जनवरी, 2005 में मिला था कंकाल
सुनील देवधर ने ट्वीट किया, ''मैं त्रिपुरा के सीएम बिप्लब देब से गुजारिश करता हूं कि वो सभी मंत्रियों को अलॉट हुए सरकारी आवास में बने सेप्टिक टैंकों की सफाई कराएं। क्योंकि यहां 25 साल से सीपीएम सरकार के मंत्री रह रहे थे और खुद पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार के आवास के सेप्टिक टैंक में 4 जनवरी, 2005 को एक महिला का कंकाल मिला था। इस मामले को जानबूझकर दबा दिया गया।''
कौन हैं सुनील देवधर?
सुनील देवधर को 2014 में अमित शाह ने त्रिपुरा का चुनाव प्रभारी बनाया था। 25 साल से सत्ता में काबिज लेफ्ट को बाहर करने में उनका अहम रोल रहा।
52 साल के देवधर मूलरूप से महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। नॉर्थ ईस्ट में करीब तीन साल संघ के प्रचारक रहे। वे 1985 में संघ से जुड़े।
कैंपेन के दौरान उन्होंने त्रिपुरा में कई शाखाएं लगाईं। नॉर्थ ईस्ट के लोगों के मन में देश के बाकी हिस्सों से जुड़ाव पैदा करने के लिए "माई होम इंडिया" नाम से एक एनजीओ बनाया है। इससे नॉर्थ ईस्ट में बीजेपी की पकड़ मजबूत हुई।
देवधर 2014 में लोकसभा चुनाव में बनारस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीट के इंचार्ज भी रहे।
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