Skip to main content

बंगाल हिंसा: चमड़ी उधेड़वा लूंगा -- बीजेपी सांसद की धमकी

गुरुवार (29 मार्च) को आसनसोल पुलिस ने केन्द्रीय मंत्री
 बाबुल सुप्रियो को आसनसोल में घुसने से रोक दिया
केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)  के सांसद बाबुल सुप्रियो का गुरुवार (29 मार्च) को भीड़ पर भड़क उठे। लौट जाने को कहा गया, जिस पर उन्होंने लोगों को खुली धमकी दे डाली। कहा कि वह लोगों की खाल उधेड़वा लेंगे। आपको याद दिला दें कि रानीगंज में रामनवमी की रैली को लेकर रविवार और सोमवार को दो गुटों के बीच झड़प हुई थी। सांप्रदायिक हिंसा की घटना के मद्देनजर इंटरनेट सेवाएं बाधित कर दी गई थीं, जिसके बाद से अभी तक क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण है। गुरुवार को केंद्रीय मंत्री जब अपने विधानसभा क्षेत्र पहुंचे तो लोग जोर-जोर से उनके खिलाफ नारेबाजी करने लगे, जिस पर उन्होंने खुली धमकी दे डाली। सुप्रियो इस दौरान कल्याणपुर में राहत शिविर की ओर जा रहे थे। मगर रास्ते में ही उन्हें पुलिस ने रोक दिया था। उन पर सीआरपीसी की धारा 144 और आईपीसी की धारा 146, 147, 148 और 353 का उल्लंघन करने का आरोप लगा है। सुप्रियो पर इसी के साथ आरोप है कि उन्होंने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रूपेश कुमार पर हमला किया।
न्यूज चैनलों की क्लिप के मुताबिक, सुप्रियो के पास कुछ लोग पहुंचे थे। सांसद उनसे कह रहे थे, “क्या मैंने आपसे लड़ने को कहा? मैं चला जाऊंगा। लेकिन आप मुश्किल में आ जाएंगे।” आगे जब उनसे भीड़ में से एक शख्स ने लौट जाने को कहा। सुप्रियो ने इसी पर कहा, “चमड़ी उधेड़वा लूंगा तुम्हारी।” बाद में केंद्रीय मंत्री ने इस बारे में बताया, “वहां पर दो-तीन शरारती तत्व थे। वे टीएमसी से थे और माहौल खराब करने की कोशिश में थे। वे मेरे खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। मगर मैं पीड़ितों से मिलना चाह रहा था।
सुप्रियो के अनुसार, “रास्ते में बुजुर्ग महिला को देख मैंने अपनी गाड़ी रोकी थी। वह महिला रो रही थी। लेकिन शरारती तत्वों ने मुझे उससे मिलने नहीं दिया। उसे धकियाया। पुलिस को उन शरारती तत्वों को पकड़ना चाहिए था। मगर निशाना मैं बनाया गया। अगर मेरे चमड़ी उधेड़वा लूंगा वाले बयान की बात है, तो वह मैंने उन शरारती तत्वों के लिए गुस्से में आकर कहा था।”

बाबुल सुप्रियो के खिलाफ FIR दर्ज, IPS अफसर पर हमला करने का आरोप

साम्प्रदायिक हिंसा की चपेट में आए आसनसोल में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। आसनसोल पुलिस ने आज (29 मार्च) इलाके में घुसने की कोशिश कर रहे स्थानीय सांसद और केन्द्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के खिलाफ FIR दर्ज कर लिया है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उत्तर आसनसोल पुलिस स्टेशन में बाबुल सुप्रियो के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। बाबुल सुप्रियो पर धारा-144 तोड़ने और एक आईपीएस अफसर पर हमला करने का आरोप पुलिस ने लगाया है। हिंसा के मद्देनजर पुलिस ने पूरे इलाके में धारा-144 लगा रखी है। बाबुल सुप्रियो अपने समर्थकों के साथ इलाके का दौरा करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान पुलिस से उनकी बहस भी हुई। आसनसोल में घुसने की इजाजत नहीं दिये जाने से बीजेपी सांसद बाबुल सुप्रियो भड़क गये और कहा कि ममता सरकार की नाकामी से ही इलाके में दंगा भड़का है। इससे पहले कोलकाता में बाबुल सुप्रियो ने कहा कि अगर पुलिस रानीगंज में कार्रवाई करती तो हिंसा को भड़कने से रोका जा सकता था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने राजनीतिक आकाओं के निर्देश पर काम किया और इलाके में गुंडों को मनमानी करने की छूट दे दी गई।
बाबुल सुप्रियो ने ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पश्चिम बंगाल सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति करके सामुदायिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगाया और रानीगंज की स्थिति की जानकारी देने के लिए राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी से मुलाकात की। बता दें रानीगंज में सोमवार को रामनवमी जुलूस के दौरान दो समूहों के बीच हिंसा भड़क उठी थी। इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पुलिस उपायुक्त को एक हाथ गंवाना पड़ा। बाबुल सुप्रियो ने मामले पर गुरुवार को ट्वीट कर कहा है कि रानीगंज में लोगों पर हमला हुआ है, पुलिस के जवान जख्मी हुए हैं, ममता सरकार सिर्फ 2 दिनों से इलाके में इंटरनेट बंद करने की हिम्मत जुटा सकी है, यहां पर गलियों में गुंडे हथियार और बम निकाल रहे हैं।
बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले में 28 मार्च को पश्चिम बंगाल सरकार से बीते दो दिनों में रामनवमी जुलूस के दौरान हुई आगजनी व हिंसा की घटनाओं पर रिपोर्ट मांगी है।
वीडियो: बीजेपी नेता बाबुल सुप्रियो और उनके काफिले पर तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने हमला किया
 

Comments

AUTHOR

My photo
shannomagan
To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)

Popular posts from this blog

बिस्तर पर इंदिरा किसी मर्द से कम न थी:--M.O MATHAI

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  जब हम पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी की बात करते हैं, तो कई कांग्रेसी कहते हैं कि वह भारत की आयरन लेडी हैं; उसने पाकिस्तान को दो भागों में विभाजित किया और कई और अधिक लेकिन क्या वे उनके अंधेरे रहस्यों के बारे में बात करेंगे? देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जीवन से जुड़े कुछ रहस्‍यों का खुलासा एक नई किताब में किया गया है। वरिष्‍ठ टीवी पत्रकार सागरिका घोष की लिखी किताब Indira: India’s Most Powerful Prime Minister में इंदिरा और फीरोज गांधी के रिश्‍तों पर नई रोशनी डाली गई है। किताब के अनुसार, ‘फीरोज ने 1955 में जब जीवन बीमा का राष्‍ट्रीयकरण किया, प्रेस का संसदीय कार्यवाही की रिपोर्ट‍िंग की आजादी दिलाई, हालांकि बाद में इस कानून को इंदिरा ने ही इमरजेंसी के दौरान कुचल दिया। सागरिका की किताब के अनुसार, दिल्‍ली में फीरोज को नेहरू की मौजूदगी से घुटन होती थी और तीन मूर्ति भवन में रहना उनके लिए असहनीय हो गया था। फीरोज की आशिक-मिजाजी के किस्‍से दिल्‍ली के गलियारों में सुनाई देने लगे थे। वह अक्‍सर तारकेश्‍वरी सिन्‍हा, महमूना सुल्‍तान और सुभद...

कायस्थ कौन हैं ?

सर्वप्रथम तो ये जान लें आप सब कि ना तो मै जातिवादी हुँ और ना ही मुझे जातिवादी बनने का शौक है और ना ही कायस्थ समाज को जागृत करने मे मेरा कोई स्वार्थ छिपा है। मै कल भी एक कट्टर सनातनी था आज भी एक कट्टर सनातनी हुँ और विश्वास दिलाता हुँ सनातन धर्म के प्रति मेरी ये कट्टरता भविष्य मे भी बनी रहेगी। इन शब्दों के बावजूद भी हमे कोई जातिवादी कहे तो मै बस इतना ही कहुँगा कि कुत्तो के भौकने से हाथी रास्ता नही बदला करते। मै ‘कायस्थ समाज’ से संबंध रखता हूँ । जो मेरे मित्र इस से सर्वथा अपरिचित हैं, उनकी जानकारी के लिए बता दुँ कि उत्तर भारत के बहुलांश क्षेत्रों मे कायस्थों की जबर उपस्थिति मौजूद है, हालांकि यह समाज देश के अन्य हिस्सों मे भी विद्यमान है । इनकी जनसंख्या काफी सीमित है परंतु इस वर्ग से संबन्धित सम्मानित महापुरुषों , विद्वानो, राजनेताओ , समाज सेवियों की एक लंबी फेहरिस्त मिलेगी जिन्होंने अपनी विद्वता, कर्मठता और प्रतिभा का लोहा पूरे विश्व मे मनवाया है । सम्राट अकबर के नवरत्न बीरबल से लेकर आधुनिक समय मे स्वामी विवेकानंद , राजा राम मोहन रॉय , महर्षि अरविंद ,श्रीमंत शंकर देव ,महर्षि महेश...

नेहरु थे भारत में पहली बूथ केप्चरिंग का मास्टर माइंड

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  जवाहर लाल नेहरू देश में हुए प्रथम आम चुनाव में उत्तर प्रदेश की रामपुर सीट से पराजित घोषित हो चुके कांग्रेसी प्रत्याशी मौलाना अबुल कलाम आजाद को किसी भी कीमत पर जबरजस्ती जिताने के आदेश दिये थे | उनके आदेश पर उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री पं गोविन्द वल्लभ पन्त ने रामपुर के जिलाधिकारी पर घोषित हो चुके परिणाम बदलने का दबाव डाला और इस दबाव के कारण प्रशासन ने जीते हुए हिन्दू महासभा के प्रत्याशी विशन चन्द्र सेठ की मतपेटी के वोट मौलाना अबुल के पेटी के डलवाकर दुबारा मतगणना करवाकर मौलाना अबुल को जीता दिया।  ये रहस्योदघाटन उत्तर प्रदेश के तत्कालीन सुचना निदेशक शम्भुनाथ टंडन ने अपने एक लेख मे किया है।  उन्होंने अपने लेख "जब विशन सेठ ने मौलाना आजाद को धुल चटाई थी भारतीय इतिहास की एक अनजान घटना " में लिखा है की भारत मे नेहरु ही बूथ कैप्चरिंग के पहले मास्टर माइंड थे। उस ज़माने में भी बूथ पर कब्जा करके परिणाम बदल दिये जाते थे और देश के प्रथम आम चुनाव मे सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही कांग्रेस के 12 हारे हुए प्रत्याशियों को जिताया गया। ...