देश में बढ़ रही आबादी को देखते हुए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली थी कि हम रोहिंग्या मुसलमानों को शरण नहीं दे सकते, हालाँकि अब तक इस मुद्दे का कोई हल नहीं निकला है, रोहिंग्या मुस्लमान कौन हैं और उनके अपने ही देश से क्यूँ निकाल दिए गए हैं ये सब जानते हैं, फिर भी भारत में इनके हितैषी के रूप में हजारों की संख्या में लोग सामने आ रहे हैं! हालाँकि उन लोगो का विरोध रोहिंग्या सर्नार्थियों से ज्यादा किया जा रहा है!
वर्तमान में एक रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश में बसे/ कब्ज़ा किये हुए रोहिंग्या मुसलमानों में बच्चो की संख्या बहुत भारी रूप से बढ़ने की खबर आ रही है, विपरीत परिस्थितियों के बाद भी प्रजनन प्रक्रिया में कोई कमी नहीं आई है, बंगलादेशी महिला तसलीमा नसरीन के अनुसार पिछले 9 महीने में रोहिंग्या कैंपो में 16,000 से भी ज्यादा बच्चो ने जन्म लिया है।
यह बांग्लादेश सरकार के लिए एक बहुत ही चिंता का विषय है, केवल बांग्लादेश के लिए ही नहीं भारत में भी बच्चो के जन्म की संख्या में लगातार बढौतरी हो रही है, प्रजनन के साथ-साथ रोहिंग्या मुसलमान तरह-तरह के अपराधों में लिप्त पाए जा रहे हैं, कैम्पों के अलावा भी रोहिंग्या मुसलामानों ने जाना और रहना शुरू कर दिया है, लोकल हितैषी लोग उनको बसाने में पूरी सहायता कर रहे हैं!
जम्मू कश्मीर इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है, हाल ही में कई रोहिंग्याओ को भारतीय पासपोर्ट व् आधार कार्ड के साथ गिरफ्तार किया गया है। भारतीय सरकार को जल्द ही कुछ कदम उठाना चाहिए, इससे पहले की बहुत देर हो जाए और पूरे देश पर रोहिंग्याओं का कब्ज़ा हो जाये!
वर्तमान में एक रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश में बसे/ कब्ज़ा किये हुए रोहिंग्या मुसलमानों में बच्चो की संख्या बहुत भारी रूप से बढ़ने की खबर आ रही है, विपरीत परिस्थितियों के बाद भी प्रजनन प्रक्रिया में कोई कमी नहीं आई है, बंगलादेशी महिला तसलीमा नसरीन के अनुसार पिछले 9 महीने में रोहिंग्या कैंपो में 16,000 से भी ज्यादा बच्चो ने जन्म लिया है।
यह बांग्लादेश सरकार के लिए एक बहुत ही चिंता का विषय है, केवल बांग्लादेश के लिए ही नहीं भारत में भी बच्चो के जन्म की संख्या में लगातार बढौतरी हो रही है, प्रजनन के साथ-साथ रोहिंग्या मुसलमान तरह-तरह के अपराधों में लिप्त पाए जा रहे हैं, कैम्पों के अलावा भी रोहिंग्या मुसलामानों ने जाना और रहना शुरू कर दिया है, लोकल हितैषी लोग उनको बसाने में पूरी सहायता कर रहे हैं!जम्मू कश्मीर इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है, हाल ही में कई रोहिंग्याओ को भारतीय पासपोर्ट व् आधार कार्ड के साथ गिरफ्तार किया गया है। भारतीय सरकार को जल्द ही कुछ कदम उठाना चाहिए, इससे पहले की बहुत देर हो जाए और पूरे देश पर रोहिंग्याओं का कब्ज़ा हो जाये!
In 9 months, 16,000 children were born at Rohingya refugee camps in Bangladesh.
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