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| छात्र संघ अध्यक्ष दिव्यांशु भारद्वाज |
किसी भी राज्य की सरकार में छात्रों का मुख्य योगदान होता है, इसी कारण हर राजनीतिक दल अपने समर्थित छात्र संगठनों पर पानी की तरह धन लुटाते है। जो किसी गिनती में नहीं आता और न ही चुनाव आयोग का इस ओर ध्यान होता है। अपने माता-पिता पर आश्रित छात्र चुनाव में किसकी जेब के दम पर पानी की तरह धन व्यय करते हैं? जबकि नगर निगम से लेकर लोकसभा के होने वाले चुनावों के खर्चे पर चुनाव आयोग की नज़र होती है, लेकिन छात्र संघ चुनावों पर चुनाव आयोग की आँखें कुछ नहीं देख पाती, जबकि इन चुनावों में तो अन्य चुनावों की भाँति रूपया लुटाया जाता हैं।
बरहाल, आखिरकार छह साल बाद पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ का चुनाव सम्पन्न हुआ और परिणाम भी घोषित किया गया। संघ के चुनाव को लेकर मतदान के बाद गहमागहमी बना रहा किस पार्टी का इस पर कब्जा होने वाला है। सबसे दिलचस्प मुकाबला अध्यक्ष पद के लिए था जहाँ एबीवीपी, आईसा-एआईएसएफ, जाप, छात्र जदयू, छात्र राजद के उम्मीदवार मैदान में इन सबके बीच में एबीवीपी के बागी दिव्यांशु भारद्वाज निर्दलीय अपना किस्मत आजमा रहे थे।
जिसे ठुकराया उसी बागी ने ABVP को हराकर जीती बाजी
पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में बड़ा ही रोचक मुकाबला देखने को मिला. एबीवीपी से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव में उतरे दिव्यांशु ने जाप के गौतम आनंद को हरा कर पियू छात्र संघ अध्यक्ष चुने गये. फरवरी 17 को हुए मतदान के बाद देर रात तक चली मतगणना में दिव्यांशु ने छात्र जाप के गौतम कुमार को 112 वोटों से हरा दिया। दिव्याशु को 1862 वोट मिले, जबकि गौतम को 1750 वोट आये. तीसरे स्थान पर आईसा-एआईएसएफ की मीतू कुमारी रही। उन्हें 1168 वोट मिले।एबीवीपी की योशिता पटवर्धन ने आईसा-एआईएसएफ की अनुष्का आर्य को 853 वोटों से हराया. योशिता को 1768 और अनुष्का को 915 वोट मिले।
छात्र जाप के आजाद चांद संयुक्त सचिव निर्वाचित हुए है। उन्होंने एबीवीपी के राजीव रंजन को 150 वोटों से हरा दिया। आजाद को 1545, जबकि राजीव को 1395 वोट मिले।
पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ के चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का जलवा देखने को मिला. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन एबीवीपी ने कमोबेश सभी पदों पर जीत हासिल कर ली है। अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के बागी प्रत्याशी की जीत हुई।
दिव्यांशु भारद्वाज बने छात्रसंघ अध्यक्ष
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| उपाध्यक्ष योषिता पटवर्धन |
पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ के चुनाव में अध्यक्ष के पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दिव्यांशु भारद्वाज की जीत हुई है। दिव्यांशु भारद्वाज ने 1862 वोटों से जीत हासिल की. जन अधिकार छात्र परिषद के उम्मीदवार गौतम आनंद ने उन्हें कड़ी टक्कर दी थी। दिव्यांशु भारद्वाज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र नेता के तौर पर पटना विश्वविद्यालय में सक्रिय रहे थे। एबीवीपी ने अंतिम समय में मुकेश यादव को प्रत्याशी बनाया था। दिव्यांशु भारद्वाज बागी होकर चुनाव जीतने में सफल हो गए। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि अभाविप के थिंक टैंक ने सोची समझी रणनीति के तहत मुकेश यादव को अपना उम्मीदवार बनाया था।कैंपस की चर्चाओं के अनुसार मुकेश यादव को उम्मीदवार बनाने का मकसद जन अधिकार छात्र परिषद के प्रत्याशी का वोट काटना था। चुनाव में एबीवीपी का कैडर निर्दलीय प्रत्याशी दिव्यांशु भारद्वाज के साथ जुड़ा हुआ था। अभाविप हालांकि इन बातों से इंकार करता है लेकिन कैंपस में इसी बात की चर्चा जोरों पर है।
योषिता पटवर्धन बनी उपाध्यक्ष सुधांशु भूषण महासचिव
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| कोषाध्यक्ष नीतीश कुमार |
पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में योषिता पटवर्धन उपाध्यक्ष चुनी गई. योषिता पटवर्धन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रत्याशी थी और 1765 मतों से उनको जीत मिली है। महासचिव पद पर एबीवीपी के सुधांशु भूषण ने 1647 मतों से जीत हासिल की। कोषाध्यक्ष पद पर एबीवीपी के नीतीश कुमार ने 1206 वोटों से जीत हासिल की है। संयुक्त सचिव पद पर जन अधिकार छात्र परिषद के आजाद चांद विजयी हुए है।
राजद और जदयू का खाता तक नहीं खुला
कैंपस के चुनावों में बिहार की सत्ताधारी जदयू को इस बार भी मुंह की खानी पड़ी है। पिछली बार 2012 के चुनाव में भी छात्र जदयू मुंह के बल गिर गया था। उसके बाद छात्र जदयू का नाम बदलकर छात्र समागम कर दिया गया। नाम बदलने का भी कोई फायदा छात्र जदयू को हासिल नहीं हुआ। यही स्थिति छात्र राजद की हुई। छात्र राजद को भी करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव छात्र राजद के प्रभारी है। पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में छात्र राजद की करारी हार तेज प्रताप यादव के लिए भी एक झटका है। वाम संगठनों को भी करारी हार का सामना करना पड़ाहै। वाम दलों से जुड़े छात्र संगठनों का एक ही उम्मीदवार सेंट्रल पैनल में जीत हासिल नहीं कर सका है।
छात्र संघ चुनाव में राजद का सुपरा साफ़
राजद कोई बड़ा पोस्ट पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में जीत नहीं पायी। बिहार में लोकसभा चुनाव से पहले राजद को जबर्दस्त झटका लगा। पप्पू यादव की पार्टी ने राजद और जदयू सबको पीछे छोड़ कई महत्वपूर्ण पदों पर जीत दर्ज की है। छात्र जाप के आजाद चांद संयुक्त सचिव निर्वाचित हुए है।सचिव पद के अलावा जाप ने कॉलेज काउंसिल मेम्बर के भी कई पद जीते:--
- मानसी सिन्हा(पटना विमेंस कॉलेज)
- मदीहा जावेद(पटना विमेंस कॉलेज)
- मनदीप कुमार गुप्ता(पटना सायंस कॉलेज)
- हिमांशु आर्या(पटना ट्रेनिंग कॉलेज)
अभाविप ने झोंक रखी थी ताकत
एबीवीपी ने इन चुनावों में पूरी ताकत झोंक रखी थी। सटीक रणनीति और सघन जनसंपर्क के सहारे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सभी उम्मीदवार मैदान में डटे हुए थे। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष आशीष सिन्हा भी एबीवीपी प्रत्याशियों के पक्ष में जमीन आसमान एक किए हुए थे। आशीष सिन्हा ने कैंपस में सघन जनसंपर्क अभियान चलाया था तथा विद्यार्थियों को एबीवीपी उम्मीदवारों के पक्ष में काफी गोलबंद किया था।
छात्रों ने चुनाव में भाग नहीं लिया. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पटना विवि के तीन महिला कॉलेजों को मिला कर 7961 छात्राओं में सिर्फ 2145 छात्राओं (26%) ने ही वोट किया है। यानी 5814 छात्राओं ने वोट नहीं किया, जो यह इन कॉलेजों में छात्राओं की कुल संख्या का 74% है। भले ही एबीवीपी ने पटना यूनिवर्सिटी उपाध्यक्ष, सचिव पद पर जीत हासिल की हो लेकिन टिकट नहीं मिलने से नाराज बागी निर्दलीय दिव्यांशु भारद्वाज ने एबीवीपी सहित तमाम उम्मीदवारों को हार का स्वाद चखा दिया। हालांकि पहली बार छात्र संघ चुनाव में हाथ आजमा रही छात्र जाप ने ने अपना बेहतरीन प्रदर्शन किया है। अध्यक्ष पद के दौड़ में दुसरे नंबर पर रही साथ ही संयुक्त्त सचिव पर पर अपना कब्जा भी जमाया। हालांकि राजद और जदयू छात्र को इसमें निराशा हाथ लगी।



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