दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का माफी मांगने का सिलसिला जारी है। केजरीवाल ने मानहानि मामले में सोमवार को केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता नितिन गडकरी से माफी मांग ली। केजरीवाल और नितिन गडकरी ने सोमवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में चल रहे मानहानि के मामले को वापस लेने के लिए एक संयुक्त अर्जी दी। इससे पहले केजरीवाल पंजाब के पूर्व मंत्री विक्रम मजीठिया से माफी मांग चुके हैं। केजरीवाल ने मजीठिया पर नशे का कारोबार में शामिल होने के आरोप लगाए थे। दिल्ली के सीएम के माफी मांगने के बाद पंजाब की आप इकाई में उथल-पुथल मच गई है।
केजरीवाल ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा है। पत्र में केजरीवाल ने कहा है कि भाजपा नेता के खिलाफ लगाए गए अप्रमाणित आरोपों पर उन्हें अफसोस है। केजरीवाल ने पत्र में लिखा, 'आपके खिलाफ मेरी कोई निजी लड़ाई नहीं है। इसके लिए मैं अफसोस प्रकट करता हूं। अब हमें इस घटना को पीछे छोड़ देना चाहिए और कोर्ट की कार्यवाही पर विराम लगाना चाहिए।' वहीं, आम आदमी पार्टी ने केजरीवाल के माफी मांगने पर सफाई दी है। आप पार्टी का कहना है कि मानहानि के मामलों में मुख्यमंत्री का काफी वक्त जाया होता है। वह इन मामलों में होने वाली वक्त की बर्बादी को रोकना चाहते हैं और अपना ध्यान दिल्ली के विकास कार्यों पर लगाना चाहते हैं।
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने भारत के सर्वाधिक भ्रष्ट लोगों की सूची में नितिन गडकरी के शामिल होने की बात कही थी। इस टिप्पणी से नाराज होकर बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने उन पर मानहानि का केस दायर कर दिया था। आप संयोजक ने पत्र में लिखा, 'मेरी आपसे कोई निजी रंजिश नहीं है। पूर्व में दिए अपने बयान के लिए अफसोस जाहिर करता हूं।' फिलहाल केजरीवाल पर दिल्ली की एक अदालत में अरुण जेटली पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के कारण भी मानहानि का केस चल रहा है। अवलोकन करें:--
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक केजरीवाल ने कपिल सिब्बल और उनके बेटे अमित सिब्बल से भी अपने बयान के लिए खेद प्रकट किया है। बता दें कि केजरीवाल ने 2013 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित सिब्बल पर 'निजी लाभ के लिए शक्तियों के दुरुपयोग' का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि वह ऐसे समय में एक दूरसंचार कंपनी की तरफ से सर्वोच्च न्यायालय में पेश हुए, जब उनके पिता कपिल सिब्बल केंद्रीय संचार मंत्री थे।
केजरीवाल के मजीठिया से माफी मांगने से आप की पंजाब इकाई में उथल-पुथल मच गई और पंजाब आप के अध्यक्ष भगवंत मान एवं सह अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने अपने- अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। आप को एक और झटका देते हुए राज्य में उसके सहयोगी दल लोक इंसाफ पार्टी (एलआईपी) ने उसके साथ अपना गठबंधन तोड़ने की घोषणा कर दी। एलआईपी नेता और विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा, 'हमने आप के साथ अपना गठबंधन तोड़ने की घोषणा की है। हम उस पार्टी के साथ नहीं जुड़ सकते जिसके मुख्य नेता ने पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से माफी मांगकर निरीह तरीके से आत्मसमर्पण कर दिया।' पंजाब आप के नेताओं ने भी कहा कि वे अब इन आरोपों का सामना कर रहे हैं कि क्या केजरीवाल ने मानहानि के मामले में मजीठिया से माफी मांगकर अकाली दल के साथ समझौता कर लिया है।
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