दिल्ली की सत्ता पर 3 सालों से काबिज केजरीवाल सरकार ने गुरुवार (22 मार्च) को चौथा बजट पेश किया. दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बजट को पेश करते हुए 'पिछले सालों के मुकाबले दिल्ली का बजट डेढ़ गुना बढ़ गया है.' सरकार इस साल 53,000 करोड़ रुपए का बजट लाई है. इसमें 42,000 करोड़ राजस्व से मिलेगा. दिल्ली के इस बार के बजट में शिक्षा व्यवस्था और पर्यावरण पर जोर दिया गया है. स्कूलों में बच्चे सुरक्षित रह सके इसलिए सरकार की ओर से डेढ़ लाख सीसीटीवी कैमरे लगाने का ऐलान किया गया है. प्रशासन की ओर से इन कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग की जाएगी ताकि अभिभावक इसका लाइव प्रसारण देख सकें.
दिल्ली के बजट की खास बातें...
दिल्ली के बजट की खास बातें...
- किराड़ी, बवाना, मुडंका समेत 162 कॉलोनियों में अंतर सीवर लगाने की योजना.
- सीएम तीर्थ यात्रा कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी. इस योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों की धार्मिक यात्रा के लिए खर्च और बीमा सरकार की ओर से दिया जाएगा.
- सौर ऊर्जा के प्रयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, पहले आओ पहले पाओ के तहत 2 रुपए प्रति यूनिट बिजली खरीदने का प्रस्ताव पारित किया गया है.
- मोहल्ला क्लीनिकों का विस्तार किया जा सके इसलिए 403 करोड़ रुपये दिए जाएंगे.
- ई-रिक्शा मालिकों को 30,000 रुपये की सब्सिडी का ऐलान
- दिल्ली में 13 नई भाषा अकादमी खोली जाएगी.
- पहली से आठवीं क्लास के बच्चों के लिए मिशन बुनियाद की शुरूआत की जाएगी.
- एसएससी को किताबों के लिए सरकार ने 5 लाख का अतिरिक्त फंड दिया है.
- बच्चों की सुरक्षा के लिए दिल्ली के स्कूलों में 1 लाख 20 हजार CCTV कैमरे लगवाएं जाएंगे. इसका सीधा प्रसारण इंटरनेट पर किया जाएगा, ताकि अभिभावक अपने बच्चों की गतिविधियों को देख सकें.
- अध्यापकों को हर महीने लिस्ट ना बनानी पड़े इसके लिए राज्या सरकार द्वारा उन्हें टैब दिए जाएंगे. इन टैब का इस्तेमाल अध्यपकों की ट्रेनिंग के लिए भी किया जाएगा.
- दिल्ली पहला ऐसा राज्य बनेगा, प्रदूषण का डेटा पूरे साल भर इक्ट्ठा किया जाएगा
- स्थानीय निकायों को 6000 करोड़ रुपए से ज्यादा की वित्तीय मदद दी जाएगी.
- सड़कों की मरम्मत के लिए अलग से 1000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.
- बजट का एक चौथाई हिस्सा शिक्षा व्यवस्था पर खर्च किया जाएगा.
- दिल्ली के बजट में से 13% एमसीडी को खर्च के लिए दिया जाएगा.
- दिल्ली सरकार पहली बार ग्रीन बजट ला रही है.
- 1000 करोड़ से प्रदेश की सड़कों की मरम्मत का काम किया जाएगा.
- कुल 53,000 करोड़ के बजट में से 42,000 करोड़ राजस्व से मिलेगा. मनीष सिसोदिया ने कहा CNG फिट निजी कारों को खरीदने पर 50 फीसदी रजिस्ट्रेशन चार्ज पर छूट मिलेगी.
- फैक्ट्रियों में पीएनजी लगाने का प्रस्ताव दिया गया है, इसके लिए फैक्ट्रियों को 1 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी
- दिल्ली को पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त किया जा सके इसके लिए रेस्टोरेंट में 5000 रुपये प्रोत्साहन राशी दी जाएगी और रेस्टोरेंट में कोयला तंजदूर की जगह इलेक्ट्रिक तंदूर लगाए जाएंगे.
- दिल्ली की जीएसडीपी में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. वर्तमान समय में दिल्ली की जीएसडीपी ग्रोथ 8.14 फीसदी है.
- -प्रदूषण से निपटने के लिए पर्यावरण, ट्रांसपोर्ट, PWD और ऊर्जा जैसे विभागों से 26 परियोजनाओं को जोड़ा गया.-वित्त वर्ष 2018-19 में दिल्ली पहला राज्य होगा जहां रियल टाइम डाटा प्रदूषण के स्तर पर लगातार नजर बनाए रखेगा. ग्रीन हाउस उत्सर्जन गैसों पर भी अध्ययन होगा.-प्रदूषण स्तर ठीक करने के लिए दिल्ली में ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाए जाएंगे. अब तक 7.93 लाख पौधे लगाए गए, जबकि नागरिकों को साढ़े 3 लाख पौधे दिए गए. आरडब्ल्यूए और मार्केट एसोसिएशन से मिलकर और पेड़ लगाए जाएंगे. दिल्ली को कीकर मुक्त किया जाएगा.-दिल्ली के रेस्तरां में 5000 रुपए प्रति तंदूर की सहायता राशि दी जाएगी. इलेक्ट्रिक जेनेरेटर पर भी सहायता राशि देंगे.-प्रदूषण स्तर जांचने के लिए 1,000 डिस्पले मीटर लगाए जाएंगे.-दिल्ली में 1,000 इलेक्ट्रिक बस सरकार लाएगी. चीन के बाद इलेक्ट्रिक बसों का यह सबसे बड़ा बेड़ा होगा.
दिल्ली को मिलेंगी 1 हजार इलेक्ट्रिक बसें
दिल्लीवालों को तोहफा देते हुए केजरीवाल सरकार ने सड़कों पर एक हजार नई इलेक्ट्रिक बसें चलाने की बात कही है. सिसोदिया ने कहा कि 1000 इलेक्ट्रिक बसें दिल्ली के ग्रीन बजट का हिस्सा होंगी, हालांकि सिसोदिया ने यह भी कहा कि इन बसों को दिल्ली की सड़कों पर उतारा जाए इसके लिए एलजी के आदेश की आवश्यकता होगी.
दिल्लीवालों को तोहफा देते हुए केजरीवाल सरकार ने सड़कों पर एक हजार नई इलेक्ट्रिक बसें चलाने की बात कही है. सिसोदिया ने कहा कि 1000 इलेक्ट्रिक बसें दिल्ली के ग्रीन बजट का हिस्सा होंगी, हालांकि सिसोदिया ने यह भी कहा कि इन बसों को दिल्ली की सड़कों पर उतारा जाए इसके लिए एलजी के आदेश की आवश्यकता होगी.
आउटकम बजट में हुई थी कई बातें
इससे पहले विधानसभा में बुधवार को सिसोदिया ने आउटकम बजट पेश किया था. सिसोदिया ने आउटकम बजट ऑनलाइन मुहैया करवाते हुए कहा था कि आउटकम बजट में सरकार के 34 विभागों को शामिल किया गया है और इस बजट में आवंटित निधि के खर्च के माध्यम से किसी योजना का लेखा-जोखा पेश करने के सामान्य तरीके से इतर का जिक्र होगा. इसमें प्रत्येक योजना का आकलन दो सूचकांक से किया जाता है जिसमें आउटपुट और आउटकम है. किसी योजना विशेष के मद में सृजित ढांचा या प्रदत्त सेवा पर होने वाले विहित खर्च को आउटपुट कहा जाता है. साथ ही, उस खर्च से लाभान्वित लोगों की संख्या और वे किसी तरह उससे लाभान्वित हुए हैं, को आउटकम कहा जाता है.
Comments