अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) छात्रसंघ भवन में लगी मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर पर उठे विवाद के बाद इसी तरह का एक और मामला सामने आया है, जहां अलीगढ़ के खैर शहर में स्थित लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यू) के अतिथि भवन (गेस्ट हाउस) से एएमयू के संस्थापक सर सैयद अहमद खां की तस्वीर हटा दी गई. डीएनए वेबसाइट के मुताबिक सर सैयद के साथ महात्मा गांधी, डॉ. अम्बेडकर और लाल बहादुर शास्त्री की तस्वीरें भी हटा दी गई हैं. गेस्ट हाउस के किसी भी अधिकारी और सुरक्षाकर्मी को इस बारे में जानकारी नहीं है कि सर सैयद की तस्वीर किसने हटाई. यह तस्वीर 2 मई को उस दौरान गायब हुई, जब सुरक्षाकर्मी खाने के लिए घर गए हुए थे। अब उसकी जगह वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगा दी गई है। अब ये तस्वीर किसने लगाई इसके बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है। दरअसल खैर के PWD गेस्ट हाउस में यहां के विधायक अनूप प्रधान ने कार्यकर्ताओं के साथ प्रेस वार्ता की थी। लोहागढ़ में जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश राणा के रात्रि प्रवास के दौरान दलित के घर में बाहर से खाना मंगाकर खाने के मामले को लेकर हुई फजीहत पर बीजेपी नेता बात कर रहे थे।
वहीं दूसरी ओर हिन्दू युवा वाहिनी द्वारा एएमयू में जिन्ना की तस्वीर के मुद्दे को भड़काने से उपजी हिंसा के बाद उनकी एक और तस्वीर शहर के डी.एस.कॉलेज के वॉशरूम में शनिवार (5 मई) को मिली. वॉशरूम की सफाई के दौरान कर्मी को यह तस्वीर मिली और उसने इस बारे में अथॉरिटी को सावधान किया, इससे पहले कि एक और विरोध-प्रदर्शन शुरू हो अथॉरिटी ने तुरंत ही तस्वीर को वहां से हटा दिया. डी.एस.कॉलेज के प्रिंसिपल ने कहा, 'कुछ लोग बाहर से आए थे और उन्होंने तस्वीर को वहां रखा. यह माहौल को खराब करने की एक कोशिश है. हमने तस्वीर को देखने के तुरंत बाद ही इसे हटा दिया.'
इस बैठक में खैर के बीजेपी विधायक अनूप प्रधान सहित स्थानीय नेता और पदाधिकारी मौजूद थे। उस समय तक दीवार पर सर सय्यद अहमद खान की तस्वीर लगी हुई थी। यही नहीं, जहां सर सय्यद की तस्वीर लगी हुई थी वहां रविवार को किसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगा दी है। सूत्रों के मुताबिक उस समय कुछ नेताओं ने सर सैयद की तस्वीर लगी होने पर आपत्ति जताई थी। उसके दो दिन बाद सर सय्यद की तस्वीर अचानक वहां से गायब हो गई. गेस्ट हाउस के चौकीदार का कहना है कि तस्वीर किसने लगाई उसको नहीं पता, उसका काम तो साफ़ सफाई का है।
'एएमयू में जिन्ना की तस्वीर मामूली मुद्दा, हटाने की मांग करने वाले अदालत जाएं'
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर हटाने को लेकर छिड़े विवाद के बीच देश के प्रमुख मुस्लिम संगठन ने बीते 5 मई को कुछ दक्षिणपंथी संगठनों की इस मांग का औचित्य जानना चाहा और कहा कि अगर कोई ऐसा चाहता है तो उसे अदालत का रुख करना चाहिए. जमात-ए-इस्लामी हिंद के प्रमुख मौलाना सैयद जलालुद्दीन उमरी ने तिरुवनंतपुरम में संवाददाताओं से कहा, ‘‘ऐसी मांग के पीछे क्या औचत्य है? क्योंकि यह पिछले 80 साल से लोगों की नजर में है. फिर भी किसी की ऐसी मांग है तो उसे अदालत जाना चाहिए ... इस पर विवाद क्यों ?’’
इसे एक मामूली मुद्दा बताते उन्होंने कहा कि इसे बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया है. उमरी ने कहा कि एएमयू की यह लंबे से अरसे से परंपरा रही है कि वह परिसर में छात्र संघ के आजीवन सदस्यों की तस्वीर लगाता है. उन्होंने कहा कि जिन्ना की तस्वीर 1938 से लगी हुई है. इतने सालों किसी ने भी आपत्ति नहीं जताई या तस्वीर को हटाने की मांग नहीं की. उमरी ने दावा किया कि भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने भी आजादी के संग्राम में जिन्ना की भूमिका पर संदेह नहीं किया है.
'एएमयू में जिन्ना की तस्वीर चाहने वाले मुसलमान अपने पूर्वजों का कर रहे हैं अपमान'
जिन्ना विवाद में दखल देते हुए केंद्रीय मंत्री वी. के. सिंह ने बीते 6 मई को कहा कि पाकिस्तान के संस्थापक की तस्वीर को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में लगाने का समर्थन करने वाले मुसलमान अपने पूर्वजों का अपमान कर रहे हैं जिन्होंने जिन्ना की विचारधारा को ठुकरा दिया था. विदेश राज्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखे एक पोस्ट में कहा कि बीते 6 मई को अपने पूर्वजों के कारण वे भारतीय हैं. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर पर विवाद छिड़ गया था जिसे भाजपा नेताओं ने हटाने की मांग की है. उनका कहना है कि जनता के धन से बने संस्थान में भारत विभाजन के जिम्मेदार व्यक्ति की तस्वीर लगाना स्वीकार्य नहीं है.
वी के सिंह ने कहा, ‘‘अगर आप मुसलमान नहीं है और इस कारण तस्वीर लगाने का समर्थन करते हैं कि इसके खिलाफ प्रदर्शन आपकी स्वतंत्रता को खत्म करता है तो आपको सोचना चाहिए कि क्या आप अपने घर की दीवारों पर ऐसे व्यक्ति की तस्वीर लगाना चाहेंगे जिसके हाथ आपके सगे लोगों के खून से सने हों.’’ पूर्व सेना प्रमुख ने कहा, ‘‘अगर आप मुसलमान हैं और अपनी दीवारों पर जिन्ना की तस्वीर देखना चाहते हैं तो यह आपके पूर्वजों का घोर अपमान है जिन्होंने उनकी विचारधारा ठुकरा दी थी. आप उनके कारण आज भारतीय हैं.’’

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