एसएफआईओ की मुंबई विंग ने चंदा कोचर और शिखा शर्मा को मेहुल चौकसी की कंपनी गीतांजलि को 5000 करोड़ से ज्यादा का लोन देने के मामले में समन जारी किया है। कोचर और शर्मा दोनों को व्यक्तिगत रूप से या एक रिप्रजेंटेटिव के जरिए पेश होने के लिए कहा गया है। बता दें, जांच एजेंसियां करीब 12,000 करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले में मेहुल चौकसी और नीरव मोदी व उनकी एसोसिएट कंपनियों को दिए गए सभी लोन और फैसेलिटी की जांच कर रही हैं। यह घोटाला पिछले महीने सामने आया था।
31 बैंकों के कंसोर्टियम ने दी थी गीतांजलि ग्रुप को वर्किंग कैपिटल
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, सूत्रों का कहना है कि 31 बैंकों के कंसोर्टियम ने गीतांजलि ग्रुप को वर्किंग कैपिटल की सुविधा उपलब्ध कराई थी। आईसीआईसीआई बैंक इनमें लीड लेंडर (कर्ज देने वाला बैंक) था। 31 बैंकों के इस ग्रुप का नेतृत्व आईसीआईसीआई बैंक की ओर से किया गया था. समन के आधार पर इन दोनों बैंक अधिकारियों से पूछताछ होगी कि आखिर किस आधार पर इतनी बड़ी रकम दोनों कंपनियों को दी गई. साथ ही ऐसा करते समय नियमों में ढिलाई तो नहीं बरती गई. SFIO की तरफ से कहा गया है कि दोनों बैंकों से इस मामले में जानकारी ली जाएगी, दोनों बैंकों के प्रमुख से इसी मामले में पूछताछ की जाएगी.वर्किंग कैपिटल की यह रकम 5280 करोड़ रुपए थी। एसएफआईओ पहले ही पीएनबी को समन भेज चुका है अब कुछ अन्य बैंकों को समन जारी किए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि एसएफआईओ ने बैंकों से गीतांजलि ग्रुप को दी गई वर्किंग कैपिटल की फैसेलिटी के बारे में ब्योरा देने के लिए कहा गया है। सीबीआई आईसीआईसीआई बैंक के ईडी एनएस कानन से पहले ही पूछताछ कर चुकी है। इस फ्रॉड में करीब 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पीएनबी के एमडी को भी समन
SFIO ने इन दोनों के अलावा पीएनबी के एमडी सुनील मेहता को भी समन भेजा है, उन्हें बुधवार को पेश होने के लिए कहा गया है. एसएफआईओ को शक है कि नीरव मोदी और मेहुल चोकसी ने करीब 400 शैल कंपनियां तैयार की थीं, इन कंपनियों के डायरेक्टर भी फर्जी थे. इन सभी कंपनियों का इस्तेमाल सारे पैसों को भारत से बाहर पहुंचाने के लिए किया गया. हालांकि, इन सभी में से अभी एसएफआईओ की नजर मुख्य रूप से 110 शैल कंपनियों पर है.
अवलोकन करें:--
सभी कंपनियों की जानकारी इकट्ठा की जा रही है, इसके लिए रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) की मदद ली जा रही है. आपको बता दें कि फरवरी में हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की तरफ से पीएनबी को 12,600 करोड़ रुपये का चूना लगाने का खुलासा हुआ था. इसके बाद सीबीआई ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है. इस पूरे मामले में ईडी ने भी तेजी से कार्रवाई करते हुए नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की अरबों रुपये की संपत्तियां कुर्क की हैं.
----------------------------------------------------
1 दिन में कितना कमाती हैं चंदा कोचर?
1 दिन की वेतन 2.18 लाख रुपए
पिछले वित्त वर्ष में कॉन्ट्रैक्ट बोनस, भत्ता और मुनाफा, प्रोविडेंट फंड, रिटायरमेंट फंड और ग्रेच्युटी फंड मिलाकर चंदा कोचर का कुल वेतन 4.76 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 6.09 करोड़ रुपए किया गया. इसके अलावा 2.20 करोड़ रुपए का बोनस भी उन्हें दिया गया. पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले भत्ते और लाभ में भी 47% की बढ़ोत्तरी की गई थी. इस हिसाब से उन्होंने एक दिन में करीब 2.18 लाख रुपए कमाए.
पिछले वित्त वर्ष में कॉन्ट्रैक्ट बोनस, भत्ता और मुनाफा, प्रोविडेंट फंड, रिटायरमेंट फंड और ग्रेच्युटी फंड मिलाकर चंदा कोचर का कुल वेतन 4.76 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 6.09 करोड़ रुपए किया गया. इसके अलावा 2.20 करोड़ रुपए का बोनस भी उन्हें दिया गया. पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले भत्ते और लाभ में भी 47% की बढ़ोत्तरी की गई थी. इस हिसाब से उन्होंने एक दिन में करीब 2.18 लाख रुपए कमाए.
कौन हैं चंदा कोचर
- चंदा का जन्म 17 नवंबर, 1961 को जोधपुर, राजस्थान में हुआ.
- 13 साल की उम्र में ही उनके पिता की मौत हो गई.
- उनकी स्कूली पढ़ाई जयपुर से हुई. इसके बाद वे मुंबई आ गईं.
- यहां उन्होंने जय हिंद कॉलेज से आर्ट्स में ग्रैजुएशन किया.
- बचपन में वे सिविल सर्विसेज में जाना चाहती थी, लेकिन जब वो बड़ी हुई तो उन्होंने फाइनेंस की फील्ड चुनी.
- उन्होंने मुंबई के जमनालाल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस स्टडी से मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री हासिल की.
25 साल में ट्रेनी से CEO बन गईं
चंदा ने इंटरव्यू में बताया था कि 'मेरी मां मुझसे कहा करती थी कि अगर महिला किसी बात की जिद कर ले तो फिर वो सब कुछ कर सकती है. इन शब्दों का मेरे जीवन पर बहुत बड़ा असर पड़ा. मैंने 1984 में ICICI बैंक में मैनेजमेंट ट्रेनी के तौर पर नौकरी ज्वाइन की थी. 25 साल बाद उसी कंपनी में 2009 में पहली महिला CEO बनी. इस दौरान कंपनी ने कई बड़ी जिम्मेदारियां दी, जिन्हें बखूबी निभाया. इसी का परिणाम है कि आज मैं देश की प्राइवेट सेक्टर की सबसे बड़े बैंक की CEO हूं.'
---------------------------------------------------------
- पंजाब नेशनल बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज बीएसई को बताया कि उसने 1.8 अरब डॉलर (करीब 11,356 करोड़ रुपए) का संदिग्ध ट्रांजैक्शन पकड़ा है।
- इस घोटाले की शुरुआत 2011 से हुई। 7 साल में हजारों करोड़ की रकम फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स (LoUs) के जरिए विदेशी अकाउंट्स में ट्रांसफर की गई।
- बैंक के अनुसार, ऐसा लगता है कि इन ट्रांजैक्शन के आधार पर विदेश में कुछ बैंकों ने उन्हें (चुनिंदा अकाउंट होल्डर्स को) कर्ज दिया है। ये अकाउंट्स कितने थे, कितने लोगों को फायदा हुआ? इस बारे में अभी तक खुलासा नहीं हुआ है।
- इस पूरे फ्रॉड को लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) के जरिए अंजाम दिया गया। यह एक तरह की गारंटी होती है, जिसके आधार पर दूसरे बैंक अकाउंटहोल्डर को पैसा मुहैया करा देते हैं। अब यदि अकाउंटहोल्डर डिफॉल्ट कर जाता है तो एलओयू मुहैया कराने वाले बैंक की यह जिम्मेदारी होती है कि वह संबंधित बैंक को बकाये का भुगतान करे।
घोटाले में कौन-कौन हैं आरोपी?
- हीरा कारोबारी नीरव मोदी और गीतांजलि ग्रुप्स के मालिक मेहुल चौकसी इस घोटाले के मुख्य आरोपी हैं। इन दोनों ने गोकुलनाथ शेट्टी के साथ मिलकर इस घोटाले को अंजाम दिया।
- 280 करोड़ के फ्रॉड केस में ED ने नीरव मोदी की पत्नी आमी, भाई निशाल, मेहुल चीनूभाई चौकसी, डायमंड कंपनी के सभी पार्टनर्स, सोलर एक्सपर्ट्स, स्टेलर डायमंड और बैंक के दो अफसरों गोकुलनाथ शेट्टी (अब रिटायर्ड) और मनोज खरात के खिलाफ केस दर्ज किया है।
Comments