त्रिपुरा में वाम मोर्चे के विधानसभा चुनाव हारने के बाद लेनिन की मूर्ति गिराए जाने के बाद तमिलनाडु में बड़े समाज सुधारक रहे पेरियार की मूर्ति को निशाना बनाए जाने का मामला सामने आया है। परियार की मूर्ति तोड़ने की ये घटना मंगलवार रात की बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक दोनों लोग नशे की हालत में थे।
ईवीआर रामास्वामी जिन्हें पेरियार के नाम से जाना जाता है। इनका जन्म 17 सितम्बर, 1879 को हुआ था। जिन्हें पेरियार (तमिल में अर्थ -सम्मानित व्यक्ति) नाम से भी जाना जाता था, बीसवीं सदी के तमिलनाडु के एक प्रमुख राजनेता थे। इन्होंने जस्टिस पार्टी का गठन किया जिसका सिद्धान्त रुढ़िवादी हिन्दुत्व का विरोध था। हिन्दी के अनिवार्य शिक्षण का भी उन्होंने घोर विरोध किया। भारतीय तथा विशेषकर दक्षिण भारतीय समाज के शोषित वर्ग के लोगों की स्थिति सुधारने में इनका नाम शीर्षस्थ है।तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में द्रविड़ आइकन पेरियार की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने के बाद मार्च 7 को यहां कुछ अज्ञात लोगों ने BJP कार्यालय पर हमला कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बीजेपी दफ्तर पर हमला मंगलवार को पेरियार की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने के मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद हुआ है। गिरफ्तार लोगों में एक बीजेपी कार्यकर्ता और एक CPI कार्यकर्ता हैं।
तमिलनाडु में बीजेपी नेता एच राजा के उस बयान के बाद बवाल पैदा हो गया था, जिसमें उन्होंने त्रिपुरा में कम्युनिस्ट क्रांतिकारी लेनिन की प्रतिमा गिराए जाने के बाद अगला निशाना पेरियार की प्रतिमा को बनाए जाने के संकेत दिए थे। द्रविड़ आंदोलन के संस्थापक दिवंगत रामास्वामी के खिलाफ एच राजा के फेसबुक पोस्ट के बाद राजनीतिक दलों का गुस्सा फट पड़ा था। चौतरफा आलोचनाओं के बाद बीजेपी नेता ने अपना यह फेसबुक पोस्ट डिलीट कर दिया, जबकि बीजेपी की प्रदेश इकाई ने इससे खुद को अलग करते हुए कहा कि ये राजा के निजी विचार हैं।
बीजेपी के नेशनल सेक्रेटरी राजा के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए DMK के कार्यकारी अध्यक्ष एम के स्टालिन ने उन्हें 'गुंडा एक्ट' के तहत हिरासत में लिए जाने की मांग की। इससे पहले उन्होंने कहा था कि कोई भी 'पेरियार' की प्रतिमा को 'छू तक नहीं सकता।' वहीं, MDMK नेता वाइको ने राजा को चुनौती दी थी कि वह पेरियार की प्रतिमा को हटाने की कोशिश करके दिखाएं।
कांग्रेस प्रवक्ता खुशबू सुंदर ने भी कहा था कि राजा की छाया भी पेरियार की प्रतिमा को छू नहीं सकती। उन्होंने इस मुद्दे पर तमिलनाडु में सत्तारूढ़ AIADMK की चुप्पी को लेकर सवाल किए। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मसले पर चुप क्यों है, जबकि कमल हासन और रजनीकांत की आलोचनाओं को लेकर वे मुखर रहते हैं।
पुलिस ने दो को किया गिरफ्तार
तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में मंगलवार रात समाज सुधारक एवं द्रविड़ आंदोलन के संस्थापक ई वी रामासामी ‘पेरियार’ की प्रतिमा कथित रूप से क्षतिग्रस्त कर दी गई। पुलिस ने दावा किया है कि घटना को नशे में रहे दो व्यक्तियों ने अंजाम दिया। यह घटना राजनीतिक रूप से महत्व रखती है क्योंकि भाजपा के एक नेता ने संकेत दिया था कि अगला नंबर तर्कवादी नेता की प्रतिमा का होगा, जिसे गिराया जा सकता है। इससे पहले त्रिपुरा में लेनिन की प्रतिमा को संदिग्ध भाजपा कार्यकर्ताओं ने गिरा दिया था।
जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है जिनकी पहचान मुथुरमन और फ्रांसिस के तौर पर हुई है। दोनों ने नशे की हालत में तिरूपत्तूर में प्रतिमा क्षतिग्रस्त की। पुलिस का कहना है कि दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस को संदेह है कि मुथुरमन भाजपा का कार्यकर्ता है, वहीं फ्रांसिस को भाकपा का कार्यकर्ता माना जाता है।
इससे पहले दिन में भाजपा नेता एच राजा ने तमिल भाषा में की गई एक फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि, ‘लेनिन कौन है? लेनिन और भारत के बीच क्या संबंध है? भारत और कम्युनिस्टों के बीच क्या संबंध है? आज त्रिपुरा में लेनिन की प्रतिमा हटाई गई और कल तमिलनाडु में ई वी रामासामी की प्रतिमा का नंबर होगा।’ इस पोस्ट को बाद में सोशल मीडिया से हटा लिया गया था।
त्रिपुरा में 25 साल के बाद सत्ता परिवर्तन देखने को मिला
गौरतलब है कि भाजपा समर्थकों ने एक बुलडोजर की मदद से दक्षिण त्रिपुरा के बेलोनिया शहर में सोमवार को लेफ्ट के अगुवा माने जाने वाले रूसी कम्युनिस्ट नेता लेनिन की प्रतिमा को ढहा दिया। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में त्रिपुरा में 25 साल के बाद सत्ता परिवर्तन देखने को मिला। उसके बाद ऐसी प्रतिक्रिया प्रदेश से सामने आई। अपने गठबंधन सहयोगी आईपीएफटी के साथ मिल कर बीजेपी ने त्रिपुरा में दो तिहाई बहुमत हासिल कर वाम किला ध्वस्त कर दिया है।
गौरतलब है कि भाजपा समर्थकों ने एक बुलडोजर की मदद से दक्षिण त्रिपुरा के बेलोनिया शहर में सोमवार को लेफ्ट के अगुवा माने जाने वाले रूसी कम्युनिस्ट नेता लेनिन की प्रतिमा को ढहा दिया। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में त्रिपुरा में 25 साल के बाद सत्ता परिवर्तन देखने को मिला। उसके बाद ऐसी प्रतिक्रिया प्रदेश से सामने आई। अपने गठबंधन सहयोगी आईपीएफटी के साथ मिल कर बीजेपी ने त्रिपुरा में दो तिहाई बहुमत हासिल कर वाम किला ध्वस्त कर दिया है।
गृह मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि सिंह ने राज्यपाल और डीजीपी से हर तरह की हिंसा पर रोक लगाने और त्रिपुरा में नई सरकार के गठन तक शांति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। शनिवार को चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक समूहों के बीच छिटपुट हिंसा और संघर्ष की खबरें सामने आई थी।
त्रिपुरा में बीजेपी की जीत के बाद ढहाई गई लेनिन की मूर्ति पर हुआ हंगामा अभी थमा भी नहीं था कि मंगलवार को तमिलनाडु में पेरियार की मूर्ति तोड़ने का मामला सामने आया और अब कोलकाता में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति तोड़ दी गई. साथ ही उनकी मूर्ति पर कालिख भी पोत दी गई. जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 8 बजे टॉलीगंज स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति को तोड़ दिया गया.
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अब कोलकाता में तोड़ी गई श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति, पोस्टर पर लिखा- लेनिन की मूर्ति तोड़ने का बदला
| कोलकाता के टॉलीगंज स्थित केवाईसी पार्क में लगी श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति को निशाना बनाया गया. |
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6 छात्रों पर मूर्ति तोड़ने का आरोप
रिपोर्ट्स के मुताबिक, टॉलीगंज स्थित केवाईसी पार्क में लगी श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति को निशाना बनाया गया. घटना सामने आने के बाद कोलकाता पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी. जाधवपुर यूनिवर्सिटी के 6 छात्रों पर मूर्ति तोड़ने का आरोप है, जिसके बाद इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार किए गए छात्रों में 5 छात्र, जबकि एक छात्रा है. बताया जा रहा है कि मूर्ति तोड़ने के बाद वहां लगाए गए पोस्टर में लिखा गया कि यह लेनिन की मूर्ति तोड़ने का बदला है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, टॉलीगंज स्थित केवाईसी पार्क में लगी श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति को निशाना बनाया गया. घटना सामने आने के बाद कोलकाता पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी. जाधवपुर यूनिवर्सिटी के 6 छात्रों पर मूर्ति तोड़ने का आरोप है, जिसके बाद इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार किए गए छात्रों में 5 छात्र, जबकि एक छात्रा है. बताया जा रहा है कि मूर्ति तोड़ने के बाद वहां लगाए गए पोस्टर में लिखा गया कि यह लेनिन की मूर्ति तोड़ने का बदला है.
गृह मंत्रालय ने कहा- ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई हो
वहीं, गृह मंत्रालय ने देश में जगह-जगह तोड़ी जा रही मूर्तियों की घटनाओं पर चिंता जाहिर की है. गृह मंत्रालय ने कहा कि ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए. इस बाबत राज्य सरकारों को एडवाइजरी भी जारी की गई है.
वहीं, गृह मंत्रालय ने देश में जगह-जगह तोड़ी जा रही मूर्तियों की घटनाओं पर चिंता जाहिर की है. गृह मंत्रालय ने कहा कि ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए. इस बाबत राज्य सरकारों को एडवाइजरी भी जारी की गई है.
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