दिल्ली के गाजीपुर के एक मदरसे में बच्ची से बलात्कार के मामले में बडा
खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार क्राइम ब्रांच की जांच में नाबालिग
आरोपी के बालिग होने के संकेत मिले हैं। इस रिपोर्ट को जुवेनाइल जस्टिस
बोर्ड में पेश किया जाएगा। ये खुलासा क्राइम ब्रांच की तफ्तीश में हुआ है। स्थानीय पुलिस ने आरोपी को नाबालिग बनाकर बाल सुधार गृह भेज दिया था।
क्राइम ब्रांच को नाबालिग आरोपी की बोन ओसिफिक्सशन टेस्ट रिपोर्ट मिली है
जिसमे ये जाहिर हो रहा है कि आरोपी नाबालिग ना होकर बालिग है। क्राइम
ब्रांच नाबालिग आरोपी की इस रिपोर्ट को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में पेश
करेगी। इससे साफ जाहिर होता है कि इस मामले में लोकल पुलिस द्वारा
लापरवाही बरती गई है।
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क्या है मामला ?
देहली के गाजीपुर की रहने वाली 11 साल की नाबालिग लडकी के साथ किडनैपिंग और
रेप का मामला सामने आया था। लडकी शाम को अचानक अपने घर के पास से लापता
हो गई थी। घरवालों ने बच्ची की तलाश शुरू की, परंतु वह नहीं मिली। इसके
बाद परिवार वालों ने उसी शाम गाजीपुर पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस
ने तफ्तीश शुरू की। 24 घंटे के बाद लडकी के फोन सीडीआर से पुलिस ने लडकी
का पता लगा लिया। लडकी की लोकेशन गाजियाबाद के एक मदरसे में थी। वहां
गाजियाबाद और दिल्ली पुलिस ने दबिश दी और लडकी मदरसे से बरामद कर लिया। साथ
ही मदरसे के मौलवी और एक नाबालिग 17 साल के लडके को पूछताछ के लिए थाने ले
आयी थी।
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