कर्नाटक विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राहुल गांधी नरेंद्र मोदी पर हमला करना नहीं छोड़ रहे हैं। उन्होंने मई 5 को रेड्डी ब्रदर्स को टिकट देने पर सवाल उठाया। उन्होंने बाकायदा एक वीडियो जारी कर मोदी से करीब 3 सवाल पूछे। उन्होंने राज्य में बीजेपी के मुख्यमंत्री कैंडिडेट येदियुरप्पा को भी करप्शन के आरोपों पर घेरा। इससे पहले 1 मई को मोदी ने राहुल गांधी को बिना कागज देखे 15 मिनट भाषण देने और 5 बार विश्वेश्वरैया बोलने की चुनौती दी थी। इस नए हमले को राहुल का जवाब माना जा रहा है।
मोदीजी आप बोलते बहुत हैं, लेकिन करते नहीं है
राहुल गांधी ने शनिवार को ट्वीट में लिखा- "प्रिय मोदीजी आप बोलते बहुत हैं, लेकिन समस्या ये है कि आपके काम आपके शब्दों से मेल नहीं खाते।"
उन्होंने अपने ट्वीट के साथ एक वीडियो भी शेयर किया और लिखा कि इसे आप 'कर्नाटक का मोस्टवांटेड' सीरियल की तरह देख सकते हैं।
3 सवाल पूछे,आरोप भी लगाए
क्या आप रेड्डी ब्रदर्स गैंग को 8 टिकट देने पर 5 मिनट बोलेंगे?
ऐसे शख्स (येदियुरप्पा) को मुख्यमंत्री बनाएंगे जिस पर 23 केस दर्ज है?
क्या आप टिकट दिए गए उन 11 नेताओं पर बोलेंगे जिन पर करप्शन के आरोप हैं?
वीडियो में इन सभी नेताओं के आरोप और केस के बारे में जानकारी दी गई है।
क्या था 15 मिनट बोलने देने का मामला
राहुल गांधी ने अमेठी दौरे और दिल्ली में संविधान बचाओ रैली में कहा था- "हमें संसद में बोलने नहीं दिया जाता है, अगर मैं 15 मिनट संसद में भाषण दूं तो प्रधानमंत्री हमारे सामने खड़े नहीं हो पाएंगे।"
जहाँ तक संविधान या लोकतन्त्र की बात है, शायद ये दोनों कांग्रेस के शब्दकोष में ही नहीं है। जनता को मूर्ख जरूर बना सकती है कांग्रेस, लेकिन शायद इन दोनों शब्दों का भावार्थ तक नहीं जानती? देखिए प्रमाण:--
1. जब भारत में प्रथम चुनाव हुए थे, उत्तर प्रदेश के फूलपुर से चुनाव मैदान में थे जवाहर लाल नेहरू और रामपुर से थे मौलाना अबुल कलाम आज़ाद और इन दोनो के विरुद्ध थे हिन्दू महासभा के प्रभुदत्त ब्रह्मचारी और सेठ बिशन। मुख्यमंत्री थे नेहरू के हमज़ुल्फ़ गोबिन्द बल्लब पंत। नेहरूजी तो ब्रह्मचारी को शिकस्त देने में सफल हो गए, लेकिन सेठ बिशन ने लगभग 6000 वोटों से मौलाना आज़ाद को धूल चटवा दी। तुरन्त नेहरू ने मुख्यमन्त्री को कहा "मुझे आज़ाद संसद में चाहिए,कुछ भी करो।" पंत ने भी अपने हमज़ुल्फ़ की बात को सम्मान देते हुए, कुछ दाओ पर लगा दिया। सेठ को जिला अधिकारी और मेजिस्ट्रेट ने विजयी जलूस से अगवा कर मतदान केन्द्र पर ले जाकर उन्ही के सामने उनके बक्से की वोटें आज़ाद में मिलाकर पराजित आज़ाद को विजयी घोषित कर दिया गया था। यानि संविधान और लोकतन्त्र का भारत के पहले ही चुनाव में क़त्ल कर दिया गया था।
2. संविधान में दो प्रधानमन्त्री होने की बात कहाँ लिखी है? जम्मू-कश्मीर का प्रधानमन्त्री शेख अब्दुल्ला और शेष भारत का जवाहर लाल नेहरू।
2(i ) कोई भी नागरिक भारत के किसी भी प्रदेश में जब चाहे जा सकता था, लेकिन जम्मू-कश्मीर जाने के लिए परमिट की जरुरत थी, जिसे समाप्त किया डॉ श्यामा प्रसाद मुख़र्जी के बलिदान ने।
3. इन्दिरा गाँधी ने कौन-से संविधान और लोकतन्त्र के अंतगर्त देश में इमरजेंसी लगाई थी?
4. कौन-से संविधान और लोकतन्त्र के अंतगर्त आतंकवादियों को बचाने बेकसूर साधु/संत और साध्वी को जेलों में डाला गया था? आदि आदि
खैर, मोदी ने 1 मई को चामराजनगर में रैली में राहुल को जवाब दिया। उन्होंने कहा- "लोकतंत्र में हम नेता और नागरिकों की बातों को गंभीरता से लिया जाता है। कांग्रेस अध्यक्ष ने हाल ही में मुझे एक चुनौती। उन्होंने कहा कि अगर मैं संसद में 15 मिनट भी बोलूंगा तो मोदी जी बैठ नहीं पाएंगे। वे 15 मिनट बोलेंगे, ये भी एक बड़ी बात है और मैं बैठ नहीं पाऊंगा। कांग्रेस अध्यक्ष जी आप नामदार हैं और हम कामदार हैं। हम तो अच्छे कपड़े भी नहीं पहन सकते, आपके सामने कैसे बैठेंगे। हम लोगों ने नामदारों के जुल्म झेले हैं और आज इस ताकत को बढ़ाते चले जा रहे हैं।"
''मोदी जी को छोड़ो। मैं आपसे कहता हूं कि आप कर्नाटक के चुनाव प्रचार में 15 मिनट बगैर कागज हाथ में लिए हिंदी, अंग्रेजी या अपनी मां की मातृभाषा में बोल के दिखा दीजिए।"
"एक बात और इस 15 मिनट के भाषण में 5 बार श्रीमान विश्वेश्वरैया का नाम ले लेना। कर्नाटक की जनता तय कर लेगी, उन्हें क्या करना है।''
बता दें कि पिछले दिनों राहुल गांधी एक रैली में कर्नाटक की महान हस्ती मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का नाम ठीक से नहीं ले पाए थे। बाद में यह वीडियो काफी वायरल हुआ था।
मोदीजी आप बोलते बहुत हैं, लेकिन करते नहीं है
राहुल गांधी ने शनिवार को ट्वीट में लिखा- "प्रिय मोदीजी आप बोलते बहुत हैं, लेकिन समस्या ये है कि आपके काम आपके शब्दों से मेल नहीं खाते।"
उन्होंने अपने ट्वीट के साथ एक वीडियो भी शेयर किया और लिखा कि इसे आप 'कर्नाटक का मोस्टवांटेड' सीरियल की तरह देख सकते हैं।
3 सवाल पूछे,आरोप भी लगाए
क्या आप रेड्डी ब्रदर्स गैंग को 8 टिकट देने पर 5 मिनट बोलेंगे?
ऐसे शख्स (येदियुरप्पा) को मुख्यमंत्री बनाएंगे जिस पर 23 केस दर्ज है?
क्या आप टिकट दिए गए उन 11 नेताओं पर बोलेंगे जिन पर करप्शन के आरोप हैं?
वीडियो में इन सभी नेताओं के आरोप और केस के बारे में जानकारी दी गई है।
क्या था 15 मिनट बोलने देने का मामला
राहुल गांधी ने अमेठी दौरे और दिल्ली में संविधान बचाओ रैली में कहा था- "हमें संसद में बोलने नहीं दिया जाता है, अगर मैं 15 मिनट संसद में भाषण दूं तो प्रधानमंत्री हमारे सामने खड़े नहीं हो पाएंगे।"
जहाँ तक संविधान या लोकतन्त्र की बात है, शायद ये दोनों कांग्रेस के शब्दकोष में ही नहीं है। जनता को मूर्ख जरूर बना सकती है कांग्रेस, लेकिन शायद इन दोनों शब्दों का भावार्थ तक नहीं जानती? देखिए प्रमाण:--
1. जब भारत में प्रथम चुनाव हुए थे, उत्तर प्रदेश के फूलपुर से चुनाव मैदान में थे जवाहर लाल नेहरू और रामपुर से थे मौलाना अबुल कलाम आज़ाद और इन दोनो के विरुद्ध थे हिन्दू महासभा के प्रभुदत्त ब्रह्मचारी और सेठ बिशन। मुख्यमंत्री थे नेहरू के हमज़ुल्फ़ गोबिन्द बल्लब पंत। नेहरूजी तो ब्रह्मचारी को शिकस्त देने में सफल हो गए, लेकिन सेठ बिशन ने लगभग 6000 वोटों से मौलाना आज़ाद को धूल चटवा दी। तुरन्त नेहरू ने मुख्यमन्त्री को कहा "मुझे आज़ाद संसद में चाहिए,कुछ भी करो।" पंत ने भी अपने हमज़ुल्फ़ की बात को सम्मान देते हुए, कुछ दाओ पर लगा दिया। सेठ को जिला अधिकारी और मेजिस्ट्रेट ने विजयी जलूस से अगवा कर मतदान केन्द्र पर ले जाकर उन्ही के सामने उनके बक्से की वोटें आज़ाद में मिलाकर पराजित आज़ाद को विजयी घोषित कर दिया गया था। यानि संविधान और लोकतन्त्र का भारत के पहले ही चुनाव में क़त्ल कर दिया गया था।
2. संविधान में दो प्रधानमन्त्री होने की बात कहाँ लिखी है? जम्मू-कश्मीर का प्रधानमन्त्री शेख अब्दुल्ला और शेष भारत का जवाहर लाल नेहरू।
2(i ) कोई भी नागरिक भारत के किसी भी प्रदेश में जब चाहे जा सकता था, लेकिन जम्मू-कश्मीर जाने के लिए परमिट की जरुरत थी, जिसे समाप्त किया डॉ श्यामा प्रसाद मुख़र्जी के बलिदान ने।
3. इन्दिरा गाँधी ने कौन-से संविधान और लोकतन्त्र के अंतगर्त देश में इमरजेंसी लगाई थी?
4. कौन-से संविधान और लोकतन्त्र के अंतगर्त आतंकवादियों को बचाने बेकसूर साधु/संत और साध्वी को जेलों में डाला गया था? आदि आदि
खैर, मोदी ने 1 मई को चामराजनगर में रैली में राहुल को जवाब दिया। उन्होंने कहा- "लोकतंत्र में हम नेता और नागरिकों की बातों को गंभीरता से लिया जाता है। कांग्रेस अध्यक्ष ने हाल ही में मुझे एक चुनौती। उन्होंने कहा कि अगर मैं संसद में 15 मिनट भी बोलूंगा तो मोदी जी बैठ नहीं पाएंगे। वे 15 मिनट बोलेंगे, ये भी एक बड़ी बात है और मैं बैठ नहीं पाऊंगा। कांग्रेस अध्यक्ष जी आप नामदार हैं और हम कामदार हैं। हम तो अच्छे कपड़े भी नहीं पहन सकते, आपके सामने कैसे बैठेंगे। हम लोगों ने नामदारों के जुल्म झेले हैं और आज इस ताकत को बढ़ाते चले जा रहे हैं।"
''मोदी जी को छोड़ो। मैं आपसे कहता हूं कि आप कर्नाटक के चुनाव प्रचार में 15 मिनट बगैर कागज हाथ में लिए हिंदी, अंग्रेजी या अपनी मां की मातृभाषा में बोल के दिखा दीजिए।"
"एक बात और इस 15 मिनट के भाषण में 5 बार श्रीमान विश्वेश्वरैया का नाम ले लेना। कर्नाटक की जनता तय कर लेगी, उन्हें क्या करना है।''
बता दें कि पिछले दिनों राहुल गांधी एक रैली में कर्नाटक की महान हस्ती मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का नाम ठीक से नहीं ले पाए थे। बाद में यह वीडियो काफी वायरल हुआ था।
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