राजस्थान में पिछले 4 साल में 90 लाख लोगों के नाम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से हटा दिए गए हैं । सबसे अधिक जयपुर में 12 लाख 41 हजार और सबसे कम सिरोही जिले में मात्र 6 लोगों के नाम हटाए गए हैं ।
प्रदेश के आदिवासी जिले डूंगरपुर में 4 लाख 4 हजार लोगों के नाम हटाए गए हैं । खाद्य सुरक्षा योजना के तहत गरीब परिवारों को दो रूपए किलो की दर से पांच किलोग्राम गेंहू का वितरण किया जाता है । वहीं अन्नपूर्णा परिवारों को 35 किलोग्राम गेंहू नि:शुल्क मिलता है ।
खाघ सुरक्षा योजना से नाम हटाए जाने के पीछे सरकार का तर्क है कि जो नाम हटाए गए हैं उनके दस्तावेजों में कमी रही है । वहीं कई नाम फर्जी पाए गए और कई लोगों के आधार का वेरिफिकेशन नहीं होना नाम हटाए जाने का कारण है ।
प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बाबूलाल वर्मा का कहना है कि खाद्य सुरक्षा योजना में नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है । पात्र लोगों के नाम जुड़ते रहते हैं और अपात्र लोगों के नाम हटाए जाते रहते हैं ।
खेत में काम न करने पर निर्वस्त्र घुमाया
बीकानेर में चार बच्चों का एक खेत में काम करने से इंकार करना इतना महंगा पड़ा कि खेत मालिक तीन भाईयों ने पहले तो निर्वस्त्र कर उनकी पिटाई की और फिर बिना कपड़ों के ही उन्हे पूरा गांव में घुमाया ।
गांव में घुमाने के बाद बच्चों से खेत की फसल भी कटवाई गई । इस घटनाक्रम का खेत मालिक तीनों भाईयों ने अपने-अपने मोबाइल से वीड़िया बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया ।पुलिस के अनुसार बीकानेर जिले के मोटावता गांव में 20 मार्च को यह घटना हुई और इसका 21 मार्च की शाम को इसका सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया गया । पीड़ित चारों बच्चों की उम्र 9 से 12 वर्ष तक बताई जा रही है ।
चारों बच्चे एक ही परिवार के हैं । बच्चों के चाचा बच्चन सिंह ने बुधवार शाम कोलायत पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है । उन्होंने आरोप लगाया कि चारों बच्चे हमारे खेत की रखवाली कर रहे थे । इसी बीच पास के ही खेत के मालिक गणेश सिंह,गणपत सिंह और पप्पू राम ने अपने खेत की फसल काटने के लिए कहा,इस पर बच्चों ने इंकार कर दिया, इससे नाराज तीनों भाईयों ने पहले तो बच्चों के कपड़ उतरवाए और फिर गांव में घुमाया । इसके बाद फिर बच्चों को अपने खेत पर लेकर आए और फिसल कटवाई ।
बच्चों ने घर आकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी परिजनों को दी । इसके बाद बच्चन सिंह ने कोलायत पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया गया है । पुलिस उप अधीक्षक नियाज मोहम्मद ने बताया कि मामले की जांच चल रही है,आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी हो जाएगी ।जिला कलेक्टर अनिल गुप्ता ने भी उपखण्ड़ अधिकारी से प्रकरण की जानकारी मांगी है ।
प्रदेश के आदिवासी जिले डूंगरपुर में 4 लाख 4 हजार लोगों के नाम हटाए गए हैं । खाद्य सुरक्षा योजना के तहत गरीब परिवारों को दो रूपए किलो की दर से पांच किलोग्राम गेंहू का वितरण किया जाता है । वहीं अन्नपूर्णा परिवारों को 35 किलोग्राम गेंहू नि:शुल्क मिलता है ।
खाघ सुरक्षा योजना से नाम हटाए जाने के पीछे सरकार का तर्क है कि जो नाम हटाए गए हैं उनके दस्तावेजों में कमी रही है । वहीं कई नाम फर्जी पाए गए और कई लोगों के आधार का वेरिफिकेशन नहीं होना नाम हटाए जाने का कारण है ।
प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बाबूलाल वर्मा का कहना है कि खाद्य सुरक्षा योजना में नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है । पात्र लोगों के नाम जुड़ते रहते हैं और अपात्र लोगों के नाम हटाए जाते रहते हैं ।
खेत में काम न करने पर निर्वस्त्र घुमाया
बीकानेर में चार बच्चों का एक खेत में काम करने से इंकार करना इतना महंगा पड़ा कि खेत मालिक तीन भाईयों ने पहले तो निर्वस्त्र कर उनकी पिटाई की और फिर बिना कपड़ों के ही उन्हे पूरा गांव में घुमाया ।
गांव में घुमाने के बाद बच्चों से खेत की फसल भी कटवाई गई । इस घटनाक्रम का खेत मालिक तीनों भाईयों ने अपने-अपने मोबाइल से वीड़िया बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया ।पुलिस के अनुसार बीकानेर जिले के मोटावता गांव में 20 मार्च को यह घटना हुई और इसका 21 मार्च की शाम को इसका सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया गया । पीड़ित चारों बच्चों की उम्र 9 से 12 वर्ष तक बताई जा रही है ।
चारों बच्चे एक ही परिवार के हैं । बच्चों के चाचा बच्चन सिंह ने बुधवार शाम कोलायत पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है । उन्होंने आरोप लगाया कि चारों बच्चे हमारे खेत की रखवाली कर रहे थे । इसी बीच पास के ही खेत के मालिक गणेश सिंह,गणपत सिंह और पप्पू राम ने अपने खेत की फसल काटने के लिए कहा,इस पर बच्चों ने इंकार कर दिया, इससे नाराज तीनों भाईयों ने पहले तो बच्चों के कपड़ उतरवाए और फिर गांव में घुमाया । इसके बाद फिर बच्चों को अपने खेत पर लेकर आए और फिसल कटवाई ।
बच्चों ने घर आकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी परिजनों को दी । इसके बाद बच्चन सिंह ने कोलायत पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया गया है । पुलिस उप अधीक्षक नियाज मोहम्मद ने बताया कि मामले की जांच चल रही है,आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी हो जाएगी ।जिला कलेक्टर अनिल गुप्ता ने भी उपखण्ड़ अधिकारी से प्रकरण की जानकारी मांगी है ।
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