जीवन को आसान बना रहा है एक्सप्रेसवे का सफर
मोदी ने बागपत में कहा, "आज दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए बड़ा दिन है। ईस्टर्न पेरिफेरल और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की शुरुआत हुई। मुझे नई सड़क पर चलने का मौका मिला तो पता चला कि एक्सप्रेसवे का सफर जीवन को कितना आसान बनाता है। ये काम सिर्फ 18 महीने में पूरा हुआ है।"
"ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की शुरू होने से दिल्ली के अंदर आने वाले वाहनों में कमी आएगी। ये देश का पहला ग्रीन एक्सप्रेसवे है। ये सड़क सिर्फ 500 दिनों में तैयार हुई है। अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश से दूध, अनाज, सब्जी आसानी से दिल्ली पहुंचेगी।"
EPE हरियाणा और उत्तर प्रदेश के 6 शहरों को जोड़ेगा
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे 135 किलोमीटर लंबा है। यह कुंडली से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के बागपत, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और हरियाणा के फरीदाबाद और पलवल को जोड़ता है। अब यह सफर 4 घंटे की जगह मजह 72 मिनट में पूरा होगा।
ईपीई की लागत 11 हजार करोड़ है। यह देश का पहला स्मार्ट और 100% सोलर पावर से लैस एक्सप्रेसवे है। यहां बने 8 सोलर प्लांट से 4 हजार किलोवॉट बिजली पैदा होगी। हर 500 मीटर पर दोनों तरफ रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बने हैं।
इस पर सुरक्षा के विश्व स्तरीय इंतजाम हैं। स्मार्ट एंड इंटेलिजेंट हाईवे मैनेजमेंट सिस्टम (एचटीएमएस) और वीडियो इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम (वीआईडीएस) लगे हैं।
अवलोकन करें:--
इसके दोनों तरफ बने गार्डन में ड्रिप सिंचाई का इंतजाम है। 2.5 लाख पौधे लगाए गए हैं। एक्सप्रेसवे पर कुतुबमीनार, हवामहल, इंडिया गेट, लालकिला, चार मीनार, जलियांवाला बाग, अशोकचक्र, कीर्ति स्तंभ समेत 36 स्मारकों की प्रतिकृति लगाई गई हैं। कोशिश की गई है कि सड़क पर चलते वक्त सभी राज्यों की झलक दिखे। इस पर 40 फाउंटेन भी हैं।
हिमाचल-राजस्थान से आने वालों को दिल्ली नहीं जाना होगा
ईपीई शुरू होने के बाद अगर हिमाचल प्रदेश या राजस्थान से हरियाणा जाना चाहता है तो उसे दिल्ली में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। इस रोड के शुरू होने से दिल्ली में रोजाना 50 हजार वाहनों का दबाव कम होगा। इससे 27% तक जाम कम होने की उम्मीद है।
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