आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार
जिस तेजी से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल माफ़ी मांगते नज़र आ रहे हैं, मेरे उन लेखों को सत्यापित कर रहे हैं, जो आम आदमी पार्टी गठन होने से अब तक लिखता रहा हूँ। वास्तव में इस पार्टी को राजनीतिक अखाड़े में उतारा था, मोदी लहर की हवा निकालने, लेकिन दिल्ली विधान सभा के सिवाए अपने आकाओं को ही नुकसान पहुँचाया।
फिर अपने आप को राजा हरिश्चंद्र सिद्ध कर एक दूसरे को आरोपित कर जनता को भ्रमित करने में व्यस्त रखने वाली आम आदमी पार्टी स्वयं आरोपों में घिरती गयी। लेकिन किसी पर ठोस कार्यवाही करने की बजाए उनको संरक्षण दिया जाता रहा। राशन कार्ड बनते रहे।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सोशल मीडिया पर एक बार फिर से ट्रोल हो गए हैं। बीते सप्ताह (15 मार्च) को उन्होंने मानहानि केस में पंजाब शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से माफी मांगी थी। एक बार फिर से उन्होंने इस माफी मांगने के सिलसिले को दोहराया है। अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल से भी माफी मांग ली है। केजरीवाल ने पत्र लिखकर इनसे मानहानि केस खत्म करने की अपील की है। केजरीवाल के माफी मांगने की खबर सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई और एक बार फिर से लोगों ने कुछ इस तरह मजे लेने शुरू कर दिए।

माफी पर कपिल सिब्बल ने कहा, 'केजरीवाल जी और सिसोदिया जी ने स्वीकार किया है कि कुछ साल पहले मेरे और बेटे के ऊपर लगाए गए आरोप निराधार थे। इसके लिए उन्होंने माफी मांगी है। हम अब सबकुछ भुलाकर आगे बढ़ेंगे।' वहीं मनीष सिसोदिया ने कहा कि हमने जिनको भी आहत किया है, उनसे माफी मांगेंगे। हम लोगों की सेवा करने के लिए हैं न कि ऐसे मामलों में कोर्ट जाने के लिए। हमें लोगों के लिए स्कूल और अस्पताल बनाना है।
अवलोकन करें:--
केजरीवाल और नितिन गडकरी ने मार्च 19 को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में चल रहे मानहानि के मामले को वापस लेने के लिए एक संयुक्त अर्जी दी। इससे पहले केजरीवाल पंजाब के पूर्व मंत्री विक्रम मजीठिया से माफी मांग चुके हैं। केजरीवाल ने मजीठिया पर नशे का कारोबार में शामिल होने के आरोप लगाए थे। दिल्ली के सीएम के माफी मांगने के बाद पंजाब की आप इकाई में उथल-पुथल मच गई है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने भारत के सर्वाधिक भ्रष्ट लोगों की सूची में नितिन गडकरी के शामिल होने की बात कही थी। इस टिप्पणी से नाराज होकर बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने उन पर मानहानि का केस दायर कर दिया था। इसके अलावा केजरीवाल ने 2013 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित सिब्बल पर 'निजी लाभ के लिए शक्तियों के दुरुपयोग' का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि वह ऐसे समय में एक दूरसंचार कंपनी की तरफ से सर्वोच्च न्यायालय में पेश हुए, जब उनके पिता कपिल सिब्बल केंद्रीय संचार मंत्री थे।
जिस तेजी से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल माफ़ी मांगते नज़र आ रहे हैं, मेरे उन लेखों को सत्यापित कर रहे हैं, जो आम आदमी पार्टी गठन होने से अब तक लिखता रहा हूँ। वास्तव में इस पार्टी को राजनीतिक अखाड़े में उतारा था, मोदी लहर की हवा निकालने, लेकिन दिल्ली विधान सभा के सिवाए अपने आकाओं को ही नुकसान पहुँचाया।
फिर अपने आप को राजा हरिश्चंद्र सिद्ध कर एक दूसरे को आरोपित कर जनता को भ्रमित करने में व्यस्त रखने वाली आम आदमी पार्टी स्वयं आरोपों में घिरती गयी। लेकिन किसी पर ठोस कार्यवाही करने की बजाए उनको संरक्षण दिया जाता रहा। राशन कार्ड बनते रहे।
पंजाब के पूर्व मंत्री ब्रिकम सिंह मजीठिया से माफी मांगकर आपने ही लोगों के निशाने पर आए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को फिर से पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल और वर्तमान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से माफी मांगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अपने खिलाफ दायर मानहानि मामले में अधिवक्ता अमित सिब्बल से माफी मांगी।
गडकरी को दिए अपने माफीनामे में केजरीवाल ने लिखा है, ‘अपने उस बयान के लिए खेद महसूस कर रहा हूं, जिसे प्रमाणित नहीं किया जा सका और जिससे आप को दुख पहुंचा है। मैं निजी तौर पर आपके खिलाफ नहीं हूं। मैं अफसोस जाहिर करता हूं। हम इस घटना को पीछे छोड़ दें और अदालती कार्यवाही को बंद करें। हमें अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल परस्पर सम्मान की भावना के साथ देश के लोगों की सेवा के लिए करना चाहिए।’ इसके बाद में गडकरी व केजरीवाल ने पटियाला हाउस अदालत में मानहानि के मामले को वापस लेने के लिए संयुक्त रूप से आवेदन दायर किया। जानकारी के मुताबिक गडकरी ने अपनी शर्तों पर केजरीवाल से माफी मंगवाई है।
जानकारी के अनुसार केजरीवाल ने पिछले साल गडकरी से अनौपचारिक रूप से माफी मांगी थी, लेकिन औपचारिक तौर पर माफी को लेकर बातचीत चार महीने पहले हुई। इसके लिए सीएम केजरीवाल के दो मुख्य सहयोगियों ने गडकरी और उनके सहयोगियों के साथ मामले में निर्णय लेने के लिए कई दौरों की चर्चा की थी। एक शख्स ने बताया, ‘दोनों नेताओं ने पुरानी घटनाओं को भूलने पर सहमति व्यक्त की थी लेकिन इसे अंतिम रूप देने में कुछ समय लगा।
केजरीवाल ने गडकरी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, जिसे साबित नहीं किया जा सका। उनकी माफी के बाद केंद्रीय मंत्री ने अपनी मानहानि का मामला वापस ले लिया। गडकरी ने अपना नाम केजरीवाल द्वारा ‘भ्रष्ट राजनेताओं’ की सूची में डालने के बाद 2014 में आप नेता के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। केजरीवाल पर कई राजनेताओं ने मानहानि का मामला दर्ज किया है, जिसमें वित्त मंत्री अरुण जेटली व दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित भी शामिल हैं।
गडकरी को दिए अपने माफीनामे में केजरीवाल ने लिखा है, ‘अपने उस बयान के लिए खेद महसूस कर रहा हूं, जिसे प्रमाणित नहीं किया जा सका और जिससे आप को दुख पहुंचा है। मैं निजी तौर पर आपके खिलाफ नहीं हूं। मैं अफसोस जाहिर करता हूं। हम इस घटना को पीछे छोड़ दें और अदालती कार्यवाही को बंद करें। हमें अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल परस्पर सम्मान की भावना के साथ देश के लोगों की सेवा के लिए करना चाहिए।’ इसके बाद में गडकरी व केजरीवाल ने पटियाला हाउस अदालत में मानहानि के मामले को वापस लेने के लिए संयुक्त रूप से आवेदन दायर किया। जानकारी के मुताबिक गडकरी ने अपनी शर्तों पर केजरीवाल से माफी मंगवाई है।जानकारी के अनुसार केजरीवाल ने पिछले साल गडकरी से अनौपचारिक रूप से माफी मांगी थी, लेकिन औपचारिक तौर पर माफी को लेकर बातचीत चार महीने पहले हुई। इसके लिए सीएम केजरीवाल के दो मुख्य सहयोगियों ने गडकरी और उनके सहयोगियों के साथ मामले में निर्णय लेने के लिए कई दौरों की चर्चा की थी। एक शख्स ने बताया, ‘दोनों नेताओं ने पुरानी घटनाओं को भूलने पर सहमति व्यक्त की थी लेकिन इसे अंतिम रूप देने में कुछ समय लगा।
केजरीवाल ने गडकरी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, जिसे साबित नहीं किया जा सका। उनकी माफी के बाद केंद्रीय मंत्री ने अपनी मानहानि का मामला वापस ले लिया। गडकरी ने अपना नाम केजरीवाल द्वारा ‘भ्रष्ट राजनेताओं’ की सूची में डालने के बाद 2014 में आप नेता के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। केजरीवाल पर कई राजनेताओं ने मानहानि का मामला दर्ज किया है, जिसमें वित्त मंत्री अरुण जेटली व दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित भी शामिल हैं।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सोशल मीडिया पर एक बार फिर से ट्रोल हो गए हैं। बीते सप्ताह (15 मार्च) को उन्होंने मानहानि केस में पंजाब शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से माफी मांगी थी। एक बार फिर से उन्होंने इस माफी मांगने के सिलसिले को दोहराया है। अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल से भी माफी मांग ली है। केजरीवाल ने पत्र लिखकर इनसे मानहानि केस खत्म करने की अपील की है। केजरीवाल के माफी मांगने की खबर सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई और एक बार फिर से लोगों ने कुछ इस तरह मजे लेने शुरू कर दिए।कोर्ट जाने के लिए नहीं टाइम-- मनीष सिसोदिया

माफी पर कपिल सिब्बल ने कहा, 'केजरीवाल जी और सिसोदिया जी ने स्वीकार किया है कि कुछ साल पहले मेरे और बेटे के ऊपर लगाए गए आरोप निराधार थे। इसके लिए उन्होंने माफी मांगी है। हम अब सबकुछ भुलाकर आगे बढ़ेंगे।' वहीं मनीष सिसोदिया ने कहा कि हमने जिनको भी आहत किया है, उनसे माफी मांगेंगे। हम लोगों की सेवा करने के लिए हैं न कि ऐसे मामलों में कोर्ट जाने के लिए। हमें लोगों के लिए स्कूल और अस्पताल बनाना है।अवलोकन करें:--
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने भारत के सर्वाधिक भ्रष्ट लोगों की सूची में नितिन गडकरी के शामिल होने की बात कही थी। इस टिप्पणी से नाराज होकर बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने उन पर मानहानि का केस दायर कर दिया था। इसके अलावा केजरीवाल ने 2013 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित सिब्बल पर 'निजी लाभ के लिए शक्तियों के दुरुपयोग' का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि वह ऐसे समय में एक दूरसंचार कंपनी की तरफ से सर्वोच्च न्यायालय में पेश हुए, जब उनके पिता कपिल सिब्बल केंद्रीय संचार मंत्री थे।



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