाता है। पहले इसका नाम प्रयाग ही था लेकिन मुगल बादशाह अकबर ने 1583 ईस्वीं में इसका नाम बदलकर इलाहाबाद रख दिया था। अब संघ और भाजपा नेताओं की भी मांग है कि इस शहर का नाम बदला जाए। भाजपा नेताओं को उम्मीद है कि शहर का नाम बदलने से पार्टी को चुनावी लाभ भी हो सकता है। मायावती ने तो अपने कार्यकाल में 11 जिलों के नाम दलित महापुरुषों पर कर दिए थे।
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