चारा घोटाला से जुड़े दुमका ट्रेजरी केस में मार्च 19 को सीबीआई के स्पेशल कोर्ट ने पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा को बरी करार दिया। कुछ देर में लालू प्रसाद यादव पर भी फैसला सुनाया जाएगा। मामले में लालू समेत 31 आरोपी हैं। इस मामले में 2 बार फैसला टल गया था। लालू यादव ने तत्कालीन अकाउंटेंट समेत तीन पूर्व अफसरों को आरोपी बनाने की मांग की थी। बता दें कि लालू पर दर्ज 6 मामलों में यह चौथा मामला है, जिसमें फैसला आना है। तीन मामलों में लालू यादव को सजा हो चुकी है। वे फिलहाल बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले के चौथे केस में दोषी करार दिया गया है. दुमका कोषागार से जुड़े केस में सोमवार को रांची में सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू प्रसाद यादव समेत 19 आरोपियों को दोषी करार दिया. जबकि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा समेत 12 आरोपियों को बरी कर दिया गया.
कोर्ट के फैसले के पहले लालू के छोटे बेटे तेजस्वी यादव समेत कई आरजेडी नेता रांची पहुंचे। कोर्ट में लालू प्रसाद यादव वहां मौजूद नहीं थे।
- रविवार को लालू की तबीयत खराब हो गई थी, उन्हें सीने में दर्द की शिकायत थी। जिसके बाद उन्हें रांची के रिम्स हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था।
दो बार टल चुका है फैसला
- लालू की सजा पर इस महीने दो बार फैसला टल चुका है। पहली बार 15 मार्च को फैसला सुनाए जाने के पहले लालू ने नई पिटीशन दाखिल कर अकाउंटेंट समेत तीन पूर्व अफसरों को केस में आरोपी बनाए जाने की मांग की थी। जिसके बाद फैसला 17 मार्च को आना तय हुआ था।
- 17 मार्च को लेकिन सीबीआई की विशेष अदालत के जज शिवपाल सिंह के ज्यूडिशियल एकेडमी के कार्यक्रम में शामिल होने की वजह से फैसला टाल दिया था।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले के चौथे केस में दोषी करार दिया गया है. दुमका कोषागार से जुड़े केस में सोमवार को रांची में सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू प्रसाद यादव समेत 19 आरोपियों को दोषी करार दिया. जबकि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा समेत 12 आरोपियों को बरी कर दिया गया.
लालू प्रसाद यादव को कोर्ट ने पेश होने के लिए कहा था. लेकिन सोमवार को लालू के जेल से कोर्ट पहुंचने से पहले ही उनके खिलाफ फैसला सुना दिया गया. हालांकि, अभी उनकी सजा का ऐलान नहीं किया गया है. कोर्ट से लालू फिर अस्पताल चले गए हैं, जहां तबीयत खराब होने के चलते वो पहले से ही भर्ती हैं.
सीबीआई के वकील ने बताया कि दुमका केस में 12 लोगों को रिहा किया गया है, जबकि लालू समेत 19 आरोपियों को दोषी पाया गया है. हालांकि, अभी सजा का ऐलान नहीं हुआ है. उन्होंने बताया- कोर्ट ने कहा है कि 21, 22 और 23 मार्च को सजा पर बहस होगी. उन्होंने बताया कि हर दिन 6-6 दोषियों को सजा सुनाई जाएगी. ऐसे में माना जा रहा है कि 22 मार्च को लालू प्रसाद की सजा पर ऐलान हो सकता है.
दोषी- अजीत कुमार वर्मा, आनंद कुमार सिंह, नंद किशोर, महेंद्र सिंह वेदी, राज कुमार, राजा राम, रघुनंदन प्रसाद, राजेन्द्र कुमार, फूलचंद और सरमेंद्र दास को दोषी पाया गया है.
बरी- पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के अलावा एमसी सुवर्णो, ध्रुव भगत, अधीप चंद, जगदीश शर्मा, महेश प्रसाद, आरके राणा को बरी कर दिया गया है.
रांची की सीबीआइ की विशेष अदालत में आज लालू को दोषी करार दिए जाने के बाद पटना स्थित अपने आवास पर इस खबर को सुनकर उनकी पत्नी सह बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी काफी दुखी थीं और मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अच्छी खबर के लिए सभी आस लगाए रहते हैं, लेकिन जो होना होता है, वही होता है।
उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। लालू जी की तबियत खराब थी फिर भी उन्हें अस्पताल से कोर्ट लाया गया। अब कोर्ट जो भी फैसला करता है उसपर कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। आगे और भी रास्ते हैं। देखते हैं क्या होता है?
लालू नहीं है कोर्ट में मौजूदकोर्ट के फैसले के पहले लालू के छोटे बेटे तेजस्वी यादव समेत कई आरजेडी नेता रांची पहुंचे। कोर्ट में लालू प्रसाद यादव वहां मौजूद नहीं थे।
- रविवार को लालू की तबीयत खराब हो गई थी, उन्हें सीने में दर्द की शिकायत थी। जिसके बाद उन्हें रांची के रिम्स हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था।
दो बार टल चुका है फैसला
- लालू की सजा पर इस महीने दो बार फैसला टल चुका है। पहली बार 15 मार्च को फैसला सुनाए जाने के पहले लालू ने नई पिटीशन दाखिल कर अकाउंटेंट समेत तीन पूर्व अफसरों को केस में आरोपी बनाए जाने की मांग की थी। जिसके बाद फैसला 17 मार्च को आना तय हुआ था।
- 17 मार्च को लेकिन सीबीआई की विशेष अदालत के जज शिवपाल सिंह के ज्यूडिशियल एकेडमी के कार्यक्रम में शामिल होने की वजह से फैसला टाल दिया था।
इन अफसरों को जारी हुआ था समन
- लालू की पिटीशन के बाद कोर्ट ने पीके मुखोपाध्याय, पूर्व अकाउंटेंट जनरल, बीएन झा, पूर्व डिप्टी अकाउंटेंट जनरल, प्रमोद कुमार, महालेखाकार कार्यालय के पूर्व सीनियर अकाउंटेंट जनरल को समन जारी किया था।
क्या है दुमका ट्रेजरी मामला?
- दुमका ट्रेजरी से दिसंबर 1995 से जनवरी 1996 के बीच गैर-कानूनी तरीके से 3.76 करोड़ रुपए निकाले गए। इस मामले में सीबीआई ने 11 अप्रैल 1996 को 48 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। 11 मई 2000 को पहली चार्जशीट दायर की गई।
1996 में सामने आया था घोटाला
- जनवरी 1996 में करीब 950 करोड़ रुपए का चारा घोटाला पहली बार सामने आया था।
- इसके तहत 1990 के दशक में चारा सप्लाई के नाम पर सरकारी ट्रेजरी से ऐसी कंपनियों को फंड जारी हुआ, जो थी ही नहीं।
- इसके तहत 1990 के दशक में चारा सप्लाई के नाम पर सरकारी ट्रेजरी से ऐसी कंपनियों को फंड जारी हुआ, जो थी ही नहीं।
- घोटाला हुआ तब लालू बिहार के मुख्यमंत्री थे। उनके पास वित्त मंत्रालय भी था। आरोप है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए मामले की जांच के लिए आई फाइल को 5 जुलाई 1994 से 1 फरवरी 1996 तक अटकाए रखा। 2 फरवरी 1996 को जांच का आदेश दिया।
लालू इन दो मामलों में काट रहे सजा
1) देवघर ट्रेजरी केस: 69 साल के लालू समेत 16 आरोपियों को 6 जनवरी 2017 को साढ़े तीन साल जेल की सजा सुनाई गई थी। लालू पर 10 लाख का जुर्माना भी लगाया गया था।
2) चाईबासा ट्रेजरी केस:24 जनवरी 2018 को पांच साल की सजा सुनाई गई।
2) चाईबासा ट्रेजरी केस:24 जनवरी 2018 को पांच साल की सजा सुनाई गई।
1997 में पहली बार जेल गए थे लालू
- 1997 में लालू को पहली बार ज्यूडिशियल कस्टडी में लिया गया था। वे 137 दिन जेल में रहे थे और राबड़ी देवी बिहार की सीएम बनी थीं। 12 दिसंबर 1997 को लालू रिहा हुए थे।
- दूसरी बार लालू 28 अक्टूबर 1998 को पटना के बेऊर जेल गए। बाद में उन्हें जमानत मिली। इसी मामले में लालू को 28 नवंबर 2000 में एक दिन के लिए जेल जाना पड़ा था।
- चारा के नाम पर चाईबासा ट्रेजरी से 37 करोड़ रुपए के गबन का दोषी पाए जाने के बाद लालू को 2013 में भी जेल जाना पड़ा था। तब वे दो महीने रांची जेल में रहे थे। 25 लाख रुपए का जुर्माना भी लगा था। उसी साल दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी।
- चारा घोटाले के डोरंडा ट्रेजरी केस में भी सुनवाई चल रही है। चारा घोटाले का छठा केस भागलपुर ट्रेजरी से जुड़ा है। इस केस की सुनवाई पटना की सीबीआई कोर्ट में चल रही है।
- दूसरी बार लालू 28 अक्टूबर 1998 को पटना के बेऊर जेल गए। बाद में उन्हें जमानत मिली। इसी मामले में लालू को 28 नवंबर 2000 में एक दिन के लिए जेल जाना पड़ा था।
- चारा के नाम पर चाईबासा ट्रेजरी से 37 करोड़ रुपए के गबन का दोषी पाए जाने के बाद लालू को 2013 में भी जेल जाना पड़ा था। तब वे दो महीने रांची जेल में रहे थे। 25 लाख रुपए का जुर्माना भी लगा था। उसी साल दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी।
- चारा घोटाले के डोरंडा ट्रेजरी केस में भी सुनवाई चल रही है। चारा घोटाले का छठा केस भागलपुर ट्रेजरी से जुड़ा है। इस केस की सुनवाई पटना की सीबीआई कोर्ट में चल रही है।
लालू प्रसाद यादव के वकील ने बताया कि अभी तक सभी केस में कम से कम 3.5 साल और ज्यादा से ज्यादा 5 साल की सजा हुई है. उन्होंने कहा कि हम कोर्ट से लालू यादव की तबीयत और उम्र का हवाला देते हुए कम से कम सजा की मांग करेंगे.
ये है चौथा केस
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